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Ayodhya News: अविनाश के कमरे से मिला रामराज्य कोष लिखा संदूक
Wed, 01 Jul 2026 11:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:13 PM IST
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28-अविनाश के घर पर मिला संदूक।-संवाद
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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित ठिकाने से एक और अहम तथ्य सामने आया है। कौशलपुरी स्थित श्याम साधनालय योग केंद्र में अविनाश के कमरे से रामराज्य कोष लिखा एक संदूक मिला। संदूक पर लाल रंग से रामराज्य कोष अंकित है और उस पर पेटीएम का क्यूआर कोड भी है।
पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस संदूक में जमा होने वाला धन कहां से आता था। इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता था और इसका राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संदूक से कोई नकदी बरामद हुई या नहीं। सूत्रों के अनुसार पुलिस संदूक के उपयोग, उस पर लगे क्यूआर कोड के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
वहीं, श्याम साधनालय केंद्र से जुड़े इंजीनियर रवि तिवारी ने संदूक की पूरी कहानी बताई है। उनका कहना है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण से बरामद संदूक का कुछ लेना देना नहीं है। 2016-17 में रामराज्य कोष नाम का ट्रस्ट संघ से जुड़े कार्यकर्ता भाष्कर ने रजिस्टर्ड कराया था। उनकी इच्छा थी कि राम मंदिर निर्माण के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाए और स्थान-स्थान पर आध्यात्मिक व धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए एक ट्रस्ट बनाया जाए। देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर वे अक्षय तृतीया पर पूजन करते थे। इसी क्रम में वे 2021 में अयोध्या आए और योग केंद्र श्याम साधनालय में पूजन हुआ। वे इस संदूक को ताला बंदकर केंद्र पर ही छोड़ गए, जिसमें कुछ नहीं है। इस पर लिखा क्यूआर कोड और बेबसाइट लंबे समय से सक्रिय नहीं है।
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पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस संदूक में जमा होने वाला धन कहां से आता था। इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जाता था और इसका राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संदूक से कोई नकदी बरामद हुई या नहीं। सूत्रों के अनुसार पुलिस संदूक के उपयोग, उस पर लगे क्यूआर कोड के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
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वहीं, श्याम साधनालय केंद्र से जुड़े इंजीनियर रवि तिवारी ने संदूक की पूरी कहानी बताई है। उनका कहना है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण से बरामद संदूक का कुछ लेना देना नहीं है। 2016-17 में रामराज्य कोष नाम का ट्रस्ट संघ से जुड़े कार्यकर्ता भाष्कर ने रजिस्टर्ड कराया था। उनकी इच्छा थी कि राम मंदिर निर्माण के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाए और स्थान-स्थान पर आध्यात्मिक व धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए एक ट्रस्ट बनाया जाए। देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर वे अक्षय तृतीया पर पूजन करते थे। इसी क्रम में वे 2021 में अयोध्या आए और योग केंद्र श्याम साधनालय में पूजन हुआ। वे इस संदूक को ताला बंदकर केंद्र पर ही छोड़ गए, जिसमें कुछ नहीं है। इस पर लिखा क्यूआर कोड और बेबसाइट लंबे समय से सक्रिय नहीं है।
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