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Ayodhya News: गूंगी महिला पर जानलेवा हमला के दोषी को साढ़े सात साल का कठोर कारावास
Mon, 01 Jun 2026 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:14 PM IST
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अयोध्या। विवादित जमीन पर निर्माण करने से रोकने गई मूकबधिर महिला के सिर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के दोषी राम फेर को साढ़े सात साल के कठोर कारावास व साढ़े सात हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया गया है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश हरेंद्र नाथ ने सोमवार को सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना कोतवाली बीकापुर क्षेत्र के रूपीपुर गांव की वर्ष 2015 की है। 17 जून को सुबह आठ बजे गांव के ही रामेश्वर व उनके लड़के राम फेर, दशरथ दीन और सुरेश लाठी-डंडा लेकर आए और विवादित जमीन पर निर्माण करने लगे। इस बीच गंगाराम यादव की बहन कीर्ति व शीला रोकने गईं तो सभी लोगों ने उन पर हमला कर दिया। कीर्ति के सिर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया, जिससे वह बेहोश हो गई।
गंगाराम अपनी बहनों को ठेले से थाना कोतवाली बीकापुर लाए और तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। गूंगी महिला कीर्ति सात दिन तक अस्पताल में भर्ती रही। विवेचना के बाद रामेश्वर, रामफेर, दशरथ, सुरेश के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से सात गवाह पेश किए गए। इसी दौरान आरोपी रामेश्वर, दशरथ व सुरेश की मृत्यु हो गई, जिससे अदालत ने मृतक के खिलाफ कार्रवाई को 21 अगस्त, 2025 को समाप्त कर दी।
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न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी रामफेर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। दोषी राम फेर को जानलेवा हमला करने के मामले में पांच साल के कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना, मारपीट के मामले में छह माह के कठोर कारावास व 500 रुपये जुर्माना, जान से मारने की धमकी देने के अपराध में दो साल के कठोर कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है। गाली-गलौज के मामले में सबूत के अभाव में दोषमुक्त किया गया। सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मंडल कारागार भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना कोतवाली बीकापुर क्षेत्र के रूपीपुर गांव की वर्ष 2015 की है। 17 जून को सुबह आठ बजे गांव के ही रामेश्वर व उनके लड़के राम फेर, दशरथ दीन और सुरेश लाठी-डंडा लेकर आए और विवादित जमीन पर निर्माण करने लगे। इस बीच गंगाराम यादव की बहन कीर्ति व शीला रोकने गईं तो सभी लोगों ने उन पर हमला कर दिया। कीर्ति के सिर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया, जिससे वह बेहोश हो गई।
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गंगाराम अपनी बहनों को ठेले से थाना कोतवाली बीकापुर लाए और तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। गूंगी महिला कीर्ति सात दिन तक अस्पताल में भर्ती रही। विवेचना के बाद रामेश्वर, रामफेर, दशरथ, सुरेश के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से सात गवाह पेश किए गए। इसी दौरान आरोपी रामेश्वर, दशरथ व सुरेश की मृत्यु हो गई, जिससे अदालत ने मृतक के खिलाफ कार्रवाई को 21 अगस्त, 2025 को समाप्त कर दी।
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न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी रामफेर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। दोषी राम फेर को जानलेवा हमला करने के मामले में पांच साल के कठोर कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना, मारपीट के मामले में छह माह के कठोर कारावास व 500 रुपये जुर्माना, जान से मारने की धमकी देने के अपराध में दो साल के कठोर कारावास व दो हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है। गाली-गलौज के मामले में सबूत के अभाव में दोषमुक्त किया गया। सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मंडल कारागार भेज दिया गया।