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Amethi News: स्कूलों में उपलब्ध कराए जाएं जरूरी संसाधन
Fri, 16 Oct 2026 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:03 AM IST
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गौरीगंज बीएसए कार्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में मौजूद बीईओ व
अमेठी सिटी। बीएसए कार्यालय के सभागार में बृहस्पतिवार को अमर उजाला की ओर से महिला शिक्षकों का संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शिक्षिकाओं ने विद्यालयों की जमीनी समस्याएं साझा करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव दिए। बालिकाओं की पढ़ाई, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और स्मार्ट क्लास की सुविधा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे। शिक्षिकाओं ने कहा कि विद्यालयों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी जरूरी है।
शिक्षिका संध्या शुक्ला ने बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने और उन्हें आगे बढ़ाने के प्रयासों को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनकी जरूरतों पर भी ध्यान देना चाहिए। नीलू वर्मा ने विद्यालयों में सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। सोनी चौरसिया ने सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए बताया कि इससे विद्यालय परिसर की नियमित सफाई में परेशानी आती है।
हेमलता शुक्ला ने पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि बालिकाएं पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल भी सीख सकें। प्रतिभा शुक्ला ने बालिकाओं के लिए शौचालयों की सुविधा बेहतर बनाने और विद्यालय आने-जाने के रास्तों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। मीना ने बालिकाओं को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी देने पर जोर दिया।
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डॉ. अर्चना ओजस्वी ने जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा नहीं है, वहां इसकी व्यवस्था कराने का सुझाव दिया। शिक्षिका सपना अग्रहरि ने पेयजल की समस्या उठाते हुए विद्यालयों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। संवाद में शिक्षिकाओं ने दूरस्थ विद्यालयों तक आवागमन, कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल, मातृत्व संबंधी सुविधाओं और परिवार व नौकरी के बीच संतुलन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।
उन्होंने गैर-शैक्षणिक कार्यों और ऑनलाइन विवरण भरने में लगने वाले समय का असर शिक्षण कार्य पर नहीं पड़ने देने की जरूरत बताई। शिक्षकों को समय पर प्रशिक्षण, शिक्षण सामग्री और कक्षा में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के सुझाव भी दिए गए। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. शिवकुमार यादव, डॉ. संतोष कुमार यादव, आरपी प्रमोद तिवारी और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा श्याम सुंदर श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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शिक्षिका संध्या शुक्ला ने बालिकाओं की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने और उन्हें आगे बढ़ाने के प्रयासों को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनकी जरूरतों पर भी ध्यान देना चाहिए। नीलू वर्मा ने विद्यालयों में सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। सोनी चौरसिया ने सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए बताया कि इससे विद्यालय परिसर की नियमित सफाई में परेशानी आती है।
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हेमलता शुक्ला ने पाठ्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि बालिकाएं पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल भी सीख सकें। प्रतिभा शुक्ला ने बालिकाओं के लिए शौचालयों की सुविधा बेहतर बनाने और विद्यालय आने-जाने के रास्तों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। मीना ने बालिकाओं को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी देने पर जोर दिया।
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डॉ. अर्चना ओजस्वी ने जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा नहीं है, वहां इसकी व्यवस्था कराने का सुझाव दिया। शिक्षिका सपना अग्रहरि ने पेयजल की समस्या उठाते हुए विद्यालयों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। संवाद में शिक्षिकाओं ने दूरस्थ विद्यालयों तक आवागमन, कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल, मातृत्व संबंधी सुविधाओं और परिवार व नौकरी के बीच संतुलन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।
उन्होंने गैर-शैक्षणिक कार्यों और ऑनलाइन विवरण भरने में लगने वाले समय का असर शिक्षण कार्य पर नहीं पड़ने देने की जरूरत बताई। शिक्षकों को समय पर प्रशिक्षण, शिक्षण सामग्री और कक्षा में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के सुझाव भी दिए गए। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. शिवकुमार यादव, डॉ. संतोष कुमार यादव, आरपी प्रमोद तिवारी और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा श्याम सुंदर श्रीवास्तव मौजूद रहे।