{"_id":"67c5dea21dac7356f90d33bc","slug":"ramlalas-daily-routine-became-normal-after-33-days-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-125736-2025-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: 33 दिन बाद सामान्य हुई रामलला की दिनचर्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: 33 दिन बाद सामान्य हुई रामलला की दिनचर्या
Mon, 03 Mar 2025 10:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 03 Mar 2025 10:23 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। रामलला की दिनचर्या 33 दिनों बाद सामान्य हुई। मौनी अमावस्या यानी 29/30 जनवरी से ही रामलला सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक निरंतर भक्तों को दर्शन दे रहे थे। महाकुंभ मेले के चलते उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण राग-भोग व आरती भी प्रभावित हुई थी। अब श्रद्धालुओं की भीड़ कम हुई तो उनकी दिनचर्या सामान्य हुई। सोमवार को रामलला ने भक्तों को 15 घंटे दर्शन दिए।
सोमवार से रामलला के दर्शन व आरती के समय में बदलाव कर दिया गया। रामलला की मंगला आरती चार बजे हुई। इसके बाद सुबह छह बजे शृंगार आरती उतारी गई। 6:30 बजे मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया गया। इसके बाद 11:50 तक निरंतर दर्शन हुए। 11:50 से 12 बजे तक रामलला को राजभोग अर्पित किया गया। 12 बजे भोग आरती संपन्न की गई। 12 से 12:30 बजे तक फिर दर्शन हुए। दोपहर एक बजे फिर मंदिर खुला और 6:50 बजे तक निरंतर दर्शन हुआ। सात बजे रामलला को भोग अर्पित कर संध्या आरती उतारी गई। इस दौरान 10 मिनट के लिए पट बंद रहा।
संध्या आरती के बाद शाम सात बजे से रात 9:45 बजे तक श्रद्धालुओं को रामलला ने दर्शन दिया। राम जन्मभूमि पथ से श्रद्धालुओं का प्रवेश 9:30 बजे बंद कर दिया गया। जो श्रद्धालु अंदर पहुंच गए थे उन्हें दर्शन कराया गया। रात 9:45 बजे से रात 10 बजे तक रामलला को रात का भोग अर्पित किया गया। रात 10 से 10:15 बजे तक शयन आरती के बाद मंदिर बंद कर दिया गया।
विज्ञापन
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि भीड़ के चलते रामलला की दिनचर्या बदलनी पड़ी थी। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन मिल जाए इसलिए मंदिर सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक खोला जा रहा था। भीड़ नियंत्रण के लिए निकासी का नया मार्ग खोलना पड़ा। अब भीड़ सामान्य हो गई है। इस समय रोजाना एक लाख श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर रहे हैं। इसलिए रामलला के दर्शन की अवधि में बदलाव किया गया है ताकि उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके।
विज्ञापन
सोमवार से रामलला के दर्शन व आरती के समय में बदलाव कर दिया गया। रामलला की मंगला आरती चार बजे हुई। इसके बाद सुबह छह बजे शृंगार आरती उतारी गई। 6:30 बजे मंदिर दर्शन के लिए खोल दिया गया। इसके बाद 11:50 तक निरंतर दर्शन हुए। 11:50 से 12 बजे तक रामलला को राजभोग अर्पित किया गया। 12 बजे भोग आरती संपन्न की गई। 12 से 12:30 बजे तक फिर दर्शन हुए। दोपहर एक बजे फिर मंदिर खुला और 6:50 बजे तक निरंतर दर्शन हुआ। सात बजे रामलला को भोग अर्पित कर संध्या आरती उतारी गई। इस दौरान 10 मिनट के लिए पट बंद रहा।
विज्ञापन
संध्या आरती के बाद शाम सात बजे से रात 9:45 बजे तक श्रद्धालुओं को रामलला ने दर्शन दिया। राम जन्मभूमि पथ से श्रद्धालुओं का प्रवेश 9:30 बजे बंद कर दिया गया। जो श्रद्धालु अंदर पहुंच गए थे उन्हें दर्शन कराया गया। रात 9:45 बजे से रात 10 बजे तक रामलला को रात का भोग अर्पित किया गया। रात 10 से 10:15 बजे तक शयन आरती के बाद मंदिर बंद कर दिया गया।
विज्ञापन
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि भीड़ के चलते रामलला की दिनचर्या बदलनी पड़ी थी। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन मिल जाए इसलिए मंदिर सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक खोला जा रहा था। भीड़ नियंत्रण के लिए निकासी का नया मार्ग खोलना पड़ा। अब भीड़ सामान्य हो गई है। इस समय रोजाना एक लाख श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर रहे हैं। इसलिए रामलला के दर्शन की अवधि में बदलाव किया गया है ताकि उन्हें पर्याप्त आराम मिल सके।