फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   20 tonne waste plant on paper

Ayodhya News: कागजों में 20 टन सीएंडडी वेस्ट प्लांट

Fri, 02 Oct 2026 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 02 Oct 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
20 tonne waste plant on paper
अयोध्या। रामनगरी में विकास की रफ्तार तेज है। मंदिर निर्माण के बाद आवासीय, व्यावसायिक और पर्यटन परियोजनाओं ने शहर में निर्माण गतिविधियों को नई गति दी है। पुराने भवन टूट रहे हैं, नए भवन खड़े हो रहे हैं, सड़कें और दूसरी परियोजनाएं आकार ले रही हैं, लेकिन इस विकास के साथ निकल रहे हजारों टन निर्माण एवं ध्वस्तीकरण मलबे यानी सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट के निस्तारण को लेकर नगर निगम की तैयारी सवालों के घेरे में है।
विज्ञापन

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर निगम के कागजों में अब्बूसराय में 20 टन प्रतिदिन क्षमता की सेमी ऑटोमैटिक सीएंडडी वेस्ट इकाई दर्ज है, तो जमीन पर इसका संचालन कहां और कैसे हो रहा है? अगर इकाई स्थापित हो चुकी है तो मलबा कहां पहुंचाया जा रहा है और उसका वैज्ञानिक प्रसंस्करण कितना हो रहा है? और अगर इकाई अभी स्थापित ही नहीं हुई, तो सरकारी रिकॉर्ड में इसकी क्षमता और व्यवस्था का उल्लेख किस आधार पर किया गया? अयोध्या नगर निगम का गठन 2017 में अयोध्या और फैजाबाद नगर पालिका क्षेत्रों को मिलाकर किया गया था। करीब नौ वर्ष बाद भी निर्माण मलबे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और पुन: उपयोग की ठोस व्यवस्था का अभाव विकास की तस्वीर का दूसरा पहलू सामने रखता है।
विज्ञापन



खाली प्लॉट और सड़क किनारे पहुंच रहा मलबा
शहर में भवनों के ध्वस्तीकरण से निकलने वाली ईंट, गिट्टी, कंक्रीट, मिट्टी और अन्य सामग्री के लिए अलग व्यवस्था जरूरी है। लेकिन व्यवस्था के अभाव में यह मलबा खाली प्लॉटों, सड़क किनारे और अन्य स्थानों पर डंप होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। सवाल यह भी है कि नगर निगम ऐसे अवैध डंपिंग प्वाइंट चिह्नित कर रहा है या नहीं और वहां से मलबा हटाने की जिम्मेदारी किसकी है? दिलचस्प यह है कि वर्ष 2023 में नगर निगम ने भवनों के ध्वस्तीकरण से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन एवं निस्तारण के लिए सीएंडडी वेस्ट इकाई को अपनी 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल किया था। फिर तीन साल बाद भी व्यवस्था कार्ययोजना से निकलकर जमीन पर क्यों नहीं पहुंच सकी?
विज्ञापन
विज्ञापन



82 हजार भवन, बढ़ेगा दबाव

नगर निगम क्षेत्र में करीब 62 हजार भवन पहले से चिह्नित हैं। हालिया मकान गणना में करीब 20 हजार नए भवन और जुड़ने की उम्मीद है। यानी भवनों की संख्या करीब 82 हजार तक पहुंच सकती है। निर्माण गतिविधियां बढ़ने के साथ सीएंडडी वेस्ट का दबाव भी बढ़ना तय है। ऐसे में सवाल सिर्फ एक प्लांट का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की क्षमता और तैयारी का है। क्या निगम के पास मलबे की वास्तविक मात्रा का कोई आकलन है? कितने भवनों से रोजाना मलबा निकल रहा है? कितना मलबा उठाया जा रहा है और कितना निस्तारित किया जा रहा है?




सहायक नगर आयुक्त गुरु प्रसाद पांडेय के अनुसार, अब्बूसराय में सीएंडडी वेस्ट इकाई स्थापित की जानी है और कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इकाई शुरू होने के बाद व्यवस्था बेहतर होगी।


सहायक नगर आयुक्त गुरु प्रसाद पांडेय के अनुसार, अब्बूसराय में सीएंडडी वेस्ट इकाई स्थापित की जानी है और कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इकाई शुरू होने के बाद व्यवस्था बेहतर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed