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Ayodhya News: उत्सवों की नगरी में अब परमोत्सव की झलक
Wed, 19 Nov 2025 09:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 19 Nov 2025 09:15 PM IST
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04-रामलला का दर्शन कर बाहर आते श्रद्धालुगण।-संवाद
अयोध्या। उत्सवों की नगरी अयोध्या में अब ध्वजारोहण कार्यक्रम के परमोत्सव की झलक दिख रही है। मंदिर परिसर से लेकर समूची अयोध्या को सजाया-संवारा जा रहा है। यह नजारे देखकर ऐसी अनुभूति हो रही है मानो अयोध्या ने अपनी प्राचीन दिव्यता को पुनर्जीवित कर लिया है।
सदियों से उपेक्षा का दंश झेल रही रामनगरी वीरान सी हो गई थी। कुछ विशेष अवसरों पर ही इसकी भव्यता उभरती थी। पांच अगस्त, 2020 को रामलला के आशियाने की नींव रखने के साथ नई अयोध्या की आधारशिला भी रखी गई। 22 जनवरी, 2024 को रामलला अपने गर्भगृह में विराजमान हुए तो यहां की गलियां भी उल्लास और उमंग से भर उठीं। तमाम विकास कार्यों से समूची अयोध्या अपनी अलौकिकता को ग्रहण करने लगी।
अब रामनगरी में उत्सवों की यह धूम परमोत्सव में बदलने जा रही है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक राम मंदिर अपनी पूर्णता को पा चुका है। 25 नवंबर को यहां ध्वजारोहण होना है, जिसकी तैयारी युद्धस्तर पर हो रही है। मंदिर परिसर का कोना-कोना चमकाया जा रहा है। गर्भगृह समेत सभी पूरक मंदिरों में साफ-सफाई तेज है। परिसर को विशेष किस्म के फूलों से सजाया जाएगा। मंदिर के प्रवेश मार्गों पर आकर्षक सजावट होगी। प्रवेश मार्गों का नामकरण किया जा रहा है।
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मंदिर के सभी मार्गों पर पेंटिंग और सजावट शुरू है। प्रमुख मार्गों पर खराब लाइटें बदली जा रही हैं। जगह-जगह जयश्रीराम के बैनर, भगवान की होर्डिंग, भगवा ध्वज आदि लग रहे हैं। दुकानों पर धार्मिक झंडे और राम दरबार की तस्वीरों की खरीद बढ़ गई है। मंदिर से सटे आसपास के सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान चल रहा है। भक्तिपथ और रामपथ पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। भक्तिभाव के संगम में डूबी रामनगरी मंदिर की पूर्णता का आभास करा रही है।
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सदियों से उपेक्षा का दंश झेल रही रामनगरी वीरान सी हो गई थी। कुछ विशेष अवसरों पर ही इसकी भव्यता उभरती थी। पांच अगस्त, 2020 को रामलला के आशियाने की नींव रखने के साथ नई अयोध्या की आधारशिला भी रखी गई। 22 जनवरी, 2024 को रामलला अपने गर्भगृह में विराजमान हुए तो यहां की गलियां भी उल्लास और उमंग से भर उठीं। तमाम विकास कार्यों से समूची अयोध्या अपनी अलौकिकता को ग्रहण करने लगी।
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अब रामनगरी में उत्सवों की यह धूम परमोत्सव में बदलने जा रही है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक राम मंदिर अपनी पूर्णता को पा चुका है। 25 नवंबर को यहां ध्वजारोहण होना है, जिसकी तैयारी युद्धस्तर पर हो रही है। मंदिर परिसर का कोना-कोना चमकाया जा रहा है। गर्भगृह समेत सभी पूरक मंदिरों में साफ-सफाई तेज है। परिसर को विशेष किस्म के फूलों से सजाया जाएगा। मंदिर के प्रवेश मार्गों पर आकर्षक सजावट होगी। प्रवेश मार्गों का नामकरण किया जा रहा है।
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मंदिर के सभी मार्गों पर पेंटिंग और सजावट शुरू है। प्रमुख मार्गों पर खराब लाइटें बदली जा रही हैं। जगह-जगह जयश्रीराम के बैनर, भगवान की होर्डिंग, भगवा ध्वज आदि लग रहे हैं। दुकानों पर धार्मिक झंडे और राम दरबार की तस्वीरों की खरीद बढ़ गई है। मंदिर से सटे आसपास के सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान चल रहा है। भक्तिपथ और रामपथ पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। भक्तिभाव के संगम में डूबी रामनगरी मंदिर की पूर्णता का आभास करा रही है।