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Ayodhya News: घर-घर विराजीं मां दुर्गा, मंदिरों में भव्य श्रृंगार
Sun, 30 Mar 2025 09:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 30 Mar 2025 09:13 PM IST
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अयोध्या। चैत्र नवरात्र के पहले दिन रविवार को घरों और मंदिरों में कलश स्थापना के साथ मां के प्रथम शैलपुत्री रूप की पूजा हुई। या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यैः नमस्तस्यैः नमो नमः... के मंत्रों से मां का आह्वान किया गया। रामनगरी शक्ति उपासना में अब नौ दिनों तक लीन रहेगी। शहर के तमाम देवी मंदिरों में मां का भव्य श्रृंगारकर दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चला।
सुबह से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मंदिर परिसर भक्ति भजनों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। बड़ी देवकाली मंदिर में जहां भगवान राम की कुलदेवी के दर्शन के लिए भक्तों ने घंटों इंतजार किया, वहीं छोटी देवकाली मंदिर में माता सीता की कुलदेवी के प्रति आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में फूल, प्रसाद और श्रद्धा अर्पित की। कई भक्तों ने नवरात्रि के पहले दिन व्रत रखकर माता की विशेष पूजा की।
पाटेश्वरी मंदिर, शीतला माता मंदिर, चौक स्थित हट्ठी महारानी, छोटी देवकाली, जालपा देवी सहित अन्य मंदिरों में दर्शन- पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। छोटी देवकाली मंदिर में रात में 1051 बत्ती की महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बाबा बाजार के गोमती तट स्थित घने जंगल में पिंडी के रूप में विराजमान शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर में रौनक बढ़ गई है। गोमती तट पर प्रतिदिन शाम को इंद्रेश कौशिक के सानिध्य में संध्या आरती शाम छह बजे होती है जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं। दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय में मां कामाख्या भवानी का जिक्र है।
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सुबह से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मंदिर परिसर भक्ति भजनों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। बड़ी देवकाली मंदिर में जहां भगवान राम की कुलदेवी के दर्शन के लिए भक्तों ने घंटों इंतजार किया, वहीं छोटी देवकाली मंदिर में माता सीता की कुलदेवी के प्रति आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में फूल, प्रसाद और श्रद्धा अर्पित की। कई भक्तों ने नवरात्रि के पहले दिन व्रत रखकर माता की विशेष पूजा की।
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पाटेश्वरी मंदिर, शीतला माता मंदिर, चौक स्थित हट्ठी महारानी, छोटी देवकाली, जालपा देवी सहित अन्य मंदिरों में दर्शन- पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। छोटी देवकाली मंदिर में रात में 1051 बत्ती की महाआरती में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बाबा बाजार के गोमती तट स्थित घने जंगल में पिंडी के रूप में विराजमान शक्तिपीठ मां कामाख्या मंदिर में रौनक बढ़ गई है। गोमती तट पर प्रतिदिन शाम को इंद्रेश कौशिक के सानिध्य में संध्या आरती शाम छह बजे होती है जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं। दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय में मां कामाख्या भवानी का जिक्र है।
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