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Ayodhya News: पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
Fri, 25 Sep 2026 11:21 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:21 PM IST
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अयोध्या। पत्नी नफीसा बानो की हत्या और साक्ष्य छिपाने के दोषी मोहम्मद शाहिद को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसला शुक्रवार को सुनाया गया।
अभियोजन के अनुसार, शाहिद ने 22 जुलाई 2024 को पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया और साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया। मृतका की बड़ी बेटी ने अदालत में बताया कि उसके पिता नशे के आदी थे और अक्सर मां के साथ मारपीट करते थे।
न्यायालय ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये तथा साक्ष्य छिपाने के मामले में तीन वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माने की आधी धनराशि मृतका की तीनों नाबालिग पुत्रियों को देने का आदेश दिया गया है।
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पुलिस जांच में पोल्ट्री फार्म का सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य बना। 22 जुलाई की रात करीब 11 बजे की फुटेज में शाहिद सफेद बोरी में पत्नी का शव मोपेड पर ले जाता दिखाई दिया था। यही फुटेज अभियोजन के लिए अहम साबित हुई।
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अभियोजन के अनुसार, शाहिद ने 22 जुलाई 2024 को पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया और साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया। मृतका की बड़ी बेटी ने अदालत में बताया कि उसके पिता नशे के आदी थे और अक्सर मां के साथ मारपीट करते थे।
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न्यायालय ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये तथा साक्ष्य छिपाने के मामले में तीन वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माने की आधी धनराशि मृतका की तीनों नाबालिग पुत्रियों को देने का आदेश दिया गया है।
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पुलिस जांच में पोल्ट्री फार्म का सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य बना। 22 जुलाई की रात करीब 11 बजे की फुटेज में शाहिद सफेद बोरी में पत्नी का शव मोपेड पर ले जाता दिखाई दिया था। यही फुटेज अभियोजन के लिए अहम साबित हुई।