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Ayodhya News: वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए अवध विवि में स्थापित हुआ आधुनिक संयंत्र
Wed, 16 Jul 2025 09:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 16 Jul 2025 09:11 PM IST
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अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग की पहल पर वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए आधुनिक संयंत्र प्रशासनिक भवन परिसर में स्थापित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह की पहल से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक परिसर में निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की स्थापना की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से अब विश्वविद्यालय न केवल क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता का सटीक मूल्यांकन कर पाएगा, बल्कि इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जागरूकता बढ़ाने और नीति निर्धारण के लिए भी ठोस प्रयास किए जा सकेंगे।
पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ़ विनोद चौधरी ने बताया कि अयोध्या में वायु प्रदूषण की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसका प्रभाव न केवल मानव स्वास्थ्य पर बल्कि पर्यावरण, वनस्पतियों, जलवायु और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर भी पड़ रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने एक अत्याधुनिक वायु गुणवत्ता और मौसम निगरानी तंत्र की शुरुआत की है। विभाग की ओर से समय-समय पर वायु गुणवत्ता सूचकांक पर आधारित बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे। स्थानीय समुदायों, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाग इस योजना प्रणाली को शहर के अन्य भागों में भी विस्तारित करने की है। इस अवसर पर डॉ. नवीन पटेल, डॉ. अरविंद कुमार, बृजेश कुमार यादव, अदिति बरनवाल, आकांक्षा यादव, सौरभ कुमार एवं राजकुमार मौजूद रहे।
डॉ. चौधरी ने बताया कि यह निगरानी तंत्र पूरे वर्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इस प्रणाली में एक डिजिटल डैशबोर्ड भी शामिल है, जहां आमजन के लिए भी आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे नागरिक अपने परिवेश की वायु गुणवत्ता के बारे में जान सकेंगे। विभाग द्वारा इन आंकड़ों का विश्लेषण कर शोध पत्र तैयार किए जाएंगे, जिनका उपयोग न केवल अकादमिक अनुसंधान के लिए होगा, बल्कि प्रशासनिक नीतियों में भी किया जा सकेगा।
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पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ़ विनोद चौधरी ने बताया कि अयोध्या में वायु प्रदूषण की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसका प्रभाव न केवल मानव स्वास्थ्य पर बल्कि पर्यावरण, वनस्पतियों, जलवायु और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर भी पड़ रहा है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने एक अत्याधुनिक वायु गुणवत्ता और मौसम निगरानी तंत्र की शुरुआत की है। विभाग की ओर से समय-समय पर वायु गुणवत्ता सूचकांक पर आधारित बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे। स्थानीय समुदायों, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाग इस योजना प्रणाली को शहर के अन्य भागों में भी विस्तारित करने की है। इस अवसर पर डॉ. नवीन पटेल, डॉ. अरविंद कुमार, बृजेश कुमार यादव, अदिति बरनवाल, आकांक्षा यादव, सौरभ कुमार एवं राजकुमार मौजूद रहे।
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डॉ. चौधरी ने बताया कि यह निगरानी तंत्र पूरे वर्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। इस प्रणाली में एक डिजिटल डैशबोर्ड भी शामिल है, जहां आमजन के लिए भी आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे नागरिक अपने परिवेश की वायु गुणवत्ता के बारे में जान सकेंगे। विभाग द्वारा इन आंकड़ों का विश्लेषण कर शोध पत्र तैयार किए जाएंगे, जिनका उपयोग न केवल अकादमिक अनुसंधान के लिए होगा, बल्कि प्रशासनिक नीतियों में भी किया जा सकेगा।
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