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Ayodhya News: किसी अनाड़ी के ऑपरेशन करने से हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत
Wed, 22 May 2024 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 22 May 2024 11:07 PM IST
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देवांश हॉस्पिटल।
- फोटो : संवाद
अयोध्या। साल भर से लगातार सुर्खियों में रहने वाले देवांश अस्पताल में अनाधिकृत और अनाड़ी व्यक्ति ने महिला का सिजेरियन प्रसव कराया था। इसके बाद ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल प्रबंधन दोषी मिला है, जिस पर विधिक कार्रवाई के लिए जांच टीम ने संस्तुति कर दी है। शीघ्र ही अस्पताल को सील करके कठोर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है।
बीकापुर तहसील क्षेत्र के ससौली कोछा बाजार निवासी अमित कुमार पत्नी महिमा को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल ले गए थे। वहां हालत खराब होने पर चिकित्सकों ने रेफर कर दिया तो निजी एंबुलेंस चालक ने देवांश अस्पताल की साक्षी तिवारी से फोन पर बात कराया। उन्होंने अच्छे इलाज का दावा करके बुलाया तो मरीज को लेकर वह देवांश अस्पताल चले गए।
14 मार्च की दोपहर में ऑपरेशन से महिमा ने पुत्र को जन्म दिया। बच्चे की हालत उस समय खराब बताई गई तो उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पांचवें दिन बच्चे की मौत हो गई। इसी बीच महिमा की हालत भी खराब हुई तो उसे लखनऊ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान महिमा की भी मौत हो गई। पीड़ित ने देवांश अस्पताल में गलत इलाज करने का आरोप लगाकर सीएमओ से शिकायत की तो मामले की जांच कराई गई।
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जांच में मिला कि अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के लिए कोई भी सर्जन इंपैनल नहीं है, बल्कि अनाधिकृत और अनाड़ी व्यक्ति ने महिला का सिजेरियन प्रसव किया था। अस्पताल इसके लिए न सक्षम है ना ही अधिकृत है। अस्पताल के मुख्य बोर्ड पर आईसीयू और आईवीएफ की सुविधा दर्शाई गई है। इस सुविधा के लिए भी अस्पताल इंपैनल और अधिकृत नहीं है। इस अस्पताल के अनाधिकृत इलाज को रोकने के लिए अस्पताल को तत्काल बंद कराने व अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की जांच टीम ने संस्तुति की है।
सीएमओ डॉ. संजय जैन ने बताया कि जांच टीम ने अपनी आख्या भेज दी है। देवांश हॉस्पिटल सिजेरियन प्रसव के लिए अधिकृत नहीं है। यह घोर लापरवाही है। इसलिए अस्पताल बंद करवाकर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बीकापुर तहसील क्षेत्र के ससौली कोछा बाजार निवासी अमित कुमार पत्नी महिमा को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल ले गए थे। वहां हालत खराब होने पर चिकित्सकों ने रेफर कर दिया तो निजी एंबुलेंस चालक ने देवांश अस्पताल की साक्षी तिवारी से फोन पर बात कराया। उन्होंने अच्छे इलाज का दावा करके बुलाया तो मरीज को लेकर वह देवांश अस्पताल चले गए।
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14 मार्च की दोपहर में ऑपरेशन से महिमा ने पुत्र को जन्म दिया। बच्चे की हालत उस समय खराब बताई गई तो उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पांचवें दिन बच्चे की मौत हो गई। इसी बीच महिमा की हालत भी खराब हुई तो उसे लखनऊ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान महिमा की भी मौत हो गई। पीड़ित ने देवांश अस्पताल में गलत इलाज करने का आरोप लगाकर सीएमओ से शिकायत की तो मामले की जांच कराई गई।
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जांच में मिला कि अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के लिए कोई भी सर्जन इंपैनल नहीं है, बल्कि अनाधिकृत और अनाड़ी व्यक्ति ने महिला का सिजेरियन प्रसव किया था। अस्पताल इसके लिए न सक्षम है ना ही अधिकृत है। अस्पताल के मुख्य बोर्ड पर आईसीयू और आईवीएफ की सुविधा दर्शाई गई है। इस सुविधा के लिए भी अस्पताल इंपैनल और अधिकृत नहीं है। इस अस्पताल के अनाधिकृत इलाज को रोकने के लिए अस्पताल को तत्काल बंद कराने व अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की जांच टीम ने संस्तुति की है।
सीएमओ डॉ. संजय जैन ने बताया कि जांच टीम ने अपनी आख्या भेज दी है। देवांश हॉस्पिटल सिजेरियन प्रसव के लिए अधिकृत नहीं है। यह घोर लापरवाही है। इसलिए अस्पताल बंद करवाकर संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।