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Ayodhya News: खिरौनी अमृत सरोवर के फेज-2 का निर्माण जल्द
Fri, 25 Sep 2026 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:53 PM IST
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सोहावल। नगर पंचायत मां ज्वाला माई के खिरौनी गांव में निर्माणाधीन आदर्श अमृत सरोवर के दूसरे चरण का कार्य सप्ताहभर में शुरू होने की उम्मीद है। शासन से 1.14 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त निर्माण संस्था को स्वीकृत हो गई है।
परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर देवव्रत पवार ने बताया कि परियोजना का कुल बजट 2.83 करोड़ रुपये है। पहले चरण में एक करोड़ रुपये से जमीन के नीचे का काम कराया गया था। इसका निर्माण सीएंडडीएस उत्तर प्रदेश (जल निगम नगरीय) ने कराया। हालांकि, कार्य लंबे समय तक रुका रहा। निर्माण स्थल से पुराना बोर्ड भी गायब हो गया था। इससे ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति बनी और उन्हें लगा कि कार्य पूरा हो चुका है।
अधिवक्ता दीपक सिंह ने परियोजना में गड़बड़ी की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद नगर पंचायत की ईओ आरती श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी। विभाग की ओर से बाद में कार्यपूर्ति का बोर्ड लगा दिया गया, जिस पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया था। अमर उजाला ने भी अधूरे कार्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। प्रोजेक्ट मैनेजर देवव्रत पवार ने बताया कि दूसरे चरण में नाले के पानी के शोधन के लिए प्लांट, झूले और चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कराया जाएगा। दूसरे चरण का कार्य दो माह में पूरा करने का लक्ष्य है।
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परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर देवव्रत पवार ने बताया कि परियोजना का कुल बजट 2.83 करोड़ रुपये है। पहले चरण में एक करोड़ रुपये से जमीन के नीचे का काम कराया गया था। इसका निर्माण सीएंडडीएस उत्तर प्रदेश (जल निगम नगरीय) ने कराया। हालांकि, कार्य लंबे समय तक रुका रहा। निर्माण स्थल से पुराना बोर्ड भी गायब हो गया था। इससे ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति बनी और उन्हें लगा कि कार्य पूरा हो चुका है।
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अधिवक्ता दीपक सिंह ने परियोजना में गड़बड़ी की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद नगर पंचायत की ईओ आरती श्रीवास्तव ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी। विभाग की ओर से बाद में कार्यपूर्ति का बोर्ड लगा दिया गया, जिस पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया था। अमर उजाला ने भी अधूरे कार्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। प्रोजेक्ट मैनेजर देवव्रत पवार ने बताया कि दूसरे चरण में नाले के पानी के शोधन के लिए प्लांट, झूले और चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कराया जाएगा। दूसरे चरण का कार्य दो माह में पूरा करने का लक्ष्य है।
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