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Ayodhya News: घटिया खड़ंजा निर्माण का विरोध, जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर दोबारा की शिकायत
Wed, 05 Aug 2026 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:26 PM IST
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जाना बाजार। तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत रौहारी में मनरेगा के तहत करीब 4.5 लाख रुपये की लागत से बने 300 मीटर लंबे खड़ंजा निर्माण में घटिया ईंटों के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने बीडीओ और डीसी मनरेगा की जांच रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर दोबारा शिकायत दर्ज कराई है।
करीब एक माह पहले ग्रामीणों ने ग्राम प्रशासक अजय यादव और सचिव रामनयन यादव पर निर्माण कार्य में मानक विहीन ईंटों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए बीडीओ तारुन से शिकायत की थी। जांच में बीडीओ ने आरोप सही पाए और 25 मीटर खड़ंजा उखाड़कर नई ईंटों से निर्माण कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश का पालन नहीं किया गया।
बाद में मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत की जांच डीसी मनरेगा उपेंद्र कुमार पाठक ने अपनी टीम के साथ की। जांच के दौरान उन्होंने भी कई स्थानों पर घटिया ईंटों के प्रयोग और इंटरलॉकिंग के बीच बनी नाली पर टूटी पटिया पाई। उन्होंने ग्राम प्रशासक और सचिव को फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर 45 मीटर खड़ंजा उखाड़कर दोबारा बनाने तथा टूटी पटियों की जगह चार इंच मोटी नई पटिया लगाने के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेज दी गई।
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हालांकि शिकायतकर्ताओं ने इस रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए असंतोष जताया। उनका कहना है कि केवल शुरुआती 45 मीटर नहीं, बल्कि लगभग 250 मीटर खड़ंजा घटिया ईंटों से बनाया गया है और नाली की टूटी पटियां भी अब तक नहीं बदली गई हैं। इसी आधार पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर पुनः शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।
डीसी मनरेगा उपेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट संबंधित पोर्टल पर भेज दी है। जांच अधिकारी होने के कारण वह इससे अधिक टिप्पणी नहीं कर सकते।
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करीब एक माह पहले ग्रामीणों ने ग्राम प्रशासक अजय यादव और सचिव रामनयन यादव पर निर्माण कार्य में मानक विहीन ईंटों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए बीडीओ तारुन से शिकायत की थी। जांच में बीडीओ ने आरोप सही पाए और 25 मीटर खड़ंजा उखाड़कर नई ईंटों से निर्माण कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश का पालन नहीं किया गया।
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बाद में मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत की जांच डीसी मनरेगा उपेंद्र कुमार पाठक ने अपनी टीम के साथ की। जांच के दौरान उन्होंने भी कई स्थानों पर घटिया ईंटों के प्रयोग और इंटरलॉकिंग के बीच बनी नाली पर टूटी पटिया पाई। उन्होंने ग्राम प्रशासक और सचिव को फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के भीतर 45 मीटर खड़ंजा उखाड़कर दोबारा बनाने तथा टूटी पटियों की जगह चार इंच मोटी नई पटिया लगाने के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री पोर्टल पर भेज दी गई।
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हालांकि शिकायतकर्ताओं ने इस रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए असंतोष जताया। उनका कहना है कि केवल शुरुआती 45 मीटर नहीं, बल्कि लगभग 250 मीटर खड़ंजा घटिया ईंटों से बनाया गया है और नाली की टूटी पटियां भी अब तक नहीं बदली गई हैं। इसी आधार पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर पुनः शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और पूरे निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।
डीसी मनरेगा उपेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट संबंधित पोर्टल पर भेज दी है। जांच अधिकारी होने के कारण वह इससे अधिक टिप्पणी नहीं कर सकते।