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Amethi News: दो साल से गैरहाजिर चार शिक्षकों व एक अनुचर की सेवा समाप्त
Fri, 02 Aug 2024 04:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 02 Aug 2024 04:11 AM IST
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अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित चार शिक्षकों व एक अनुचर की सेवा समाप्त कर दी है। अमर उजाला की ओर से पिछले मई माह में इसका खुलासा करने के बाद विभाग इसकी जांच करवा रहा था।
बेसिक शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों व अनुचर को नोटिस देकर जवाब मांगा था। इसके बाद भी संबंधित ने न इसका जवाब दिया और न ही उपस्थित हुए।
विभाग की तमाम सतर्कता के बावजूद दो साल गैरहाजिर रहे शिक्षकों की जानकारी न होना एक बड़ा सवाल पैदा करता है। दो मई को अमर उजाला ने दो साल से छह शिक्षक और एक अनुचर का पता नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो शिक्षा विभाग हरकत में आया।
विभाग ने इन शिक्षकों व अनुचर को नोटिस देकर जवाग मांगा था। दो शिक्षकों ने जवाब दिया, जबकि अन्य ने नहीं दिया। बेसिक शिक्षा विभाग ने इनके घर के पते पर रजिस्टर्ड डाक से सूचना देते हुए विज्ञापन भी प्रकाशित करवाया। कोई जवाब नहीं मिलने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को सभी की सेवाएं समाप्त करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
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यूं हुआ खुलासा
29 दिसंबर 2023 को बीएसए संजय कुमार तिवारी ने जामो ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल हेरुआ का निरीक्षण किया। जांच में शिक्षक मनोज शुक्ल 2021 से अनुपस्थित मिले। जांच कराई गई तो पता चला कि शिक्षक मनोज शुक्ल की मौत हो चुकी है। इतनी बड़ी चूक मिलने पर बीएसए ने सभी बीईओ से सघन जांच कराई तो अलग-अलग स्कूलों के छह शिक्षक व एक अनुचर दो साल से गायब मिले।
इस तरह आगे बढ़ी कार्रवाई
अनुपस्थित शिक्षक व कर्मियों को पहली नोटिस 29 फरवरी 2024 को जारी हुई। जवाब नहीं मिला। इसके बाद दूसरी नोटिस 10 अप्रैल को जारी हुई। निलोफर रजा ने अपना लिखित जवाब भेजा है। जानकारी दी है कि उन्होंने एक महाविद्यालय से संस्थागत परीक्षार्थी के रूप में परास्नातक में प्रवेश लिया है। वहीं, निदा यूनस ने पुत्र का स्वास्थ्य सही नहीं होने की बात कही है। जवाब में दिए कारणों की जांच के लिए बीईओ की टीम गठित की गई है। वहीं, अन्य गायब कर्मियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू की गई थी।
कारगुजारी पर उठे सवाल
खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर प्रधानाध्यापक की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या प्रधानाध्यापक ने अनुपस्थित होने की सूचना दी या नहीं, यदि दी तो बीईओ ने अग्रसारित किया या नहीं। इतने लंबे समय से शिक्षक अनुपस्थित रहे तो अब तक क्या कार्रवाई की गई।
शिक्षक व कर्मियों की सूची एक नजर में
शिक्षक का नाम - स्कूल का नाम - अनुपस्थित समय
शिवम तिवारी - प्राथमिक स्कूल बैधिकपुर, ब्लॉक भादर - 21 मार्च 2019
अनु निगम - कंपोजिट स्कूल दरपीपुर, ब्लॉक गौरीगंज - 14 फरवरी 2022
रीता चौधरी - उच्च प्राथमिक स्कूल सरवन, ब्लॉक अमेठी - 13 सितंबर 2021
इंसाफ रजा खां - प्राथमिक स्कूल सूबेदार, ब्लॉक बहादुरपुर - 27 जनवरी 2022
उदित तोमर अनुचर - कंपोजिट स्कूल गौरीगंज ब्लॉक गौरीगंज - मार्च 2022
की गई सेवा समाप्त
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि लंबे समय से अनुपस्थित चार शिक्षक व एक अनुचर ने अंतिम नोटिस का जवाब नहीं दिया। विभागीय नियमों का पालन करते हुए अनुपस्थित चार शिक्षकों व एक अनुचर की सेवा समाप्त करते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षकों व अनुचर को नोटिस देकर जवाब मांगा था। इसके बाद भी संबंधित ने न इसका जवाब दिया और न ही उपस्थित हुए।
विभाग की तमाम सतर्कता के बावजूद दो साल गैरहाजिर रहे शिक्षकों की जानकारी न होना एक बड़ा सवाल पैदा करता है। दो मई को अमर उजाला ने दो साल से छह शिक्षक और एक अनुचर का पता नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित की तो शिक्षा विभाग हरकत में आया।
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विभाग ने इन शिक्षकों व अनुचर को नोटिस देकर जवाग मांगा था। दो शिक्षकों ने जवाब दिया, जबकि अन्य ने नहीं दिया। बेसिक शिक्षा विभाग ने इनके घर के पते पर रजिस्टर्ड डाक से सूचना देते हुए विज्ञापन भी प्रकाशित करवाया। कोई जवाब नहीं मिलने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को सभी की सेवाएं समाप्त करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
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यूं हुआ खुलासा
29 दिसंबर 2023 को बीएसए संजय कुमार तिवारी ने जामो ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल हेरुआ का निरीक्षण किया। जांच में शिक्षक मनोज शुक्ल 2021 से अनुपस्थित मिले। जांच कराई गई तो पता चला कि शिक्षक मनोज शुक्ल की मौत हो चुकी है। इतनी बड़ी चूक मिलने पर बीएसए ने सभी बीईओ से सघन जांच कराई तो अलग-अलग स्कूलों के छह शिक्षक व एक अनुचर दो साल से गायब मिले।
इस तरह आगे बढ़ी कार्रवाई
अनुपस्थित शिक्षक व कर्मियों को पहली नोटिस 29 फरवरी 2024 को जारी हुई। जवाब नहीं मिला। इसके बाद दूसरी नोटिस 10 अप्रैल को जारी हुई। निलोफर रजा ने अपना लिखित जवाब भेजा है। जानकारी दी है कि उन्होंने एक महाविद्यालय से संस्थागत परीक्षार्थी के रूप में परास्नातक में प्रवेश लिया है। वहीं, निदा यूनस ने पुत्र का स्वास्थ्य सही नहीं होने की बात कही है। जवाब में दिए कारणों की जांच के लिए बीईओ की टीम गठित की गई है। वहीं, अन्य गायब कर्मियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू की गई थी।
कारगुजारी पर उठे सवाल
खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर प्रधानाध्यापक की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या प्रधानाध्यापक ने अनुपस्थित होने की सूचना दी या नहीं, यदि दी तो बीईओ ने अग्रसारित किया या नहीं। इतने लंबे समय से शिक्षक अनुपस्थित रहे तो अब तक क्या कार्रवाई की गई।
शिक्षक व कर्मियों की सूची एक नजर में
शिक्षक का नाम - स्कूल का नाम - अनुपस्थित समय
शिवम तिवारी - प्राथमिक स्कूल बैधिकपुर, ब्लॉक भादर - 21 मार्च 2019
अनु निगम - कंपोजिट स्कूल दरपीपुर, ब्लॉक गौरीगंज - 14 फरवरी 2022
रीता चौधरी - उच्च प्राथमिक स्कूल सरवन, ब्लॉक अमेठी - 13 सितंबर 2021
इंसाफ रजा खां - प्राथमिक स्कूल सूबेदार, ब्लॉक बहादुरपुर - 27 जनवरी 2022
उदित तोमर अनुचर - कंपोजिट स्कूल गौरीगंज ब्लॉक गौरीगंज - मार्च 2022
की गई सेवा समाप्त
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि लंबे समय से अनुपस्थित चार शिक्षक व एक अनुचर ने अंतिम नोटिस का जवाब नहीं दिया। विभागीय नियमों का पालन करते हुए अनुपस्थित चार शिक्षकों व एक अनुचर की सेवा समाप्त करते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा रही है।