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Ayodhya News: आठ घंटे नो मोबाइल, घर से बात के लिए सेवा केंद्र का सहारा
Fri, 02 Oct 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:12 AM IST
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अयोध्या। राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात करीब 440 निजी सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी के आठ घंटे मोबाइल फोन से दूरी रहेगी। ड्यूटी शुरू होने से पहले मोबाइल जमा होगा और शिफ्ट पूरी होने के बाद ही वापस मिलेगा। परिवार में किसी आपात स्थिति में संपर्क के लिए कर्मियों ने परिजनों को यात्री सेवा केंद्र का आधिकारिक नंबर दिया है। परिजन इस नंबर पर सूचना देकर संबंधित सुरक्षाकर्मी तक संदेश पहुंचा सकेंगे।
राम मंदिर के नए सीईओ जितेंद्र मिश्र ने यह व्यवस्था लागू की है। मंदिर परिसर में एसआईएस के करीब 350 और बीपीआईएस के करीब 90 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। यात्री सुविधा केंद्र, सेवा केंद्र, दर्शन मार्ग समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उनकी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट लगती है। मोबाइल प्रतिबंध का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान ध्यान भटकने से रोकना है।
कर्मचारियों का सत्यापन भी कराया जा रहा
सुरक्षाकर्मियों की फेस रीडिंग से हाजिरी दर्ज हो रही है। इससे ड्यूटी पर समय से पहुंचने और पूरी शिफ्ट तैनात रहने की निगरानी की जा रही है। सीईओ ने मंदिर में तैनात कर्मचारियों की स्क्रीनिंग के साथ सत्यापन और पुलिस वेरीफिकेशन भी शुरू कराया है।
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निगरानी में ढिलाई की मिली थी शिकायत
ड्यूटी के दौरान मोबाइल में व्यस्त रहने, श्रद्धालुओं की मदद नहीं करने और खराब व्यवहार की शिकायतें मिली थीं। सुरक्षा प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी होती है। शिकायतों के बाद नई व्यवस्था लागू की गई है।
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राम मंदिर के नए सीईओ जितेंद्र मिश्र ने यह व्यवस्था लागू की है। मंदिर परिसर में एसआईएस के करीब 350 और बीपीआईएस के करीब 90 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। यात्री सुविधा केंद्र, सेवा केंद्र, दर्शन मार्ग समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उनकी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट लगती है। मोबाइल प्रतिबंध का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान ध्यान भटकने से रोकना है।
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कर्मचारियों का सत्यापन भी कराया जा रहा
सुरक्षाकर्मियों की फेस रीडिंग से हाजिरी दर्ज हो रही है। इससे ड्यूटी पर समय से पहुंचने और पूरी शिफ्ट तैनात रहने की निगरानी की जा रही है। सीईओ ने मंदिर में तैनात कर्मचारियों की स्क्रीनिंग के साथ सत्यापन और पुलिस वेरीफिकेशन भी शुरू कराया है।
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निगरानी में ढिलाई की मिली थी शिकायत
ड्यूटी के दौरान मोबाइल में व्यस्त रहने, श्रद्धालुओं की मदद नहीं करने और खराब व्यवहार की शिकायतें मिली थीं। सुरक्षा प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी होती है। शिकायतों के बाद नई व्यवस्था लागू की गई है।