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Ayodhya News: श्रद्धालुओं के लिए अक्तूबर में खुल जाएंगे रामजन्मभूमि परिसर के सभी मंदिर
सार
अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरे होंगे। हालांकि, परिसर के मंदिर अक्तूबर के अंत तक श्रद्धालुओं के लिए सीमित संख्या में खोल दिए जाएंगे। ध्वजारोहण समारोह से पहले अधिकांश निर्माण कार्य पूरे करने की तैयारी है।
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सर्किट हाउस में मंदिर निर्माण कार्य की जानकारी देते नृपेंद्र मिश्र
- फोटो : सर्किट हाउस में मंदिर निर्माण कार्य की जानकारी देते नृपेंद्र मिश्र
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विस्तार
अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे मंदिर निर्माण के सभी कार्य पूरे होने में दिसंबर तक का समय लगेगा, लेकिन परिसर के सभी मंदिर अक्तूबर में ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह जानकारी राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने दी है। उन्होंने बृहस्पतिवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर समीक्षा बैठक की।
नृपेंद्र ने बताया कि अक्तूबर के अंत तक श्रद्धालुओं को यथासंभव अनुशासन के साथ जाने की अनुमति दे दी जाए, ऐसी योजना बन रही है। अनुशासन का मतलब है कि कुछ मंदिरों में सीमित संख्या में ही श्रद्धालु जा पाएंगे। ऐसे मंदिरों में कुबेर टीला व राम दरबार शामिल हैं। बताया कि परिसर में हरियाली विकसित करने का काम 31 अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। 70 एकड़ परिसर के 70 फीसदी हिस्से में हरियाली विकसित की जा रही है। पेड़-पौधे व घास लगाने का शेष काम जल्द पूरा करने को कहा गया है। परिसर के 10 एकड़ में पंचवटी विकसित की जा रही है, यह काम अक्तूबर के अंत तक पूरा करने की योजना है।
उन्होंने बताया कि ऑडिटोरियम का काम मार्च 2026 तक पूरा होगा। बाउंड्रीवॉल का निर्माण 2026 के अंत तक चलेगा। चार किलाेमीटर लंबी बाउंड्रीवाल के निर्माण का काम शुरू हो चुका है, इसमें करीब 16 माह लगेंगे। बाउंड्रीवाल सेंसर युक्त होगी, इसके आस-पास 25 वांच टॉवर लगाए जाएंगे। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर समेत अन्य शामिल रहे।
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ध्वजारोहण समारोह से पहले बन जाएगा परकोटा
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि बैठक में ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। 25 नवंबर को होने वाले समारोह से पहले अधिकांश काम पूरे हो जाएंगे। परिसर को मेहमानों के लिए सजाने पर मंथन किया जा रहा है। परिसर की साफ-सफाई तेज कर दी गई है, मलबा हटाया जा रहा है। परकोटा का काम भी पूर्णता की ओर है। अक्तूबर के अंत तक परकोटा खोल दिया जाएगा। श्रद्धालु परिक्रमा भी कर सकेंगे और परकोटा के सभी छह मंदिरों में दर्शन कर पाएंगे।
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नृपेंद्र ने बताया कि अक्तूबर के अंत तक श्रद्धालुओं को यथासंभव अनुशासन के साथ जाने की अनुमति दे दी जाए, ऐसी योजना बन रही है। अनुशासन का मतलब है कि कुछ मंदिरों में सीमित संख्या में ही श्रद्धालु जा पाएंगे। ऐसे मंदिरों में कुबेर टीला व राम दरबार शामिल हैं। बताया कि परिसर में हरियाली विकसित करने का काम 31 अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। 70 एकड़ परिसर के 70 फीसदी हिस्से में हरियाली विकसित की जा रही है। पेड़-पौधे व घास लगाने का शेष काम जल्द पूरा करने को कहा गया है। परिसर के 10 एकड़ में पंचवटी विकसित की जा रही है, यह काम अक्तूबर के अंत तक पूरा करने की योजना है।
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उन्होंने बताया कि ऑडिटोरियम का काम मार्च 2026 तक पूरा होगा। बाउंड्रीवॉल का निर्माण 2026 के अंत तक चलेगा। चार किलाेमीटर लंबी बाउंड्रीवाल के निर्माण का काम शुरू हो चुका है, इसमें करीब 16 माह लगेंगे। बाउंड्रीवाल सेंसर युक्त होगी, इसके आस-पास 25 वांच टॉवर लगाए जाएंगे। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र, निर्माण प्रभारी गोपाल राव, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर समेत अन्य शामिल रहे।
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ध्वजारोहण समारोह से पहले बन जाएगा परकोटा
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि बैठक में ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। 25 नवंबर को होने वाले समारोह से पहले अधिकांश काम पूरे हो जाएंगे। परिसर को मेहमानों के लिए सजाने पर मंथन किया जा रहा है। परिसर की साफ-सफाई तेज कर दी गई है, मलबा हटाया जा रहा है। परकोटा का काम भी पूर्णता की ओर है। अक्तूबर के अंत तक परकोटा खोल दिया जाएगा। श्रद्धालु परिक्रमा भी कर सकेंगे और परकोटा के सभी छह मंदिरों में दर्शन कर पाएंगे।