{"_id":"6a397bb97e6107be9f07b2f6","slug":"coaching-institutes-operating-in-disregard-of-safety-standards-ayodhya-news-c-97-1-ayo1034-152383-2026-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: सुरक्षा मानक ताक पर रखकर चल रहे कोचिंग संस्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: सुरक्षा मानक ताक पर रखकर चल रहे कोचिंग संस्थान
Mon, 22 Jun 2026 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
029- देवकाली स्थित एक कोचिंग में निकलने के लिए एक ही मार्ग - संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या। लखनऊ में कोचिंग सेंटर में सोमवार को आग लगने की घटना के बाद जिले में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ गई है। जिले में केवल 22 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं। सूत्रों के अनुसार, शहर के नाका और देवकाली क्षेत्रों में सौ से अधिक कोचिंग बिना मानक के संचालित हो रही हैं।
करीब दो वर्ष पूर्व 27 जुलाई 2024 की शाम को दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बारिश के बाद पानी भरने से तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई। इसके बावजूद भी जिले के अफसर चेते नहीं। जिले में कुछ संस्थान बेसमेंट और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में चल रहे हैं। इनमें से अधिकांश के पास पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था या आपातकालीन निकास नहीं है।
लखनऊ हादसे के बाद अभिभावकों ने ऐसे संस्थानों की व्यापक जांच की मांग की है। जिला विद्यालय निरीक्षक ड़ॉ. पवन तिवारी ने बताया कि विभाग समय-समय पर सत्यापन और जांच करता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जांच के दौरान दो संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो लाख का जुर्माना वसूला गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब दो वर्ष पूर्व 27 जुलाई 2024 की शाम को दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बारिश के बाद पानी भरने से तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई। इसके बावजूद भी जिले के अफसर चेते नहीं। जिले में कुछ संस्थान बेसमेंट और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में चल रहे हैं। इनमें से अधिकांश के पास पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था या आपातकालीन निकास नहीं है।
विज्ञापन
लखनऊ हादसे के बाद अभिभावकों ने ऐसे संस्थानों की व्यापक जांच की मांग की है। जिला विद्यालय निरीक्षक ड़ॉ. पवन तिवारी ने बताया कि विभाग समय-समय पर सत्यापन और जांच करता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जांच के दौरान दो संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो लाख का जुर्माना वसूला गया था।
विज्ञापन