{"_id":"694ab6bc3420169c50009581","slug":"23-family-members-contracted-tuberculosis-after-living-with-patients-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-139927-2025-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: रोगियों के साथ रहकर टीबी की चपेट में आए 23 परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: रोगियों के साथ रहकर टीबी की चपेट में आए 23 परिजन
Tue, 23 Dec 2025 09:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 23 Dec 2025 09:05 PM IST
विज्ञापन
सतीश पाठक
अयोध्या। क्षय रोगियों के संपर्क में रहने वाले 23 परिजन भी टीबी की चपेट में आए हैं। खास बात है कि उनमें टीबी के कोई लक्षण नहीं थे। इनमें चार लोग टीबी की एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) श्रेणी के पाए गए हैं। सभी रोगियों का इलाज शुरू किया गया है।
सात दिसंबर, 2024 से प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत उच्च जोखिम क्षेत्र के 2,49,144 लोगों में टीबी की स्क्रीनिंग की गई थी। इस दौरान टीबी के संभावित लक्षण वाले 32,650 मरीजों की सीबी नॉट और माइक्रोस्कोपी से बलगम जांच की गई।
वहीं, बिना लक्षण वाले 1,33,023 संभावित मरीजों का विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों पर एक्सरे कराया गया। इस दौरान जिले भर में टीबी के 8,895 रोगी पाए गए, जिनमें 103 मरीज एमडीआर श्रेणी के थे। इसके अलावा टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले और बिना लक्षण के रोगियों की जांच कराई गई, जिनमें 23 परिजन टीबी से ग्रसित मिले।
विज्ञापन
रोगियों के परिजनों का ध्यान रखना जरूरी
डीटीओ के अनुसार टीबी के मरीजों के संपर्क में रहने वालों की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। सरकार टीबी की रोकथाम पर तेजी से काम कर रही है। टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी के जरिये ऐसे लोगों का खास ख्याल रखा जा रहा है। रोगियों के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों की बलगम जांच कराई जाएगी। धनात्मक मिलने पर पूरे छह माह या निर्धारित अवधि तक निशुल्क इलाज किया जाएगा। शुगर, एचआईअी आदि की जांच कराई जाएगी। बलगम धनात्मक रोगी न मिलने पर टीबी से बचाव के लिए क्षय निरोधी औषधियां निर्धारित अवधि तक खिलाई जाएंगी। उन्होंने अपील की है कि स्वस्थ होने के बाद क्षय रोगी टीबी चैंपियन बनकर समाज में जागरूकता फैलाएं, जिससे अन्य लोग टीबी से ग्रसित होने से बचें।
15 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है एक मरीज
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप कुमार शुक्ला ने बताया कि टीबी का एक मरीज एक साल में लगातार संपर्क में रहने वाले 15 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए घर, कार्यालय या कार्यस्थल आदि जगहों पर टीबी के मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोग नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सीएचसी-पीएचसी, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज आदि स्थानों पर निशुल्क जांच कराएं और टीबी फैलने से रोकें।
इस तरह के हों लक्षण तो हो जाएं सावधान
डीटीओ डॉ. संदीप कुमार शुक्ला ने बताया कि जिन्हें दो सप्ताह से खांसी हो, बलगम, बलगम में खून, सीने में दर्द, रात में पसीना, भूख कम लगना, वजन कम होना, शुगर, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव, शरीर में गांठ आदि लक्षण दिखने पर तत्काल सावधान हो जाएं। इसके अलावा औरतों में बांझपन व टीबी के पुराने मरीज भी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क जांच और इलाज कराएं।
विज्ञापन
अयोध्या। क्षय रोगियों के संपर्क में रहने वाले 23 परिजन भी टीबी की चपेट में आए हैं। खास बात है कि उनमें टीबी के कोई लक्षण नहीं थे। इनमें चार लोग टीबी की एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) श्रेणी के पाए गए हैं। सभी रोगियों का इलाज शुरू किया गया है।
सात दिसंबर, 2024 से प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत उच्च जोखिम क्षेत्र के 2,49,144 लोगों में टीबी की स्क्रीनिंग की गई थी। इस दौरान टीबी के संभावित लक्षण वाले 32,650 मरीजों की सीबी नॉट और माइक्रोस्कोपी से बलगम जांच की गई।
विज्ञापन
वहीं, बिना लक्षण वाले 1,33,023 संभावित मरीजों का विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों पर एक्सरे कराया गया। इस दौरान जिले भर में टीबी के 8,895 रोगी पाए गए, जिनमें 103 मरीज एमडीआर श्रेणी के थे। इसके अलावा टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले और बिना लक्षण के रोगियों की जांच कराई गई, जिनमें 23 परिजन टीबी से ग्रसित मिले।
विज्ञापन
रोगियों के परिजनों का ध्यान रखना जरूरी
डीटीओ के अनुसार टीबी के मरीजों के संपर्क में रहने वालों की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। सरकार टीबी की रोकथाम पर तेजी से काम कर रही है। टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी के जरिये ऐसे लोगों का खास ख्याल रखा जा रहा है। रोगियों के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों की बलगम जांच कराई जाएगी। धनात्मक मिलने पर पूरे छह माह या निर्धारित अवधि तक निशुल्क इलाज किया जाएगा। शुगर, एचआईअी आदि की जांच कराई जाएगी। बलगम धनात्मक रोगी न मिलने पर टीबी से बचाव के लिए क्षय निरोधी औषधियां निर्धारित अवधि तक खिलाई जाएंगी। उन्होंने अपील की है कि स्वस्थ होने के बाद क्षय रोगी टीबी चैंपियन बनकर समाज में जागरूकता फैलाएं, जिससे अन्य लोग टीबी से ग्रसित होने से बचें।
15 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है एक मरीज
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप कुमार शुक्ला ने बताया कि टीबी का एक मरीज एक साल में लगातार संपर्क में रहने वाले 15 स्वस्थ व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए घर, कार्यालय या कार्यस्थल आदि जगहों पर टीबी के मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोग नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सीएचसी-पीएचसी, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज आदि स्थानों पर निशुल्क जांच कराएं और टीबी फैलने से रोकें।
इस तरह के हों लक्षण तो हो जाएं सावधान
डीटीओ डॉ. संदीप कुमार शुक्ला ने बताया कि जिन्हें दो सप्ताह से खांसी हो, बलगम, बलगम में खून, सीने में दर्द, रात में पसीना, भूख कम लगना, वजन कम होना, शुगर, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव, शरीर में गांठ आदि लक्षण दिखने पर तत्काल सावधान हो जाएं। इसके अलावा औरतों में बांझपन व टीबी के पुराने मरीज भी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क जांच और इलाज कराएं।