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Ayodhya News: हत्यारोपी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
Tue, 06 May 2025 10:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 06 May 2025 10:07 PM IST
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अयोध्या। दीवार पर पानी डालने से मना करने पर नाराज होकर ईंट-गुम्मे से सिर पर प्रहार कर हत्या करने के मामले में दोषी करार पिता साधू व पुत्र मनीष को आजीवन कठोर कारावास की सजा से दंडित किया गया है। प्रत्येक पर 10,500 रुपये जुर्माना भी लगा है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश रवि कुमार गुप्ता ने मंगलवार को भरी अदालत में सुनाया है। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक की पत्नी मालती को देने का आदेश हुआ है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना थाना कैंट क्षेत्र के बनवीरपुर गांव की वर्ष 2018 की है। एक मार्च को सुबह सात बजे रामराज पत्नी मालती के साथ घर में थे। पड़ोसी रामफेर अपने पुत्र साधू और पोते मनीष के साथ दीवार पर पानी डाल रहे थे। पानी रामराज के घर में आ रहा था तो उन्होंने मना किया। इसी बात से नाराज होकर रामराज व मालती पर हमला कर दिया गया। रामराज के सिर पर ईंट-गुम्मे से वार किया गया। बेहोशी की हालत में रामराज व चोटहिल मालती को जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर डाॅक्टरों ने रामराज को मृत घोषित कर दिया।
मृतक के चचेरे भाई परशुराम की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। तीनों आरोपियों को तीन मार्च की रात आठ बजे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जेल में रहने के दौरान आरोपी राम फेर की 15 जुलाई 2019 को मृत्यु हो गई। अभियोजन की ओर से कोर्ट में नौ गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर दोषी करार अभियुक्त साधू व मनीष को आजीवन कठोर कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना, मारपीट के मामले में छह माह के कारावास व 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना थाना कैंट क्षेत्र के बनवीरपुर गांव की वर्ष 2018 की है। एक मार्च को सुबह सात बजे रामराज पत्नी मालती के साथ घर में थे। पड़ोसी रामफेर अपने पुत्र साधू और पोते मनीष के साथ दीवार पर पानी डाल रहे थे। पानी रामराज के घर में आ रहा था तो उन्होंने मना किया। इसी बात से नाराज होकर रामराज व मालती पर हमला कर दिया गया। रामराज के सिर पर ईंट-गुम्मे से वार किया गया। बेहोशी की हालत में रामराज व चोटहिल मालती को जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर डाॅक्टरों ने रामराज को मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के चचेरे भाई परशुराम की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। तीनों आरोपियों को तीन मार्च की रात आठ बजे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जेल में रहने के दौरान आरोपी राम फेर की 15 जुलाई 2019 को मृत्यु हो गई। अभियोजन की ओर से कोर्ट में नौ गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर दोषी करार अभियुक्त साधू व मनीष को आजीवन कठोर कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना, मारपीट के मामले में छह माह के कारावास व 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियुक्तों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में दिया गया।
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