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Amethi News: बाजारों में बढ़ी गेहूं की कीमतें, क्रय केंद्रों पर सन्नाटा
Sun, 30 Apr 2023 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 30 Apr 2023 11:35 PM IST
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केंद्र पर पसरा सन्नाटा
गौरीगंज (अमेठी)। बाजारों में गेहूं के भावों में वृद्धि व रैक प्वाइंट के जरिए गेहूं बाहर भेजने की व्यवस्था क्रय केंद्रों पर भारी पड़ रही है। बाजार में आढ़त पर किसानों की भीड़ हो रही है तो क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। 29 दिन बाद भी चार क्रय केंद्रों की बोहनी तक नहीं हो पाई है।
मंडी समिति जायस व जाफरगंज के साथ खुले बाजार में गेहूं के चढ़े भाव ने सरकारी खरीद एजेंसियों के जिम्मेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। निर्धारित लक्ष्य 60 हजार एमटी पूरा करना चुनौती बनता नजर आ रहा है। बाजार में 2,170 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक मूल्य मिलने से आढ़त पर गेहूं के ढेर लगे हैं जबकि फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत निर्धारित छह एजेंसी के 70 क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत तिलोई तहसील में 1097, मुसाफिरखाना में 322, गौरीगंज में 782 तथा अमेठी मेंं 278 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकृत किसानों में अब तक सिर्फ 264 ने अपनी उपज निर्धारित समर्थन मूल्य पर बेचा है। एक ओर रेट कम होने व क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई, आधार प्रमाणीकरण समेत अन्य नियमों के साथ भुगतान में विलंब से किसान बचना चाहते हैं।
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यही किसान इसलिए भी आढ़तियों का रुख करते हैं क्योंकि आढ़त पर उपज बेचने में नगद पैसा मिल जाता है और कोई कागज या सत्यापन का झंझट नहीं रहता।
किसानों से किया जा रहा संपर्क
क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद कराने के लिए फोन करने के साथ ही व्यक्तिगत रूप से केंद्र प्रभारी संपर्क कर रहे हैं। बाजार में गेहूं का भाव अधिक होने से किसान क्रय केंद्र पर फसल बेचने नहीं आ रहे हैं। आगामी दिनों में गेहूं की आमद तेज होगी। क्रय केंद्रों को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
संतोष कुमार द्विवेदी-डिप्टी आरएमओ
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मंडी समिति जायस व जाफरगंज के साथ खुले बाजार में गेहूं के चढ़े भाव ने सरकारी खरीद एजेंसियों के जिम्मेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। निर्धारित लक्ष्य 60 हजार एमटी पूरा करना चुनौती बनता नजर आ रहा है। बाजार में 2,170 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक मूल्य मिलने से आढ़त पर गेहूं के ढेर लगे हैं जबकि फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत निर्धारित छह एजेंसी के 70 क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
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फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत तिलोई तहसील में 1097, मुसाफिरखाना में 322, गौरीगंज में 782 तथा अमेठी मेंं 278 किसानों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकृत किसानों में अब तक सिर्फ 264 ने अपनी उपज निर्धारित समर्थन मूल्य पर बेचा है। एक ओर रेट कम होने व क्रय केंद्रों पर गेहूं की सफाई, आधार प्रमाणीकरण समेत अन्य नियमों के साथ भुगतान में विलंब से किसान बचना चाहते हैं।
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यही किसान इसलिए भी आढ़तियों का रुख करते हैं क्योंकि आढ़त पर उपज बेचने में नगद पैसा मिल जाता है और कोई कागज या सत्यापन का झंझट नहीं रहता।
किसानों से किया जा रहा संपर्क
क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद कराने के लिए फोन करने के साथ ही व्यक्तिगत रूप से केंद्र प्रभारी संपर्क कर रहे हैं। बाजार में गेहूं का भाव अधिक होने से किसान क्रय केंद्र पर फसल बेचने नहीं आ रहे हैं। आगामी दिनों में गेहूं की आमद तेज होगी। क्रय केंद्रों को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
संतोष कुमार द्विवेदी-डिप्टी आरएमओ