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Amethi News: जानलेवा हमले के तीन दोषियों को सजा
Mon, 20 Jul 2026 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:51 AM IST
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अमेठी सिटी। राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत करने पर हुए जानलेवा हमले के 15 साल पुराने मामले में एडीजे चतुर्थ सुल्तानपुर की अदालत ने तीन दोषियों को सजा सुनाई।
अदालत ने तीनों को जेल भेजने का भी आदेश दिया। अदालत ने तत्कालीन कोटेदार बाबूलाल तिवारी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके पुत्र पप्पू उर्फ सुनील तिवारी और हनुमान प्रसाद को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। बाबूलाल और हनुमान प्रसाद पर 60-60 हजार तथा सुनील तिवारी पर 77 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया।
अभियोजन के अनुसार संग्रामपुर के छाछा-बनवीरपुर निवासी एवं भारतीय किसान यूनियन (अंबावता गुट) के तत्कालीन ब्लॉक अध्यक्ष संग्राम सिंह ने 14 अप्रैल 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप था कि राशन वितरण में धांधली की शिकायत से नाराज बाबूलाल तिवारी, उसके पुत्र सुनील तिवारी और हनुमान प्रसाद शंकरगढ़ चौराहे के पास पहुंचे।
बाबूलाल के उकसाने पर हनुमान प्रसाद ने कट्टे से फायर किया और भाग रहे संग्राम सिंह को सुनील तिवारी ने गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अदालत ने तीन दिन पहले तीनों को दोषी ठहराया था और शनिवार को सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।
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अदालत ने तीनों को जेल भेजने का भी आदेश दिया। अदालत ने तत्कालीन कोटेदार बाबूलाल तिवारी को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके पुत्र पप्पू उर्फ सुनील तिवारी और हनुमान प्रसाद को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। बाबूलाल और हनुमान प्रसाद पर 60-60 हजार तथा सुनील तिवारी पर 77 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया।
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अभियोजन के अनुसार संग्रामपुर के छाछा-बनवीरपुर निवासी एवं भारतीय किसान यूनियन (अंबावता गुट) के तत्कालीन ब्लॉक अध्यक्ष संग्राम सिंह ने 14 अप्रैल 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप था कि राशन वितरण में धांधली की शिकायत से नाराज बाबूलाल तिवारी, उसके पुत्र सुनील तिवारी और हनुमान प्रसाद शंकरगढ़ चौराहे के पास पहुंचे।
बाबूलाल के उकसाने पर हनुमान प्रसाद ने कट्टे से फायर किया और भाग रहे संग्राम सिंह को सुनील तिवारी ने गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अदालत ने तीन दिन पहले तीनों को दोषी ठहराया था और शनिवार को सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।