{"_id":"678bfc8b4a651690030a8795","slug":"there-was-chaos-when-the-bodies-of-mother-and-son-reached-the-village-amethi-news-c-96-1-ame1002-133365-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: मां-बेटे के शव गांव पहुंचे तो मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: मां-बेटे के शव गांव पहुंचे तो मचा कोहराम
Sun, 19 Jan 2025 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 19 Jan 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
शाहगढ़ (अमेठी)। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मां-बेटे का शव शनिवार देर शाम गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों का करुण क्रंदन देख हर किसी की आंख नम हो गई। रविवार को गांव में ही मां-बेटे का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के समशेरिया गांव निवासी राकेश कुमार (24) व घुटूरा (55) की शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल होने के बाद सुल्तानपुर जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा था। शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया।
मृतका की बेटी रीता, सुनीता, विनीता, संगीता व शिवांशी का रो-रोकर बुरा हाल है तो राकेश की पत्नी क्रांति बेसुध पड़ी हैं। राकेश के दो मासूम पुत्र आयुष व पीयूष भी पिता की मौत से गमगीन हैं। मृतक का भाई मुकेश व पिता बाबूलाल बेसुध पड़े है।
विज्ञापन
शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों को ढाढ़स बंधाने की रिश्तेदारों की कोशिश करुण वेदना के आगे नाकाम साबित हो रही थी। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है तो मां-बेटे की मौत से गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं चले। मृतक के भाई मुकेश ने बताया कि दोनों शव का अंतिम संस्कार रविवार को गांव में किया जाएगा।
विज्ञापन
मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के समशेरिया गांव निवासी राकेश कुमार (24) व घुटूरा (55) की शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल होने के बाद सुल्तानपुर जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद से गांव में मातमी सन्नाटा पसरा था। शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया।
विज्ञापन
मृतका की बेटी रीता, सुनीता, विनीता, संगीता व शिवांशी का रो-रोकर बुरा हाल है तो राकेश की पत्नी क्रांति बेसुध पड़ी हैं। राकेश के दो मासूम पुत्र आयुष व पीयूष भी पिता की मौत से गमगीन हैं। मृतक का भाई मुकेश व पिता बाबूलाल बेसुध पड़े है।
विज्ञापन
शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों को ढाढ़स बंधाने की रिश्तेदारों की कोशिश करुण वेदना के आगे नाकाम साबित हो रही थी। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है तो मां-बेटे की मौत से गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं चले। मृतक के भाई मुकेश ने बताया कि दोनों शव का अंतिम संस्कार रविवार को गांव में किया जाएगा।