{"_id":"6ac69d9e48f9a2e4440b76d5","slug":"stood-in-line-for-hours-for-dap-amethi-news-c-96-1-ame1008-177540-2026-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: डीएपी के लिए घंटों खड़े रहे कतार में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: डीएपी के लिए घंटों खड़े रहे कतार में
Thu, 08 Oct 2026 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
गौरीगंज इफको सेंटर पर बुधवार को कतार में बैठे किसान। संवाद
अमेठी सिटी। रबी की तैयारी के बीच डीएपी की किल्लत की आशंका से किसान परेशान हैं। बुधवार को गौरीगंज स्थित इफको केंद्र पर खाद पहुंचने की जानकारी मिलते ही किसान सुबह से कतार में लग गए। केंद्र खुलने से पहले लगी लाइन दोपहर तक बनी रही। दो बोरी डीएपी लेने के लिए किसानों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
कतार में खड़े किसानों के हाथ में आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज थे। कोई अपनी बारी पूछता रहा तो कोई आलू की बोआई का समय निकलने की चिंता जताता दिखा। किसानों ने बताया कि खाद मिलने में देरी से बोआई प्रभावित होने का डर है। मंगलवार को भी कई किसान खाद लेने पहुंचे थे, लेकिन बिना खाद लौटना पड़ा। बुधवार को उन्हें फिर कतार में लगना पड़ा।
गौरीगंज की माधोपुर साधन सहकारी समिति दोपहर में बंद मिली। यहां डीएपी लेने पहुंचे गिरधारी को बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि आलू की बोआई के लिए खाद की जरूरत है, लेकिन समिति बंद होने से खाद नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
महेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह जल्दी पहुंचने के बावजूद नंबर आने में काफी समय लगा। सुरेश कुमार और रवींद्र प्रताप ने बताया कि मंगलवार को खाद नहीं मिली तो बुधवार को दोबारा केंद्र आना पड़ा। रामदीन ने कहा कि निजी दुकानों पर महंगी खाद मिलने के कारण किसान सरकारी केंद्रों पर निर्भर हैं।
जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए केंद्र प्रभारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
कतार में खड़े किसानों के हाथ में आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज थे। कोई अपनी बारी पूछता रहा तो कोई आलू की बोआई का समय निकलने की चिंता जताता दिखा। किसानों ने बताया कि खाद मिलने में देरी से बोआई प्रभावित होने का डर है। मंगलवार को भी कई किसान खाद लेने पहुंचे थे, लेकिन बिना खाद लौटना पड़ा। बुधवार को उन्हें फिर कतार में लगना पड़ा।
विज्ञापन
गौरीगंज की माधोपुर साधन सहकारी समिति दोपहर में बंद मिली। यहां डीएपी लेने पहुंचे गिरधारी को बैरंग लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि आलू की बोआई के लिए खाद की जरूरत है, लेकिन समिति बंद होने से खाद नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
महेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह जल्दी पहुंचने के बावजूद नंबर आने में काफी समय लगा। सुरेश कुमार और रवींद्र प्रताप ने बताया कि मंगलवार को खाद नहीं मिली तो बुधवार को दोबारा केंद्र आना पड़ा। रामदीन ने कहा कि निजी दुकानों पर महंगी खाद मिलने के कारण किसान सरकारी केंद्रों पर निर्भर हैं।
जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए केंद्र प्रभारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।