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Ayodhya News: दिव्यांगों को भटकने से मिलेगी निजात, खुलेगा पुनर्वास केंद्र
Wed, 10 Dec 2025 09:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 10 Dec 2025 09:17 PM IST
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सतीश पाठक
अयोध्या। जिले के दिव्यांगों को अब इलाज, थेरेपी व अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भटकने से निजात मिलेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने की तैयारी है। स्थान का चयन लगभग हो चुका है। अंतिम मुहर लगना शेष है।
जिले में दिव्यांगों को इलाज से लेकर अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी उन्हें कड़ा संघर्ष करना होता है। भागदौड़ के चक्कर में उनका दर्द और बढ़ जाता है। इससे निजात के लिए बीते दिनों मुख्यमंत्री ने हर मंडल स्तर पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने की घोषणा की थी।
अब यह योजना धरातल पर उतरने लगी है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। इसे स्थापित करने के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह खोजी गई है, जहां लगभग चार कमरों में इसे स्थापित किया जाएगा। यहां दिव्यांगजनों की तमाम तरह की चिकित्सकीय जांच, थेरेपी, परामर्श, कृत्रिम अंग निर्माण और रोजगारपरक प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
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पैरामेडिकल स्टाफ समेत आठ कर्मचारी होंगे तैनात
केंद्र निर्माण के लिए मेडिकल कॉलेज स्थान मुहैया कराएगा। शेष कार्य दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को करना होगा। यहां दिव्यांगों की सहायता के लिए पैरामेडिकल स्टाफ समेत आठ कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। इनमें प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट, मनोवैज्ञानिक, कृत्रिम अंग निर्माता, ऑर्थोटिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट और काउंसलर शामिल रहेंगे। इसके साथ उनके तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल पंजीकरण और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मिलेंगी यह सुविधाएं
केंद्र में आने वाले दिव्यांगों को हर तरह की सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र पर तैनात कर्मचारी उनका मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज कराएंगे। उन्हें यहां से कृत्रिम अंग आसानी से मिलेगा। इसके अलावा फिजियोथेरेपी, व्यवसायिक थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनो परामर्श आदि सेवाएं दी जाएंगी। आधुनिक उपकरणों की मदद से दिव्यांगों की पहचान, मूल्यांकन और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने की सुविधा मिलेगी।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी ने कहा कि जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने की कवायद शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज में जगह देखी गई है। दो दिन में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उनकी क्षमताओं का विकास करने में मदद मिलेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने कहा कि दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक टीम आई थी। उन्हें बर्न यूनिट का परिसर दिखाया गया है। आंकोलॉजिस्ट डॉ. धीरेंद्र सचान को इसका नोडल बनाया गया है। उनकी देखरेख व निगरानी में इसका निर्माण होगा।
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अयोध्या। जिले के दिव्यांगों को अब इलाज, थेरेपी व अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भटकने से निजात मिलेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने की तैयारी है। स्थान का चयन लगभग हो चुका है। अंतिम मुहर लगना शेष है।
जिले में दिव्यांगों को इलाज से लेकर अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी उन्हें कड़ा संघर्ष करना होता है। भागदौड़ के चक्कर में उनका दर्द और बढ़ जाता है। इससे निजात के लिए बीते दिनों मुख्यमंत्री ने हर मंडल स्तर पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने की घोषणा की थी।
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अब यह योजना धरातल पर उतरने लगी है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। इसे स्थापित करने के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह खोजी गई है, जहां लगभग चार कमरों में इसे स्थापित किया जाएगा। यहां दिव्यांगजनों की तमाम तरह की चिकित्सकीय जांच, थेरेपी, परामर्श, कृत्रिम अंग निर्माण और रोजगारपरक प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
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पैरामेडिकल स्टाफ समेत आठ कर्मचारी होंगे तैनात
केंद्र निर्माण के लिए मेडिकल कॉलेज स्थान मुहैया कराएगा। शेष कार्य दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को करना होगा। यहां दिव्यांगों की सहायता के लिए पैरामेडिकल स्टाफ समेत आठ कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। इनमें प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट, मनोवैज्ञानिक, कृत्रिम अंग निर्माता, ऑर्थोटिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट और काउंसलर शामिल रहेंगे। इसके साथ उनके तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल पंजीकरण और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मिलेंगी यह सुविधाएं
केंद्र में आने वाले दिव्यांगों को हर तरह की सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र पर तैनात कर्मचारी उनका मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज कराएंगे। उन्हें यहां से कृत्रिम अंग आसानी से मिलेगा। इसके अलावा फिजियोथेरेपी, व्यवसायिक थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनो परामर्श आदि सेवाएं दी जाएंगी। आधुनिक उपकरणों की मदद से दिव्यांगों की पहचान, मूल्यांकन और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र बनवाने की सुविधा मिलेगी।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी ने कहा कि जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने की कवायद शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज में जगह देखी गई है। दो दिन में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उनकी क्षमताओं का विकास करने में मदद मिलेगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने कहा कि दिव्यांग पुनर्वास केंद्र खोलने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक टीम आई थी। उन्हें बर्न यूनिट का परिसर दिखाया गया है। आंकोलॉजिस्ट डॉ. धीरेंद्र सचान को इसका नोडल बनाया गया है। उनकी देखरेख व निगरानी में इसका निर्माण होगा।