{"_id":"6ad282d959910483d60c5c92","slug":"sought-the-blessings-of-happiness-and-prosperity-from-goddess-katyayani-amethi-news-c-96-1-ame1002-178267-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: मां कात्यायनी से मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: मां कात्यायनी से मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
Sat, 17 Oct 2026 01:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:32 AM IST
विज्ञापन
संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम में दर्शन-पूजन करते श्रद्धालु। -संवाद
अमेठी सिटी। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगा। अहोरवा भवानी, हिंगलाज माता मंदिर और कालिकन धाम सहित प्रमुख देवी स्थलों पर सुबह से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
सुबह मंदिरों में आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मां को फूल-माला, चुनरी, नारियल और प्रसाद अर्पित किया। घंटा-घड़ियाल की ध्वनि के बीच भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेककर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। कई स्थानों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ। नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ विंध्याचल धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए।
पंडित हेमंत शास्त्री के मुताबिक मां कात्यायनी शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा की प्रतीक हैं। नवरात्र के छठे दिन उनकी आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से भक्तों को कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। मां की आराधना से आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार होता है। श्रद्धालु पूजा के दौरान सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन में उन्नति की कामना करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह मंदिरों में आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मां को फूल-माला, चुनरी, नारियल और प्रसाद अर्पित किया। घंटा-घड़ियाल की ध्वनि के बीच भक्तों ने माता के दरबार में मत्था टेककर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। कई स्थानों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ। नवरात्र के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ विंध्याचल धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन
पंडित हेमंत शास्त्री के मुताबिक मां कात्यायनी शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा की प्रतीक हैं। नवरात्र के छठे दिन उनकी आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से भक्तों को कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। मां की आराधना से आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार होता है। श्रद्धालु पूजा के दौरान सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन में उन्नति की कामना करते हैं।
विज्ञापन