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Ayodhya News: एडीए की सख्ती कागजों तक सिमटी, जमीनी हकीकत जस की तस

Mon, 03 Aug 2026 09:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Mon, 03 Aug 2026 09:38 PM IST
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ADA's strictness is limited to paper, ground reality remains the same
 देवकाली में बेसमेंट में चल रहा इन्वेंशन डिजिटल लाइब्रेरी
अयोध्या। एडीए की सख्ती फिलहाल कागजों तक ही सिमटी नजर आ रही है। कोचिंग संस्थानों और डिजिटल लाइब्रेरी को सुरक्षा मानक पूरे करने के लिए दी गई 30 दिन की मोहलत खत्म हो चुकी है, लेकिन शहर में अब भी बेसमेंट में कोचिंग और डिजिटल लाइब्रेरी धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। पहली और दूसरी मंजिल पर चल रहे कई संस्थानों में दो निकासी मार्ग तक नहीं बनाए गए हैं।
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लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड के बाद अयोध्या विकास प्राधिकरण ने तीन दिन अभियान चलाकर 12 कोचिंग संस्थानों और डिजिटल लाइब्रेरी को सील किया था। इसके बाद तीन जुलाई को संचालकों के साथ बैठक कर शपथ पत्र के आधार पर सील हटाई गई और भवनों में आवश्यक संरचनात्मक बदलाव के लिए 30 दिन का समय दिया गया था।
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मोहलत खत्म होने के बाद ग्राउंड रिपोर्ट में नाका, देवकाली बाईपास-भिखापुर मार्ग, शंकरगढ़ और नाका-रायबरेली बाईपास मार्ग पर कई संस्थानों में मानकों का पालन अधूरा मिला। देवकाली स्थित इन्वेंशन डिजिटल लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित मिली। भिखापुर मार्ग पर अनन्या डिजिटल लाइब्रेरी भी बेसमेंट में चल रही है। नाका चुंगी के पास सत्यम डिजिटल लाइब्रेरी, जिसे शपथ पत्र के आधार पर सीलमुक्त किया गया था, वहां अब भी दो निकासी मार्ग नहीं हैं। नाका चुंगी मार्ग पर ही चल रहे इनोवेशन क्लासेज में भी दो निकासी मार्ग और खुला स्थान नहीं मिला, जबकि ऊपर संचालित डिजिटल लाइब्रेरी में भी यही स्थिति रही।
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शहर में करीब 300 कोचिंग संस्थान संचालित हैं, लेकिन शिक्षा विभाग में केवल 22 पंजीकृत हैं। अग्निशमन विभाग के पास सिर्फ 36 कोचिंग संस्थानों की फायर एनओसी दर्ज है, जबकि किसी भी डिजिटल लाइब्रेरी के पास फायर एनओसी नहीं है। शहर में संचालित अधिकतर डिजिटल लाइब्रेरी का पंजीकरण भी नहीं है।


इनसेट-

एडीए सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि भवनों में निर्माण संबंधी बदलाव के लिए संचालकों को शपथ पत्र लेकर 30 दिन का समय दिया गया था। अब दोबारा जांच कराई जाएगी। जो संस्थान मानकों के अनुरूप नहीं मिलेंगे, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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