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Ayodhya News: डीएम के आदेश पर एसडीएम ने की जांच, लापरवाही उजागर
Sun, 23 Aug 2026 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 23 Aug 2026 12:13 AM IST
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बेहटा। तंबौर के सिसैया दरियाना में घूर गड्ढे की आरक्षित भूमि पर कब्जे और नए पंचायत भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। पीड़ित त्रिभुवन ने इस मामले में शुक्रवार को डीएम डॉ. राजा गणपति आर से शिकायत की। डीएम ने एसडीएम विसवां को जांच के आदेश दिए। एसडीएम की जांच में प्रशासक की लापरवाही भी उजागर हुई है।
एसडीएम विसवां की जांच में सामने आया है कि इस भूमि पर कुछ ग्रामीणों ने मकान बना लिए हैं। प्रशासक की मनमानी के चलते गांव में विवाद उत्पन्न हो गया है। प्रशासक राजकुमारी और उनके पति रामनरेश इस आरक्षित भूमि (गाटा संख्या 542) पर नया पंचायत भवन बनवाना चाहते हैं। वहीं ग्रामीण दशकों से इस भूमि का उपयोग घूरा डालने के लिए करते आ रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में शासन ने पंचायत भवन के नव निर्माण के लिए धनराशि जारी की थी। इसके लिए भूमि का प्रस्ताव मांगा गया था। राजस्व कर्मी सत्येन्द्र यादव ने पंचायत भवन के लिए दरियाना गांव के उत्तर में नवीन परती भूमि का प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में दिया था।
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हालांकि, प्रशासक पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर करवाकर घूर गड्ढे की भूमि की श्रेणी परिवर्तित करवाकर वहीं भवन बनाने की कोशिश में हैं। इसी पर ग्रामीणों को एतराज है। जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि गाटा संख्या 542 के एक हिस्से पर पूर्व प्रधान प्रभुदयाल ने 1995 में एक पंचायत भवन बनवाया था। यह भवन घूर गड्ढे की आरक्षित भूमि पर होने सेजर्जर हो गया था।
कई बार मरम्मत के बावजूद इसे बचाया नहीं जा सका। बाद में नीलामी के बाद इसे गिरा दिया गया। तहसीलदार विसवां अनिल कुमार ने बताया कि डीएम को वादी और प्रतिवादी दोनों तरफ से शिकायती प्रार्थनापत्र दिए गए हैं।
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एसडीएम विसवां की जांच में सामने आया है कि इस भूमि पर कुछ ग्रामीणों ने मकान बना लिए हैं। प्रशासक की मनमानी के चलते गांव में विवाद उत्पन्न हो गया है। प्रशासक राजकुमारी और उनके पति रामनरेश इस आरक्षित भूमि (गाटा संख्या 542) पर नया पंचायत भवन बनवाना चाहते हैं। वहीं ग्रामीण दशकों से इस भूमि का उपयोग घूरा डालने के लिए करते आ रहे हैं।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में शासन ने पंचायत भवन के नव निर्माण के लिए धनराशि जारी की थी। इसके लिए भूमि का प्रस्ताव मांगा गया था। राजस्व कर्मी सत्येन्द्र यादव ने पंचायत भवन के लिए दरियाना गांव के उत्तर में नवीन परती भूमि का प्रस्ताव ग्राम पंचायत की खुली बैठक में दिया था।
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हालांकि, प्रशासक पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर करवाकर घूर गड्ढे की भूमि की श्रेणी परिवर्तित करवाकर वहीं भवन बनाने की कोशिश में हैं। इसी पर ग्रामीणों को एतराज है। जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि गाटा संख्या 542 के एक हिस्से पर पूर्व प्रधान प्रभुदयाल ने 1995 में एक पंचायत भवन बनवाया था। यह भवन घूर गड्ढे की आरक्षित भूमि पर होने सेजर्जर हो गया था।
कई बार मरम्मत के बावजूद इसे बचाया नहीं जा सका। बाद में नीलामी के बाद इसे गिरा दिया गया। तहसीलदार विसवां अनिल कुमार ने बताया कि डीएम को वादी और प्रतिवादी दोनों तरफ से शिकायती प्रार्थनापत्र दिए गए हैं।