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Ayodhya: भक्तों पर पेन-कंघी तक की पाबंदी, पुजारियों के कैमरे को गर्भगृह तक छूट, बना रहे रील
Sun, 09 Aug 2026 07:50 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 09 Aug 2026 07:50 PM IST
सार
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद मंदिर के निगरानी तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। परिसर की रील पुजारियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पहुंच रहीं है। पुजारियों के बीच फॉलोअर बढ़ाने की होड़ लगी हुई है।
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चार दिन पहले एक पुजारी के सोशल मीडिया पर अपलोड रील का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
राम मंदिर में भक्तों के लिए तो पेन-कंघी तक ले जाने पर पाबंदी है, वहीं मंदिर से जुड़े कुछ पुजारियों के मोबाइल फोन तक मंदिर के भीतर पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं, गर्भगृह से लेकर मंदिर परिसर तक की रील पुजारियों के अकाउंट से सोशल मीडिया पर अपलोड हो रही है। इस घटनाक्रम ने मंदिर के निगरानी नियमों पर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों की जांच और निगरानी पर आधारित है। श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले कड़ी जांच से गुजरना पड़ता है और कई सामान्य वस्तुएं भी भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, मंदिर ट्रस्ट की अधिकृत मीडिया व्यवस्था अलग से है, जिसके माध्यम से मंदिर की गतिविधियों से जुड़े फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए जाते हैं।
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इसके अलावा किसी भी व्यक्ति को परिसर के भीतर की वीडियो, फोटो आदि बनाने पर रोक है। जगह-जगह इसे लेकर सख्त सूचना भी चस्पा है। इसके बावजूद मंदिर से जुड़े कई पुजारी इससे बेखौफ हैं। उनके मोबाइल फोन ही अंदर नहीं जा रहे हैं, बल्कि गर्भगृह से लेकर परिसर के अलग-अलग स्थानों से वह रील बनाकर फॉलोअर बढ़ा रहे हैं। इससे मंदिर के संवेदनशील हिस्सों में रिकॉर्डिंग की अनुमति और निगरानी के प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद से सक्रिय हैं कई खाते
प्राण प्रतिष्ठा के समय से ही मंदिर से जुड़े कुछ पुराने और नए पुजारी अपने निजी सोशल मीडिया खातों पर सक्रिय हैं। इनकी पड़ताल में मंदिर परिसर के भीतर और गर्भगृह से जुड़े कई वीडियो और रील सामने आती हैं। कुछ पुजारी नियमित रूप से वीडियो बनाकर अपलोड कर रहे हैं। इनके सोशल मीडिया पेजों पर फॉलोअर की संख्या भी काफी अधिक है और लगातार बढ़ती दिखाई देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि मंदिर में निजी रिकॉर्डिंग पर रोक है तो लंबे समय से ऐसे वीडियो सोशल मीडिया तक कैसे पहुंच रहे हैं।
चढ़ावा चोरी से पहले ही निगरानी पर उठे हैं सवाल
चढ़ावा चोरी की घटना ने पहले ही मंदिर की आंतरिक व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों तक पहुंच और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा गर्भगृह मंदिर का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। ऐसे में मंदिर के अंदर से रील बनाने की तस्वीरें सामने आना व्यवस्था के लिए असहज सवाल खड़े करता है। वहीं, एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्र ने बताया कि इसके नियमों की जानकारी करके अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।