फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Recording of five-year journey of Ram Mandir construction declared intellectual property

Ayodhya News: राम मंदिर निर्माण की पांच साल की यात्रा की रिकॉर्डिंग बौद्धिक संपदा घोषित

Tue, 19 Aug 2025 09:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Tue, 19 Aug 2025 09:01 PM IST
विज्ञापन
Recording of five-year journey of Ram Mandir construction declared intellectual property
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण की पांच साल की यात्रा की कैमरे से हो रही रिकॉर्डिंग को बौद्धिक संपदा घोषित किया गया है। इस अधिकार को शर्तों के साथ सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई), रुड़की को सौंपा जाएगा। ताकि इस सामग्री का उपयोग शिक्षण-प्रशिक्षण के साथ ही पांच वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा पर डॉक्यूमेंट्री तैयार करने में किया जा सके। डॉक्यूमेंट्री में खोदाई व सॉइल टेस्ट से लेकर प्रस्तावों और चरणबद्ध निर्माण तक की पूरी कहानी दर्ज होगी। यह जानकारी राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने मंगलवार को दी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि राम मंदिर निर्माण की गौरवशाली यात्रा अब इतिहास के पन्नों में ही नहीं, बल्कि कैमरों की आंखों से भी सुरक्षित होगी। निर्माण कार्य की हर बारीकी को दर्ज करने के लिए परिसर में पांच अत्याधुनिक टाइम लैप्स कैमरे लगाए गए हैं, जो प्रतिदिन मंदिर निर्माण की प्रगति को रिकॉर्ड कर रहे हैं। इन रिकॉर्डिंग्स को आधार बनाकर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की को पांच साल की इस विराट यात्रा पर एक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह डॉक्यूमेंट्री न केवल मंदिर निर्माण की तकनीकी और वास्तुशिल्पीय विशेषताओं को उजागर करेगी, बल्कि श्रम, समर्पण और श्रद्धा से जुड़ी पूरी गाथा को भी भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करेगी। आने वाली पीढ़ियां इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से देख सकेंगी कि किस तरह एक दिव्य, भव्य और सांस्कृतिक धरोहर का निर्माण हुआ।
विज्ञापन


निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि समीक्षा के दौरान अस्थायी मंदिर और शहीदों की स्मृति में लगाए गए ग्रेनाइट पिलर के स्वरूप पर भी विस्तार से विचार किया गया। ट्रस्ट का स्पष्ट मत है कि मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि अक्तूबर के अंत तक अधिकांश काम पूरे हो जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि दिसंबर तक शेष काम भी लक्ष्य के अनुसार पूरा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन






नृपेंद्र ने बताया कि मंगलवार सुबह 9:30 बजे तीन कंपनियों की ओर से फसाड लाइटिंग का प्रजेंटेशन किया गया। इसमें हाइब्रिड मॉडल, प्रोजेक्टर और लीनियर लाइटिंग जैसे विकल्प प्रस्तुत किए गए। अंतिम चयन के बाद इस पूरी व्यवस्था पर लगभग आठ से 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इस लाइटिंग से रात में भी मंदिर की अद्भुत नक्काशी झलकेगी। थ्री डी म्यूरल के निर्माण में एक माह की हुई देरी


उन्होंने बताया कि राम मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 तैयार होकर अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें से 70 से अधिक लगाए भी जा चुके हैं। थ्री डी मूर्तियों के निर्माण में तकरीबन 15 से 30 दिन की देरी दर्ज की गई है। यह काम अब 15 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed