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Ayodhya News: क्लब फुट के आठ नए बच्चे चिह्नित
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अयोध्या। जिले में इस माह जन्मजात क्लब फुट की समस्या से पीड़ित आठ बच्चों को चिह्नित किया गया है। इन बच्चों का जिला अस्पताल में उपचार शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में अस्पताल में क्लब फुट से पीड़ित 332 बच्चों का इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, समय रहते समस्या की पहचान कर उपचार शुरू करने से बच्चे के पैरों को सामान्य स्थिति में लाने में काफी मदद मिलती है।
जिला अस्पताल के डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात समस्या है, जिसमें बच्चे का एक या दोनों पैर सामान्य स्थिति में न होकर अंदर और नीचे की ओर मुड़े होते हैं। जन्म के बाद ऐसे नवजातों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा जाता है। चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे के पैरों में किसी तरह का टेढ़ापन दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।
चिकित्सकों के मुताबिक, क्लब फुट से प्रभावित बच्चों को शुरुआती दौर में आमतौर पर दर्द नहीं होता। इसी कारण कई बार परिजन इसे गंभीरता से नहीं लेते। उपचार में देरी होने पर आगे चलकर बच्चे को चलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में जन्म के समय पैर असामान्य रूप से मुड़ा दिखाई देने पर जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
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डॉ. आशीष ने बताया कि यदि नवजात के पैर का पंजा अंदर की ओर मुड़ा हो, पैर नीचे की तरफ झुका हो या एड़ी अंदर की दिशा में दिखाई दे तो क्लब फुट की आशंका हो सकती है। कुछ बच्चों के पैर में अधिक जकड़न होती है और उन्हें सामान्य स्थिति में आसानी से नहीं लाया जा सकता। यह समस्या एक या दोनों पैरों में हो सकती है।
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जिला अस्पताल के डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात समस्या है, जिसमें बच्चे का एक या दोनों पैर सामान्य स्थिति में न होकर अंदर और नीचे की ओर मुड़े होते हैं। जन्म के बाद ऐसे नवजातों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा जाता है। चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे के पैरों में किसी तरह का टेढ़ापन दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।
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चिकित्सकों के मुताबिक, क्लब फुट से प्रभावित बच्चों को शुरुआती दौर में आमतौर पर दर्द नहीं होता। इसी कारण कई बार परिजन इसे गंभीरता से नहीं लेते। उपचार में देरी होने पर आगे चलकर बच्चे को चलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में जन्म के समय पैर असामान्य रूप से मुड़ा दिखाई देने पर जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
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डॉ. आशीष ने बताया कि यदि नवजात के पैर का पंजा अंदर की ओर मुड़ा हो, पैर नीचे की तरफ झुका हो या एड़ी अंदर की दिशा में दिखाई दे तो क्लब फुट की आशंका हो सकती है। कुछ बच्चों के पैर में अधिक जकड़न होती है और उन्हें सामान्य स्थिति में आसानी से नहीं लाया जा सकता। यह समस्या एक या दोनों पैरों में हो सकती है।