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Ayodhya News: बनास डेयरी और कृषि विवि के बीच हुआ एमओयू
Mon, 16 Feb 2026 09:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 16 Feb 2026 09:15 PM IST
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कुमारगंज। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय और गुजरात की बनास डेयरी के बीच सोमवार को समझौता हुआ। कृषि यूनिवर्सिटी की ओर से कुलपति डाॅ. बिजेंद्र सिंह एवं गुजरात विधान सभा स्पीकर व बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकर चौधरी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। गुजरात में हुए इस समझौते के मौके पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं।
बनास डेयरी एशिया की सबसे बड़ी डेयरी है जो विश्वविद्यालय और संस्थान के मध्य शिक्षा, शोध एवं प्रसार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगी। कृषि विवि के वैज्ञानिकों को डेयरी के क्षेत्र में विशेष जानकारियां प्राप्त होंगी जो वैज्ञानिक अपने प्रदेश के किसानों के साथ साझा कर सकेंगे। इससे किसानों की आय दोगुनी करने में भी मदद मिलेगी। वैज्ञानिक दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों, पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के नए तरीकों, गोबर से ऊर्जा उत्पादन, दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के नए तकनीकों को विकसित कर सकेंगे। यही नहीं विवि के वैज्ञानिक भ्रूण के विकास के लिए उपयुक्त वातावरण, भ्रूण संरक्षण की तकनीक का उपयोग कर भ्रूण को सुरक्षित रखने की बारीकियों को भी परखेंगे। वैज्ञानिकों को भ्रूण पर अनुसंधान करने का भी मौका मिलेगा जिससे पशुओं की गुणवत्ता में सुधार और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा सके। अपने कार्यकाल के अंत में जाते-जाते कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर बनास डेयरी से एमओयू किया जो आने वाले समय में विश्वविद्यालय परिवार के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा।
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बनास डेयरी एशिया की सबसे बड़ी डेयरी है जो विश्वविद्यालय और संस्थान के मध्य शिक्षा, शोध एवं प्रसार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगी। कृषि विवि के वैज्ञानिकों को डेयरी के क्षेत्र में विशेष जानकारियां प्राप्त होंगी जो वैज्ञानिक अपने प्रदेश के किसानों के साथ साझा कर सकेंगे। इससे किसानों की आय दोगुनी करने में भी मदद मिलेगी। वैज्ञानिक दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों, पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के नए तरीकों, गोबर से ऊर्जा उत्पादन, दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के नए तकनीकों को विकसित कर सकेंगे। यही नहीं विवि के वैज्ञानिक भ्रूण के विकास के लिए उपयुक्त वातावरण, भ्रूण संरक्षण की तकनीक का उपयोग कर भ्रूण को सुरक्षित रखने की बारीकियों को भी परखेंगे। वैज्ञानिकों को भ्रूण पर अनुसंधान करने का भी मौका मिलेगा जिससे पशुओं की गुणवत्ता में सुधार और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा सके। अपने कार्यकाल के अंत में जाते-जाते कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर बनास डेयरी से एमओयू किया जो आने वाले समय में विश्वविद्यालय परिवार के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा।
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