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Ayodhya News: नेत्र ऑपरेशन में लापरवाही की शिकायत की जांच शुरू
Tue, 21 Jul 2026 08:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:42 PM IST
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में मंगलवार को बयान दर्ज कराते सूर्यकांत पांडेय।
अयोध्या। श्रीराम नेत्रालय के एक नेत्र चिकित्सक पर ऑपरेशन में लापरवाही के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से की गई शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में मंगलवार को शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया गया।
भाकपा नेता एवं शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पांडेय ने बताया कि उन्होंने जनवरी में श्रीराम नेत्रालय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी कम होने और दाहिनी ओर लगातार कुछ अटके रहने की शिकायत बनी हुई है। इसी संबंध में उन्होंने उपमुख्यमंत्री से शिकायत कर जांच की मांग की थी।
शिकायत के आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। मंगलवार को सूर्यकांत पांडेय ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन में लापरवाही हुई है, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी आंख का समुचित उपचार कराने की मांग की।
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शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित चिकित्सक अपने पैड पर दवाएं नहीं लिखते, दवाओं की खरीद का बिल नहीं देते और एक ही समस्या के उपचार के लिए बार-बार परामर्श शुल्क लेते हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार ऑपरेशन पर करीब 50 हजार रुपये खर्च हुए थे। जांच समिति मामले की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र सिंह भिटोरिया को सौंपेगी।
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भाकपा नेता एवं शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्यकांत पांडेय ने बताया कि उन्होंने जनवरी में श्रीराम नेत्रालय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी कम होने और दाहिनी ओर लगातार कुछ अटके रहने की शिकायत बनी हुई है। इसी संबंध में उन्होंने उपमुख्यमंत्री से शिकायत कर जांच की मांग की थी।
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शिकायत के आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। मंगलवार को सूर्यकांत पांडेय ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन में लापरवाही हुई है, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी आंख का समुचित उपचार कराने की मांग की।
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शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित चिकित्सक अपने पैड पर दवाएं नहीं लिखते, दवाओं की खरीद का बिल नहीं देते और एक ही समस्या के उपचार के लिए बार-बार परामर्श शुल्क लेते हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार ऑपरेशन पर करीब 50 हजार रुपये खर्च हुए थे। जांच समिति मामले की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र सिंह भिटोरिया को सौंपेगी।