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Ayodhya News: रामनवमी मेले का आगाज, छाया उल्लास
Sun, 30 Mar 2025 09:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 30 Mar 2025 09:10 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी में नव संवत्सर के साथ ही रामनवमी मेले का भी शुभारंभ हो गया है। रामनगरी के आठ हजार मंदिरों में कथा-प्रवचन व अनुष्ठानों के साथ-साथ बधाई गान गूंजने लगे हैं। रामनगरी नौ दिनों तक शक्ति उपासना में डूबी रहेगी। राम मंदिर से लेकर अन्य प्रमुख मंदिरों में अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया है। अंगद टीला परिसर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोग प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है। नया घाट पर मेला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है।
रामनवमी के पहले दिन अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुबह रामलला व हनुमानगढ़ी के दरबार में हाजिरी लगाई और शाम को मठ-मंदिरों में हो रहे अनुष्ठान में शामिल होने के लिए निकल पड़े। मठ मंदिरों में कहीं नवाह पारायण तो कहीं रामचरित मानस का पाठ हो रहा है। साथ ही कथा, प्रवचनों के जरिए भगवान राम की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। दशरथ महल में श्रीराम कथा का शुभारंभ महंत देवेंद्र प्रसादचार्य और द्वाराचार्य महंत कृपालु रामभूषण दास ने व्यास पीठ का पूजन कर किया। यहां राम की महिमा का गुणगान करते हुए डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन के उद्देश्य और दिशा को दर्शाती है। इसे सुनने से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होते हैं और प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक ऊर्जा से सशक्त हो जाता है।
एसएसपी राजकरण नय्यर ने मेला व्यवस्था के बारे में बताया कि मंदिरों में सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं। नवमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी के लिए दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
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राम मंदिर से सटे प्राचीन रंगमहल मंदिर में नवरात्र पर्व पर नौ दिवसीय विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा रविवार से हुआ। मंदिर के महंत रामशरण दास ने बताया कि मंदिर में रामचरित मानस, वाल्मीकि रामायण का नवाह पारायण शुरू हुआ है। इसके साथ ही श्रीराम के साथ-साथ मां शक्ति की भी उपासना की जा रही है। दुर्गा सप्तशती का पाठ वैदिक आचार्य कर रहे हैं। राेजाना हनुमान चालीसा के 108 पाठ का विशेष अनुष्ठान शुरू हुआ है। महंत रामशरण ने भक्तों के बीच कहा कि शक्ति उपासना का अर्थ है, अपने भीतर की शक्ति को पहचानना और उसका सही इस्तेमाल करना, जिससे देवी-देवताओं के गुण विकसित हों और नकारात्मकता दूर हो।
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रामनवमी के पहले दिन अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुबह रामलला व हनुमानगढ़ी के दरबार में हाजिरी लगाई और शाम को मठ-मंदिरों में हो रहे अनुष्ठान में शामिल होने के लिए निकल पड़े। मठ मंदिरों में कहीं नवाह पारायण तो कहीं रामचरित मानस का पाठ हो रहा है। साथ ही कथा, प्रवचनों के जरिए भगवान राम की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। दशरथ महल में श्रीराम कथा का शुभारंभ महंत देवेंद्र प्रसादचार्य और द्वाराचार्य महंत कृपालु रामभूषण दास ने व्यास पीठ का पूजन कर किया। यहां राम की महिमा का गुणगान करते हुए डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन के उद्देश्य और दिशा को दर्शाती है। इसे सुनने से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होते हैं और प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक ऊर्जा से सशक्त हो जाता है।
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एसएसपी राजकरण नय्यर ने मेला व्यवस्था के बारे में बताया कि मंदिरों में सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं। नवमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी के लिए दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
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राम मंदिर से सटे प्राचीन रंगमहल मंदिर में नवरात्र पर्व पर नौ दिवसीय विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा रविवार से हुआ। मंदिर के महंत रामशरण दास ने बताया कि मंदिर में रामचरित मानस, वाल्मीकि रामायण का नवाह पारायण शुरू हुआ है। इसके साथ ही श्रीराम के साथ-साथ मां शक्ति की भी उपासना की जा रही है। दुर्गा सप्तशती का पाठ वैदिक आचार्य कर रहे हैं। राेजाना हनुमान चालीसा के 108 पाठ का विशेष अनुष्ठान शुरू हुआ है। महंत रामशरण ने भक्तों के बीच कहा कि शक्ति उपासना का अर्थ है, अपने भीतर की शक्ति को पहचानना और उसका सही इस्तेमाल करना, जिससे देवी-देवताओं के गुण विकसित हों और नकारात्मकता दूर हो।