{"_id":"696badb15e88cd0f04066136","slug":"if-the-pradhan-is-determined-he-can-bring-positive-change-in-the-villages-cdo-ayodhya-news-c-13-1-lko1045-1563952-2026-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधान ठान लें तो गांवों में ला सकते हैं सकारात्मक परिवर्तन : सीडीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधान ठान लें तो गांवों में ला सकते हैं सकारात्मक परिवर्तन : सीडीओ
विज्ञापन
2-गुरुनानक एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानों को सम्मानित करते सीडीओ।-संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि आज जिन ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया है, वे ऐसे प्रधान हैं जिन्होंने अपने गांवों के विकास में सक्रिय और सराहनीय योगदान किया है। आज इन श्रेष्ठ प्रधानों को प्राप्त हुए प्रशस्ति पत्र यह दर्शाते हैं कि यदि एक ग्राम प्रधान ठान ले तो वह अपनी ग्राम पंचायत में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
मुख्य विकास अधिकारी शनिवार को यहां गुरुनानक एकेडमी के सभागार में अमर उजाला और मुथूट फाइनान्स की ओर से आयोजित मंडल स्तरीय ''''अमर उजाला श्रेष्ठ प्रधान-2025'''' सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में मंडल के जिलों से चयनित वे ग्राम प्रधान शामिल हुए, जिन्होंने शिक्षा, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अपने गांव के विकास में ग्राम प्रधानों के योगदान को मान्यता देने के लिए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। अमर उजाला के ग्रामीण मंच गांव जंक्शन के सहयोग से इस पहल का आयोजन हुआ।
इस दौरान सीडीओ ने कहा कि एक ग्राम प्रधान बेहतर सड़कें बनवा सकता है, नालियों का निर्माण करवा सकता है, साफ-सफाई की प्रभावी व्यवस्था कर सकता है, गोशालाओं का संचालन करवा सकता है और गांव को सुव्यवस्थित व स्वच्छ बना सकता है। ग्राम प्रधान अपनी पंचायतों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि वे थोड़ा और प्रयास करें, ताकि उनके गांव मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित हो सकें।
विज्ञापन
इसके लिए 58 ग्राम पंचायतों के प्रधानों से संवाद कर कार्बन न्यूट्रल ग्राम पंचायत की परिकल्पना की गई है। जिले में मियावाकी पद्धति से वन विकसित किए जा रहे हैं। आगामी पौधरोपण अभियान के दौरान प्रधानों से अपेक्षा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भी इस पद्धति से वन विकसित कराने का प्रयास करें। ग्राम पंचायत भवनों को सोलर युक्त कर उनकी बिजली उपयोगिता को शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए ग्राम प्रधानों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। सभी गांवों में कूड़ा घर बनाए गए हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कूड़ा केवल कूड़ा घर में ही डाला जाए, ताकि गांव स्वच्छ और सुंदर बने रहें।
विद्या शक्ति अभियान के माध्यम से निरक्षर महिलाओं को बनाएं साक्षर
उन्होंने प्रधानों से अपील की कि वे अपनी पंचायतों में निरक्षर महिलाओं की पहचान करें और विद्या शक्ति अभियान के माध्यम से उन्हें साक्षर बनाएं। ऐसे छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी प्रयास करके ग्राम प्रधान अपनी पंचायतों को मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित कर सकते हैं। कार्यक्रम में सम्मानित किए गए ग्राम प्रधानों से उन्होंने उम्मीद जताई कि वे आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करते रहेंगे, ताकि भविष्य में उन्हें और भी सम्मान प्राप्त हो सके।
मुथूट फाईनान्स, सैवलॉन और पंचायती राज विभाग का रहा सहयोग
मुथूट फाईनान्स भारत की सबसे बड़ी गोल्ड लोन एनबीएफसी है, जो रोजाना 2.5 लाख से अधिक ग्राहकों को 7400 से अधिक शाखाओं से अपनी सेवाएं दे रही है। इस वर्ष अमर उजाला श्रेष्ठ प्रधान अभियान में मुथूट फाईनान्स बतौर टाइटल स्पॉन्सर जुड़ा है। अपनी प्रेरणादायक पहल ''''सुनहरी सोच गर्व का पर्व सीजन 4'''' के माध्यम से मुथूट फाईनान्स ने उन प्रधानों को विशेष सम्मान दिया, जिनकी सोच ने समाज में नई दिशा और सुनहरी मिसाल कायम की है। इस पहल को और मजबूत करने के लिए हेल्थ पार्टनर के तौर पर सैवलॉन स्वस्थ इंडिया मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग का सहयोग रहा।
इन ग्राम प्रधानों को किया गया सम्मानित
अयोध्या के डोली असकरन की शशिबाला, मुकीमपुर के लल्लन प्रसाद दुबे, सराय खरगी की शांति देवी, महावां की प्रियंका, अमौना के राजकुमार, जाना की किरन, थरिया कला की अंकिता, मड़ना की ममता यादव, डेरामूसी की सरिता सिंह, सनाहा की रीना पांडेय, सरेठी के रक्षाराम यादव, अंबेडकर नगर के चियुटीपारा की शकुंतला देवी और कनकपट्टी के बालमुकुंद।
विज्ञापन
मुख्य विकास अधिकारी शनिवार को यहां गुरुनानक एकेडमी के सभागार में अमर उजाला और मुथूट फाइनान्स की ओर से आयोजित मंडल स्तरीय ''''अमर उजाला श्रेष्ठ प्रधान-2025'''' सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में मंडल के जिलों से चयनित वे ग्राम प्रधान शामिल हुए, जिन्होंने शिक्षा, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अपने गांव के विकास में ग्राम प्रधानों के योगदान को मान्यता देने के लिए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। अमर उजाला के ग्रामीण मंच गांव जंक्शन के सहयोग से इस पहल का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
इस दौरान सीडीओ ने कहा कि एक ग्राम प्रधान बेहतर सड़कें बनवा सकता है, नालियों का निर्माण करवा सकता है, साफ-सफाई की प्रभावी व्यवस्था कर सकता है, गोशालाओं का संचालन करवा सकता है और गांव को सुव्यवस्थित व स्वच्छ बना सकता है। ग्राम प्रधान अपनी पंचायतों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि वे थोड़ा और प्रयास करें, ताकि उनके गांव मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित हो सकें।
विज्ञापन
इसके लिए 58 ग्राम पंचायतों के प्रधानों से संवाद कर कार्बन न्यूट्रल ग्राम पंचायत की परिकल्पना की गई है। जिले में मियावाकी पद्धति से वन विकसित किए जा रहे हैं। आगामी पौधरोपण अभियान के दौरान प्रधानों से अपेक्षा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भी इस पद्धति से वन विकसित कराने का प्रयास करें। ग्राम पंचायत भवनों को सोलर युक्त कर उनकी बिजली उपयोगिता को शून्य करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए ग्राम प्रधानों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। सभी गांवों में कूड़ा घर बनाए गए हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि कूड़ा केवल कूड़ा घर में ही डाला जाए, ताकि गांव स्वच्छ और सुंदर बने रहें।
विद्या शक्ति अभियान के माध्यम से निरक्षर महिलाओं को बनाएं साक्षर
उन्होंने प्रधानों से अपील की कि वे अपनी पंचायतों में निरक्षर महिलाओं की पहचान करें और विद्या शक्ति अभियान के माध्यम से उन्हें साक्षर बनाएं। ऐसे छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी प्रयास करके ग्राम प्रधान अपनी पंचायतों को मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित कर सकते हैं। कार्यक्रम में सम्मानित किए गए ग्राम प्रधानों से उन्होंने उम्मीद जताई कि वे आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करते रहेंगे, ताकि भविष्य में उन्हें और भी सम्मान प्राप्त हो सके।
मुथूट फाईनान्स, सैवलॉन और पंचायती राज विभाग का रहा सहयोग
मुथूट फाईनान्स भारत की सबसे बड़ी गोल्ड लोन एनबीएफसी है, जो रोजाना 2.5 लाख से अधिक ग्राहकों को 7400 से अधिक शाखाओं से अपनी सेवाएं दे रही है। इस वर्ष अमर उजाला श्रेष्ठ प्रधान अभियान में मुथूट फाईनान्स बतौर टाइटल स्पॉन्सर जुड़ा है। अपनी प्रेरणादायक पहल ''''सुनहरी सोच गर्व का पर्व सीजन 4'''' के माध्यम से मुथूट फाईनान्स ने उन प्रधानों को विशेष सम्मान दिया, जिनकी सोच ने समाज में नई दिशा और सुनहरी मिसाल कायम की है। इस पहल को और मजबूत करने के लिए हेल्थ पार्टनर के तौर पर सैवलॉन स्वस्थ इंडिया मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग का सहयोग रहा।
इन ग्राम प्रधानों को किया गया सम्मानित
अयोध्या के डोली असकरन की शशिबाला, मुकीमपुर के लल्लन प्रसाद दुबे, सराय खरगी की शांति देवी, महावां की प्रियंका, अमौना के राजकुमार, जाना की किरन, थरिया कला की अंकिता, मड़ना की ममता यादव, डेरामूसी की सरिता सिंह, सनाहा की रीना पांडेय, सरेठी के रक्षाराम यादव, अंबेडकर नगर के चियुटीपारा की शकुंतला देवी और कनकपट्टी के बालमुकुंद।

2-गुरुनानक एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानों को सम्मानित करते सीडीओ।-संवाद

2-गुरुनानक एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानों को सम्मानित करते सीडीओ।-संवाद

2-गुरुनानक एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानों को सम्मानित करते सीडीओ।-संवाद