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Amethi News: लूट के तीन दिन बाद भी केस दर्ज नहीं
Thu, 11 Sep 2025 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:33 AM IST
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अमेठी। सरैया बड़गांव निवासी प्राइवेट शिक्षक मंजेश मौर्य की पत्नी वंदना से पिस्टल दिखाकर सात लाख के आभूषण और 10 हजार रुपये लूटे जाने की घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस न तो केस दर्ज कर पाई और न ही लुटेरों तक पहुंच सकी है। वारदात को छिपाने के लिए पुलिस अपनी अलग कहानी गढ़ कर बैठी है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है, जबकि पुलिस घटना को संदिग्ध बता रही है।
मंगलवार को बड़गांव चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में बाइक सवार संदिग्ध जरूर दिखे। पीड़िता ने उन्हें देखकर लुटेरे बताया, लेकिन पुलिस इस सुराग पर भी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। बुधवार को स्वाट टीम ने बड़गांव से किठावर बाजार तक लगे कई कैमरों की जांच की, मगर कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पीड़ित मंजेश का आरोप है कि पुलिस शुरू से ही घटना को संदिग्ध बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि मंगलवार रात तक केस दर्ज करने का भरोसा दिलाने वाले अधिकारी बाद में पीछे हट गए।
पीड़ित का कहना है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्चाधिकारियों तक अपनी शिकायत लेकर जाएंगे। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस मामले को फर्जी सिद्ध करने में जुटी है। उधर, पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से मदद न मिलने के बाद अब सर्विलांस सेल के जरिए संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली जा रही है। इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह ने बताया कि जांच में अब तक लूट जैसी वारदात की पुष्टि वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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मंगलवार को बड़गांव चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में बाइक सवार संदिग्ध जरूर दिखे। पीड़िता ने उन्हें देखकर लुटेरे बताया, लेकिन पुलिस इस सुराग पर भी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। बुधवार को स्वाट टीम ने बड़गांव से किठावर बाजार तक लगे कई कैमरों की जांच की, मगर कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पीड़ित मंजेश का आरोप है कि पुलिस शुरू से ही घटना को संदिग्ध बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि मंगलवार रात तक केस दर्ज करने का भरोसा दिलाने वाले अधिकारी बाद में पीछे हट गए।
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पीड़ित का कहना है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्चाधिकारियों तक अपनी शिकायत लेकर जाएंगे। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस मामले को फर्जी सिद्ध करने में जुटी है। उधर, पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से मदद न मिलने के बाद अब सर्विलांस सेल के जरिए संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली जा रही है। इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह ने बताया कि जांच में अब तक लूट जैसी वारदात की पुष्टि वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
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