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Ayodhya News: महायोजना में रोजगार आधारित प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार पर फोकस
Sun, 10 May 2026 11:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 10 May 2026 11:00 PM IST
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अयोध्या। धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ अयोध्या को आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने के लिए महायोजना-2031 में उच्च शिक्षा, होटल मैनेजमेंट, पर्यटन, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार आधारित प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार पर विशेष फोकस किया गया है।
राम मंदिर निर्माण और बढ़ते धार्मिक पर्यटन के कारण शहर में होटल प्रबंधन, पर्यटन संचालन, गाइड सेवा, भाषा प्रशिक्षण और डिजिटल सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। इसी को देखते हुए शिक्षा और सामाजिक ढांचे के लिए पर्याप्त भूमि आरक्षित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
योजना में भारतीय संस्कृति, दर्शन, धार्मिक अध्ययन और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़े संस्थानों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। साथ ही युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने के लिए स्किल डेवलपमेंट केंद्र विकसित करने की तैयारी है, जिससे उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों पर कम निर्भर रहना पड़े। इससे अयोध्या में छात्रावास, परिवहन, खानपान, पुस्तकालय और किराये के मकानों की मांग बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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इनसेट-
अयोध्या नगर क्षेत्र में वर्तमान में 58 मान्टेसरी-नर्सरी स्कूल, 146 प्राथमिक विद्यालय, 50 माध्यमिक विद्यालय, 16 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और तीन इंटर कॉलेज संचालित हैं। उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थानों में श्री परमहंस डिग्री कॉलेज, केएस साकेत पीजी कॉलेज और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय शामिल हैं।
वहीं, नवाबगंज नगरीय क्षेत्र में तीन मान्टेसरी-नर्सरी स्कूल, सात प्राथमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय और तीन माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। भदरसा नगर पंचायत क्षेत्र में आठ मान्टेसरी-नर्सरी स्कूल, 12 प्राथमिक विद्यालय, सात उच्च प्राथमिक विद्यालय, चार माध्यमिक विद्यालय और एक महाविद्यालय मौजूद है।
इनसेट-
अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक नगर के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा और कौशल विकास ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। महायोजना में इसी दिशा में प्रावधान किए गए हैं।
— राजेश कुमार मिश्रा, सचिव, अयोध्या विकास प्राधिकरण
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राम मंदिर निर्माण और बढ़ते धार्मिक पर्यटन के कारण शहर में होटल प्रबंधन, पर्यटन संचालन, गाइड सेवा, भाषा प्रशिक्षण और डिजिटल सेवाओं से जुड़े प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। इसी को देखते हुए शिक्षा और सामाजिक ढांचे के लिए पर्याप्त भूमि आरक्षित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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योजना में भारतीय संस्कृति, दर्शन, धार्मिक अध्ययन और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़े संस्थानों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। साथ ही युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने के लिए स्किल डेवलपमेंट केंद्र विकसित करने की तैयारी है, जिससे उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों पर कम निर्भर रहना पड़े। इससे अयोध्या में छात्रावास, परिवहन, खानपान, पुस्तकालय और किराये के मकानों की मांग बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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अयोध्या नगर क्षेत्र में वर्तमान में 58 मान्टेसरी-नर्सरी स्कूल, 146 प्राथमिक विद्यालय, 50 माध्यमिक विद्यालय, 16 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और तीन इंटर कॉलेज संचालित हैं। उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थानों में श्री परमहंस डिग्री कॉलेज, केएस साकेत पीजी कॉलेज और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय शामिल हैं।
वहीं, नवाबगंज नगरीय क्षेत्र में तीन मान्टेसरी-नर्सरी स्कूल, सात प्राथमिक विद्यालय, एक उच्च प्राथमिक विद्यालय और तीन माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। भदरसा नगर पंचायत क्षेत्र में आठ मान्टेसरी-नर्सरी स्कूल, 12 प्राथमिक विद्यालय, सात उच्च प्राथमिक विद्यालय, चार माध्यमिक विद्यालय और एक महाविद्यालय मौजूद है।
इनसेट-
अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक नगर के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा और कौशल विकास ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। महायोजना में इसी दिशा में प्रावधान किए गए हैं।
— राजेश कुमार मिश्रा, सचिव, अयोध्या विकास प्राधिकरण