महाशिवरात्रि: अयोध्या में उमड़े लाखों लोग, भोले बाबा को लगी हल्दी; ट्रैफिक को लेकर कड़े हुए प्रतिबंध
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि का त्योहार बुधवार को पूरी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर राम नगरी में लाखों लोगों के आने की संभावना है।
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हर हर महादेव... के उद्घोष के साथ बुधवार को रामनगरी में महाशिवरात्रि का उल्लास बिखरेगा। इसके लिए शिवालयों को भव्यता प्रदान की गई है। आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में शिवभक्त अयोध्या पहुंचकर शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पूजन-अर्चन कर अपनी आस्था अर्पित करेंगे। मंगलवार को रामनगरी में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा है। महाशिवरात्रि पर 15 लाख श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। वहीं भोले बाबा को मंगलवार को हल्दी लगाई गई, बुधवार को भव्य बरात निकलेगी।
मंगलवार को करीब आठ लाख श्रद्धालुओं दर्शन पूजन किया। राम मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। सुबह पांच बजे से ही मंदिर में दर्शन शुरु हो गया। करीब तीन लाख लोगों ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही।
महाशिवरात्रि पर राम की पैड़ी पर स्थित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर सुबह तीन बजे से ही खोल दिया जाएगा। मंदिर के व्यवस्थापक सभापति तिवारी ने बताया कि मंगलवार को भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया। विवाह के अन्य लोकाचार पूरे किए गए। बुधवार रात मंदिर से भव्य शिव बरात निकलेगी। इस बरात का क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर स्वागत किया जाएगा। रात में भगवान भोलेनाथ का धूमधाम से विवाह होगा।
वहीं मंगलवार को भीड़ बढ़ी तो बंदिशें पहले की तरह कर दी गई। जो कट सोमवार को खोले गए थे मंगलवार को उन्हें फिर बंद कर दिया गया। रामपथ को पूरी तरीके से सील कर दिया गया है। राम पथ पर श्रद्धालुओं के अलावा किसी को आने जाने की अनुमति नहीं है। अयोध्या धाम में चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरीके से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, सीसीटीवी व ड्रोन कैमरा से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। कपिलगंज बाजार भी मंगलवार को फिर बंद हो गई। इस तरफ जाने वाले मार्ग पर फिर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
शिव बरात के मार्ग में आंशिक परिवर्तन
नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने व रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनजर जिला प्रशासन ने शिव बरात में भीड़ कम करने के लिए मंदिर के प्रबंधकों को राजी कर लिया है। सीओ आशुतोष तिवारी के मुताबिक मंदिर के प्रबंधतंत्र से बातचीत हुई है। तय किया गया है कि शिव बरात रात को देर से उस समय निकली लाए, जब रामपथ पर भीड़ का दबाव कम रहे। साथ ही शिव बरात के लौटते समय इसके रूट को शॉर्ट किए जाने की वात तय हुई। नागेश्वरनाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक सभापति तिवारी के प्रार्थना पत्र पर जारी अनुमति पत्र के मुताबिक शिव बरात नागेश्वरनाथ मंदिर से निकल कर राम की पैड़ी, गांधी आश्रम, तुलसी उद्यान होते हुए पोस्ट ऑफिस तिराहा से होते हुए हनुमानगढ़ी और क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेगी। वापसी में हनुमानगढ़ी चौराहा, दशरथ महल, कनक भवन, वेद मंदिर से कटरा पुलिस चौकी होते हुए अशर्फी भवन, गोला बाजार चौराहा से होकर तुलसी उद्यान वापस आएगी।
रूद्राभिषेक से मिलेगी अप्रत्याशित सफलता
आचार्य शिवेंद्र बताते हैं कि इस बार महाशिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि व त्रिग्रही योग भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करेगा। वहीं शनि प्रदोष शनिदेव की कृपा बरसाएगा। शिव पुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात में रूद्राभिषेक करने से भक्त को अप्रत्याशित सफलता और लाभ मिलता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों को गन्ने के रस, नौकरी व कार्यक्षेत्र में सफलता के लिए घी व शहद से अभिषेक करना चाहिए। दूध व गंगा जल से अभिषेक करना भी लाभकारी माना गया है। शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से मंगल का दुष्प्रभाव समाप्त होता है।