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Ayodhya News: राम मंदिर परिसर में अनुशासन तोड़ा तो बख्शे नहीं जाएंगे
Fri, 24 Apr 2026 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 24 Apr 2026 11:04 PM IST
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अयोध्या। राम मंदिर अयोध्या परिसर में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रामनगरी के सभी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से सामान्य पास जारी किया जा रहा है। सामान्य पासधारकों के लिए ट्रस्ट की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर अति संवेदनशील क्षेत्र है, ऐसे में किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा या अनुशासनहीनता पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सामान्य पास धारकों को राम मंदिर समेत, सप्त मंडपम, कुबेर टीला व शेषावतार मंदिर के दर्शन मिल रहे हैं। यह पास ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बनवाया जा सकता है। पास पर सभी जरूरी दिशा-निर्देश अंकित किए गए हैं। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर में प्रवेश के समय श्रद्धालुओं के पास बुकिंग के दौरान प्रस्तुत किए गए पहचान पत्र की मूल प्रति होना अनिवार्य है। पहचान में किसी भी प्रकार की भिन्नता पाए जाने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, बुकिंग कंफर्म होने के बाद उसे स्थगित नहीं किया जा सकेगा, केवल निरस्तीकरण का विकल्प ही उपलब्ध रहेगा। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा है कि नियमों का पालन कर ही वे सुगम और सुरक्षित दर्शन व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं।
इनसेट
प्रतिबंधित वस्तुओं पर सख्ती
- मंदिर में प्रवेश के दौरान मोबाइल फोन, घड़ियां, चमड़े की वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नुकीली वस्तुएं (जैसे कलम), पानी या अन्य तरल पदार्थ, फूल-माला, प्रसाद एवं अन्य सामग्री ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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इपसेट
क्या करें- ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से मर्यादित और शालीन वस्त्र पहनकर आने, परिसर को स्वच्छ बनाए रखने और आपसी धार्मिक सम्मान बनाए रखने की अपील की है। दान केवल अधिकृत हुंडी या दान पेटी में ही करने को कहा गया है। यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।
क्या न करें- मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा, अभद्रता या अनुचित व्यवहार को दंडनीय अपराध बताया गया है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रसाद की अधिक मात्रा होने पर उसे आपस में साझा करने और कूड़ेदान के अलावा कहीं भी न फेंकने की अपील की गई है।
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सामान्य पास धारकों को राम मंदिर समेत, सप्त मंडपम, कुबेर टीला व शेषावतार मंदिर के दर्शन मिल रहे हैं। यह पास ट्रस्ट की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बनवाया जा सकता है। पास पर सभी जरूरी दिशा-निर्देश अंकित किए गए हैं। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर में प्रवेश के समय श्रद्धालुओं के पास बुकिंग के दौरान प्रस्तुत किए गए पहचान पत्र की मूल प्रति होना अनिवार्य है। पहचान में किसी भी प्रकार की भिन्नता पाए जाने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, बुकिंग कंफर्म होने के बाद उसे स्थगित नहीं किया जा सकेगा, केवल निरस्तीकरण का विकल्प ही उपलब्ध रहेगा। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा है कि नियमों का पालन कर ही वे सुगम और सुरक्षित दर्शन व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं।
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प्रतिबंधित वस्तुओं पर सख्ती
- मंदिर में प्रवेश के दौरान मोबाइल फोन, घड़ियां, चमड़े की वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नुकीली वस्तुएं (जैसे कलम), पानी या अन्य तरल पदार्थ, फूल-माला, प्रसाद एवं अन्य सामग्री ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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इपसेट
क्या करें- ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से मर्यादित और शालीन वस्त्र पहनकर आने, परिसर को स्वच्छ बनाए रखने और आपसी धार्मिक सम्मान बनाए रखने की अपील की है। दान केवल अधिकृत हुंडी या दान पेटी में ही करने को कहा गया है। यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।
क्या न करें- मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा, अभद्रता या अनुचित व्यवहार को दंडनीय अपराध बताया गया है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रसाद की अधिक मात्रा होने पर उसे आपस में साझा करने और कूड़ेदान के अलावा कहीं भी न फेंकने की अपील की गई है।