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Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में शामिल थे 67 लोग
Sat, 26 Sep 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:15 AM IST
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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कथित चोरी का मामला अब बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। चार्जशीट में दर्ज बयानों के मुताबिक, गणना कक्ष में कई दिनों से चोरी किए जाने की बात सामने आई थी और इसमें 67 लड़कों के शामिल होने का जिक्र है। मामला उस समय सामने आया, जब निगरानी के दौरान एक गणना कर्मी को नोटों की गड्डी हटाते देखे जाने के बाद चेकिंग शुरू हुई। इसी दौरान कथित तौर पर रकम बाथरूम में छिपा दी गई। तलाशी में वहां से 2.25 लाख रुपये बरामद हुए।
गणना कक्ष से चोरी की पहली सूचना तत्कालीन महासचिव चंपत राय तक वीडियो और लिखित संदेश के जरिये पहुंची थी। चार्जशीट में दर्ज चंपत राय के बयान के मुताबिक, चार जून को दिल्ली से अयोध्या आते समय आनंद कुमार चौधरी ने उन्हें व्हाट्सएप पर गणना कक्ष के बाथरूम से बरामद 2.25 लाख रुपये का वीडियो और लिखित संदेश भेजा था। उन्हें बताया गया था कि कुछ लड़के कई दिनों से चोरी कर रहे हैं और इसमें 67 लड़कों के शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, चार्जशीट के इस अंश में 67 की संख्या के आधार का विस्तृत उल्लेख नहीं है।
पांच जून को अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय के कारसेवकपुरम स्थित आवास पर डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल और नरेंद्र कुमार सिंह पहुंचे। चार्जशीट के मुताबिक, नरेंद्र ने लैपटॉप पर गणना कक्ष के कुछ वीडियो दिखाए। पुलिस के अनुसार, इनमें गणना कर्मियों को दान-चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान रुपये हटाते हुए दिखने की बात कही गई है। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि अनिल कुमार मिश्रा, गोपाल और नरेंद्र कुमार सिंह के बयानों से भी इसकी तस्दीक हुई।
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पहले से चार गणनाकर्मियों पर था शक
चार्जशीट में गणना कर्मी मदन गोपाल निगम के बयान का भी उल्लेख है। उसके मुताबिक, तीन जून को दूसरी पाली में कैश काउंटिंग के दौरान करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि और अनुकल्प मिश्रा पर शक हुआ था। आरोप है कि उसने इन लोगों को चढ़ावे की नोटों की गड्डियां उठाकर मेज के नीचे या कमर में छिपाते देखा था। मदन गोपाल के मुताबिक, उसने इसकी जानकारी अन्य गणना कर्मियों को दी थी।चार जून को इन कर्मचारियों पर निगरानी रखी गई। इसी दौरान अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को नोटों की गड्डी उठाते देखे जाने का दावा किया गया।
चेकिंग शुरू हुई तो बाथरूम में छिपाई रकम
चार्जशीट के मुताबिक, अविनाश को नोटों की गड्डी उठाते देखे जाने के बाद ट्रस्ट की ओर से मौजूद विनय श्रीवास्तव और एसबीआई कर्मचारी सत्य प्रकाश को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद गणना कक्ष के गेट पर चेकिंग शुरू कराई गई। पुलिस के अनुसार, चेकिंग की जानकारी होने पर कथित तौर पर रकम बाथरूम में ले जाकर छिपा दी गई। तलाशी के दौरान वहां से 2.25 लाख रुपये बरामद हुए। विनय श्रीवास्तव ने रकम को बॉक्स में सुरक्षित रखवा दिया।
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गणना कक्ष से चोरी की पहली सूचना तत्कालीन महासचिव चंपत राय तक वीडियो और लिखित संदेश के जरिये पहुंची थी। चार्जशीट में दर्ज चंपत राय के बयान के मुताबिक, चार जून को दिल्ली से अयोध्या आते समय आनंद कुमार चौधरी ने उन्हें व्हाट्सएप पर गणना कक्ष के बाथरूम से बरामद 2.25 लाख रुपये का वीडियो और लिखित संदेश भेजा था। उन्हें बताया गया था कि कुछ लड़के कई दिनों से चोरी कर रहे हैं और इसमें 67 लड़कों के शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, चार्जशीट के इस अंश में 67 की संख्या के आधार का विस्तृत उल्लेख नहीं है।
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पांच जून को अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय के कारसेवकपुरम स्थित आवास पर डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल और नरेंद्र कुमार सिंह पहुंचे। चार्जशीट के मुताबिक, नरेंद्र ने लैपटॉप पर गणना कक्ष के कुछ वीडियो दिखाए। पुलिस के अनुसार, इनमें गणना कर्मियों को दान-चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान रुपये हटाते हुए दिखने की बात कही गई है। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि अनिल कुमार मिश्रा, गोपाल और नरेंद्र कुमार सिंह के बयानों से भी इसकी तस्दीक हुई।
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पहले से चार गणनाकर्मियों पर था शक
चार्जशीट में गणना कर्मी मदन गोपाल निगम के बयान का भी उल्लेख है। उसके मुताबिक, तीन जून को दूसरी पाली में कैश काउंटिंग के दौरान करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि और अनुकल्प मिश्रा पर शक हुआ था। आरोप है कि उसने इन लोगों को चढ़ावे की नोटों की गड्डियां उठाकर मेज के नीचे या कमर में छिपाते देखा था। मदन गोपाल के मुताबिक, उसने इसकी जानकारी अन्य गणना कर्मियों को दी थी।चार जून को इन कर्मचारियों पर निगरानी रखी गई। इसी दौरान अविनाश शुक्ला उर्फ शनि को नोटों की गड्डी उठाते देखे जाने का दावा किया गया।
चेकिंग शुरू हुई तो बाथरूम में छिपाई रकम
चार्जशीट के मुताबिक, अविनाश को नोटों की गड्डी उठाते देखे जाने के बाद ट्रस्ट की ओर से मौजूद विनय श्रीवास्तव और एसबीआई कर्मचारी सत्य प्रकाश को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद गणना कक्ष के गेट पर चेकिंग शुरू कराई गई। पुलिस के अनुसार, चेकिंग की जानकारी होने पर कथित तौर पर रकम बाथरूम में ले जाकर छिपा दी गई। तलाशी के दौरान वहां से 2.25 लाख रुपये बरामद हुए। विनय श्रीवास्तव ने रकम को बॉक्स में सुरक्षित रखवा दिया।