{"_id":"6a3eb502d9141f50ea03fb87","slug":"nation-building-will-be-achieved-only-through-children-instilled-with-good-values-ayodhya-news-c-97-1-ayo1044-152679-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: संस्कारित बालकों से ही होगा राष्ट्र निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: संस्कारित बालकों से ही होगा राष्ट्र निर्माण
Fri, 26 Jun 2026 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:51 PM IST
विज्ञापन
गायत्री शक्तिपीठ रामकोट में आयोजित बाल संस्कारशाला में मौजूद लोग।
अयोध्या। गायत्री शक्तिपीठ रामकोट में युग निर्माण योजना के तहत शुक्रवार को बाल संस्कारशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाल संस्कारशाला विस्तार एवं युवाओं की युग निर्माण में भूमिका विषय पर एक संगोष्ठी हुई। वक्ताओं ने संस्कारित बालकों और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्य वक्ता देवा विश्वकर्मा ने युवाओं से युग निर्माण मिशन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कारित बालकों द्वारा ही राष्ट्र का निर्माण होगा, क्योंकि आज का बालक ही कल का युवा है। विशिष्ट अतिथि पूर्णिमा ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संस्कारवान और चरित्रवान युवा जिस समाज में होंगे, वह समाज सदैव आगे बढ़ेगा। मीडिया प्रभारी नीलम मिश्रा ने जानकारी दी कि बच्चों ने अपने प्रेरक अनुभव साझा किए। परशुरामपुर की दस वर्षीय सौम्या और अंबेडकर नगर की आरोही ने बाल संस्कारशालाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी से अपने बच्चों को इन संस्कारशालाओं से जोड़ने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में श्रेया, आस्था, मुस्कान और आशा दीदी द्वारा प्रस्तुत प्रज्ञा गीतों ने सभी को प्रेरित किया। यह पूरा कार्यक्रम ज्योति कुंज के प्रतिनिधि दुर्गेश गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन ज्योति कुंज के प्रतिनिधि अरुण कुमार ने किया। इस अवसर पर व्यवस्थापक रामकेवल यादव, डॉ एस बी सिंह, मुकेश श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य वक्ता देवा विश्वकर्मा ने युवाओं से युग निर्माण मिशन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कारित बालकों द्वारा ही राष्ट्र का निर्माण होगा, क्योंकि आज का बालक ही कल का युवा है। विशिष्ट अतिथि पूर्णिमा ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संस्कारवान और चरित्रवान युवा जिस समाज में होंगे, वह समाज सदैव आगे बढ़ेगा। मीडिया प्रभारी नीलम मिश्रा ने जानकारी दी कि बच्चों ने अपने प्रेरक अनुभव साझा किए। परशुरामपुर की दस वर्षीय सौम्या और अंबेडकर नगर की आरोही ने बाल संस्कारशालाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी से अपने बच्चों को इन संस्कारशालाओं से जोड़ने का आग्रह किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में श्रेया, आस्था, मुस्कान और आशा दीदी द्वारा प्रस्तुत प्रज्ञा गीतों ने सभी को प्रेरित किया। यह पूरा कार्यक्रम ज्योति कुंज के प्रतिनिधि दुर्गेश गुप्ता के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन ज्योति कुंज के प्रतिनिधि अरुण कुमार ने किया। इस अवसर पर व्यवस्थापक रामकेवल यादव, डॉ एस बी सिंह, मुकेश श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विज्ञापन