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Ayodhya News: खाद की बिक्री दरों में सुधार, उपलब्धता भी सुगम
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अयोध्या। प्रदेश की कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की सख्ती के बाद उर्वरक की बिक्री दरों में सुधार हुआ है। इनकी उपलब्धता भी सुगम हो गई है। अब निर्धारित दर 266.50 रुपये में एक बोरी यूरिया मिलने लगी है। इसके साथ जिंक और सल्फर लेने की बाध्यता भी खत्म हो गई है।
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार को क्षेत्र के रमेश नगर स्थित एग्री जंक्शन पर दोपहर 2:30 बजे पूरे बंधन निवासी किसान विश्वनाथ यादव यूरिया लेने पहुंचे। दुकान संचालक ने उनसे आधार कार्ड की मांग की। आधार देख कर ई पास मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद 266.50 रुपये में एक बोरी यूरिया दी। सथरी गोकुला गांव के किसान शिव कुमार सिंह ने इसी कीमत पर दो बोरी यूरिया ली। उन्होंने दुकानदार को 533 रुपये दिए।
दुकानदार नंद किशोर यादव ने बताया कि फुटकर यूरिया की भी बिक्री सरकार की ओर से निर्धारित दर 5.92 रुपये के हिसाब से की जा रही है। नैनो डीएपी व यूरिया की बिक्री में किसानों में जागरूकता की कमी के चलते दिक्कत आ रही है। दुकान पर उर्वरक उपलब्ध है। सरकार की ओर से निर्धारित दर पर ही बिक्री की जा रही है।
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बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार कृषि मंत्री की ओर से सख्त तेवर अपनाए जाने के बाद क्षेत्र में उर्वरक की दुकानों पर अब यूरिया के साथ जिंक और सल्फर लेने की बाध्यता नहीं रह गई है। स्थिति सुधरने लगी है। उर्वरक दुकानदारों ने बताया कि थोक खाद विक्रेताओं की ओर से एक बोरी यूरिया के साथ बिक्री करने के लिए जिंक व सल्फर दिया जाता है। खाद खरीदने पर जिंक और सल्फर लेना मजबूरी हो जाता है। यह दुकानों में डंप पड़ा हुआ है। यूरिया का सरकारी रेट 266.50 रुपये है। दुकान तक पहुंचने में लगभग लगभग 75 रुपये अतिरिक्त लागत आ जाती है।
ब्लॉक क्षेत्र की लगभग सभी साधन सहकारी समितियों पर यूरिया मौजूद बताई जा रही है। बाजार में निजी दुकानों पर किसानों को जहां दो दिन पहले तक 290 रुपये प्रति बोरी यूरिया खाद बेची जा रही थी। वहीं, अब 280 रुपये प्रति बोरी बिक्री की जा रही है। विकासखंड क्षेत्र में आठ साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। किसान सहकारी समिति बीकापुर में बुधवार को यूरिया मौजूद नहीं थी। इसके चलते कई किसानों को वापस लौटना पड़ा।
किसान सहकारी समिति के सचिव दिनेश वर्मा ने बताया कि बुधवार को यूरिया समाप्त हो गई है। पैसा और डिमांड भेजी गई है। कटारी महावा साधन सहकारी समिति पर भी अभी यूरिया नहीं आई है। सचिव रामनाथ वर्मा ने बताया कि पैसा और डिमांड भेजी गई है अगले दो दिनों में यह उपलब्ध हो जाएगी। सहायक विकास अधिकारी कोऑपरेटिव अमित सिंह ने बताया कि विकासखंड क्षेत्र की लगभग सभी समितियों पर यूरिया उपलब्ध है। सिर्फ साधन सहकारी समिति कटारी महावा और किसान सहकारी समिति बीकापुर पर उपलब्ध नहीं है। रैक आने के बाद यूरिया उपलब्ध हो जाएगी।
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मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार को क्षेत्र के रमेश नगर स्थित एग्री जंक्शन पर दोपहर 2:30 बजे पूरे बंधन निवासी किसान विश्वनाथ यादव यूरिया लेने पहुंचे। दुकान संचालक ने उनसे आधार कार्ड की मांग की। आधार देख कर ई पास मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद 266.50 रुपये में एक बोरी यूरिया दी। सथरी गोकुला गांव के किसान शिव कुमार सिंह ने इसी कीमत पर दो बोरी यूरिया ली। उन्होंने दुकानदार को 533 रुपये दिए।
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दुकानदार नंद किशोर यादव ने बताया कि फुटकर यूरिया की भी बिक्री सरकार की ओर से निर्धारित दर 5.92 रुपये के हिसाब से की जा रही है। नैनो डीएपी व यूरिया की बिक्री में किसानों में जागरूकता की कमी के चलते दिक्कत आ रही है। दुकान पर उर्वरक उपलब्ध है। सरकार की ओर से निर्धारित दर पर ही बिक्री की जा रही है।
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बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार कृषि मंत्री की ओर से सख्त तेवर अपनाए जाने के बाद क्षेत्र में उर्वरक की दुकानों पर अब यूरिया के साथ जिंक और सल्फर लेने की बाध्यता नहीं रह गई है। स्थिति सुधरने लगी है। उर्वरक दुकानदारों ने बताया कि थोक खाद विक्रेताओं की ओर से एक बोरी यूरिया के साथ बिक्री करने के लिए जिंक व सल्फर दिया जाता है। खाद खरीदने पर जिंक और सल्फर लेना मजबूरी हो जाता है। यह दुकानों में डंप पड़ा हुआ है। यूरिया का सरकारी रेट 266.50 रुपये है। दुकान तक पहुंचने में लगभग लगभग 75 रुपये अतिरिक्त लागत आ जाती है।
ब्लॉक क्षेत्र की लगभग सभी साधन सहकारी समितियों पर यूरिया मौजूद बताई जा रही है। बाजार में निजी दुकानों पर किसानों को जहां दो दिन पहले तक 290 रुपये प्रति बोरी यूरिया खाद बेची जा रही थी। वहीं, अब 280 रुपये प्रति बोरी बिक्री की जा रही है। विकासखंड क्षेत्र में आठ साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। किसान सहकारी समिति बीकापुर में बुधवार को यूरिया मौजूद नहीं थी। इसके चलते कई किसानों को वापस लौटना पड़ा।
किसान सहकारी समिति के सचिव दिनेश वर्मा ने बताया कि बुधवार को यूरिया समाप्त हो गई है। पैसा और डिमांड भेजी गई है। कटारी महावा साधन सहकारी समिति पर भी अभी यूरिया नहीं आई है। सचिव रामनाथ वर्मा ने बताया कि पैसा और डिमांड भेजी गई है अगले दो दिनों में यह उपलब्ध हो जाएगी। सहायक विकास अधिकारी कोऑपरेटिव अमित सिंह ने बताया कि विकासखंड क्षेत्र की लगभग सभी समितियों पर यूरिया उपलब्ध है। सिर्फ साधन सहकारी समिति कटारी महावा और किसान सहकारी समिति बीकापुर पर उपलब्ध नहीं है। रैक आने के बाद यूरिया उपलब्ध हो जाएगी।