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Amethi News: स्कूल न जाना पड़े, इसलिए छात्र ने गढ़ी अपहरण की कहानी
Wed, 10 Sep 2025 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:23 AM IST
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अमेठी सिटी। इन्हौना क्षेत्र के बड़नापुर गांव निवासी सातवीं कक्षा के छात्र मोहम्मद हसन के अपहरण की कोशिश का मामला पुलिस की जांच में फर्जी निकला है। छात्र ने स्कूल जाने से बचने के लिए ही पूरी कहानी गढ़ी थी।
सोमवार सुबह 7:45 बजे छात्र घर से निकला और कुछ देर बाद अपहरण की कोशिश होने की मनगढंत कहानी रची। करीब 10 बजे उसने परिजनों को बताया कि शेखा पीर मजार के पास कार सवार लोगों ने उसे अगवा करने की कोशिश की। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। जांच में 8:20 बजे हसन को आराम से जाते हुए देखा गया, जबकि उसने घटना का समय 8:18 बजे बताया था। इसके साथ ही कई अन्य तथ्यों ने भी कहानी की पोल खोल दी।
हसन आठ दिन से स्कूल नहीं गया था। घटना का समय स्कूल खुलने के बाद का था। वहीं, परिजनों का कहना था कि वह 10 बजे घर लौटा, जबकि घटनास्थल से घर पहुंचने में 10 मिनट से अधिक समय नहीं लगता है। फुटेज में अहोरवा भवानी मार्ग पर घटना के समय एक घंटे तक किसी कार का गुजरना भी नहीं पाया गया। पूछताछ में हसन ने सच स्वीकार कर लिया। जांच में सामने आया कि गांव के युवक आदिल लतीफ ने बच्चे को पहले से बयान देने के लिए तैयार किया था। वीडियो में हसन ने न केवल अपहरण की कोशिश का जिक्र किया, बल्कि आरोपियों को भगवा कपड़े पहने होने की बात भी कही थी। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि पूरी कहानी गढ़ी हुई थी, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई। बच्चे और उनके घरवालों को समझाया गया है।
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सोमवार सुबह 7:45 बजे छात्र घर से निकला और कुछ देर बाद अपहरण की कोशिश होने की मनगढंत कहानी रची। करीब 10 बजे उसने परिजनों को बताया कि शेखा पीर मजार के पास कार सवार लोगों ने उसे अगवा करने की कोशिश की। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। जांच में 8:20 बजे हसन को आराम से जाते हुए देखा गया, जबकि उसने घटना का समय 8:18 बजे बताया था। इसके साथ ही कई अन्य तथ्यों ने भी कहानी की पोल खोल दी।
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हसन आठ दिन से स्कूल नहीं गया था। घटना का समय स्कूल खुलने के बाद का था। वहीं, परिजनों का कहना था कि वह 10 बजे घर लौटा, जबकि घटनास्थल से घर पहुंचने में 10 मिनट से अधिक समय नहीं लगता है। फुटेज में अहोरवा भवानी मार्ग पर घटना के समय एक घंटे तक किसी कार का गुजरना भी नहीं पाया गया। पूछताछ में हसन ने सच स्वीकार कर लिया। जांच में सामने आया कि गांव के युवक आदिल लतीफ ने बच्चे को पहले से बयान देने के लिए तैयार किया था। वीडियो में हसन ने न केवल अपहरण की कोशिश का जिक्र किया, बल्कि आरोपियों को भगवा कपड़े पहने होने की बात भी कही थी। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि पूरी कहानी गढ़ी हुई थी, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई। बच्चे और उनके घरवालों को समझाया गया है।
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