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आंधी-पानी से लाखों का नुकसान, पांच घायल
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40 : संग्रामपुर : ईंट भट्ठा पर बरसात से गलीं कच्ची ईंटें। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज/अमेठी। जिले में बुधवार रात आए आंधी-तूफान और बारिश ने जमकर तबाही मचाई। तेज तूफान के चलते जहां पेड़ धराशायी हो गए वहीं विद्युत पोल टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई। पक्की दीवार ढहने से एक परिवार के पांच लोग घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने एक की हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया। बारिश के चलते ईंट भट्टों पर रखी कच्ची ईंटें भी बर्बाद हो गईं। तेज आंधी तूफान और बारिश से जिले में लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
जिले में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी एवं चिलचिलाती धूप के बीच बुधवार रात अचानक मौसम बदल गया। रात करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद रात करीब दो बजे अचानक शुरू हुई तेज हवा आंधी-तूफान में तब्दील हो गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आंधी तूफान के साथ ही बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आंधी व बरसात के बीच कोतवाली क्षेत्र अमेठी के गांव सराय कांधा मजरे डेढ़पसार में चार इंच मोटी पक्की ईंट की दीवार धराशायी हो गई। दीवार के मलबे में दबकर चांद अली (35), पत्नी शहनवाज बानो (32), मां बिट्टन (75), बेटी अलशिफा (14) और अल्फिया (6) दीवार के मलबे में दब गईं। आंधी की रफ्तार कम होने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सभी घायलों को बाहर निकाल एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस चालक राजेश, ईएमटी दिलीप कुमार निकले। हालांकि उन्हें भी रास्ते में गिरे पेड़ों को ग्रामीणों की मदद से हटाते हुए पीड़ित के घर तक पहुंचना पड़ा।
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घायलों को सीएचसी लाया गया जहां चिकित्सक ने चांद अली की पत्नी शहनवाज बानो की हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके अलावा रामनगर निवासी बंशीलाल अग्रहरि के छत की रेलिंग तेज हवा के चलते भरभरा कर ढह गई। हालांकि इसमें किसी को चोट नहीं पहुंची। वहीं तेज तूफान और बारिश के चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आंधी तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि बड़े-बड़े पेड़ उखड़ कर धराशायी हो गए। आम के पेड़ों में लगे फल तेज हवा के चलते गिर गए। पेड़ गिरने एवं पेड़ों की डाल गिरने से जगह-जगह हाईटेंशन एवं एलटी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से जिले के सभी विद्युत उप केंद्रों से संबंधित ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की लाखों की आबादी पिछलेे कई घंटों से हवा पानी के लिए तरस गई। बिजली कर्मी सुबह से ही आपूर्ति बहाल करने को लेकर मेन लाइन दुरुस्त करने में जुटे रहे लेकिन दोपहर तक मेन लाइन की मरम्मत नहीं हो पाई। आंधी के साथ हुई तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई।
अचानक हुई बारिश ने ईंट भट्ठा व्यवसायियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। ईंट भट्ठों पर रखी कच्ची ईंटें पानी के चलते खराब हो गईं। ईंट भट्ठा मालिक विवेक राठौर, सुग्रीव सिंह, ओपी द्विवेदी व नरेंद्र मिश्र समेत अन्य ने बताया कि कच्ची ईंटें पूरी तरह खराब हो गई हैं। एक ओर कच्ची ईंट खराब होने का नुकसान उठाना पड़ रहा वहीं पकाई एवं भराई का कार्य भी बाधित हो गया है। ताला अमेठी मार्ग पर आम व कई अन्य बड़े-बड़े पेड़ गिरे हैं। रायपुर फुलवारी, सोमपुर मनकंठ, दरखा, ताला, उमापुर गाना पट्टी समेत अन्य कई दर्जन गांवों में टिन शेड उड़ने के साथ ही कई अन्य नुकसान हुए हैं।
गर्मी से बेहाल रहे लोग
बुधवार रात करीब दो बजे से ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था के चलते बृहस्पतिवार को इन्वर्टर भी जवाब दे गए। उमस भरी गर्मी में तकरीबन पूरे जिले के लोग परेशान रहे। सरकारी कार्यालयों एवं घरों में बैठना मुश्किल हो गया। भीषण गर्मी ने सभी को बेहाल कर दिया। बिजली आपूर्ति नहीं होने के चलते शहरी क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
युद्ध स्तर पर चल रहा कार्य
अधिशासी अभियंता छैल बिहारी ने बताया कि बुधवार रात आए आंधी तूफान के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। विभागीय कर्मियों द्वारा पोल टूटने व लाइन क्षतिग्रस्त होने का सर्वे किया जा रहा है। पहले क्षतिग्रस्त हुईं मेन लाइनों की मरम्मत कराई जा रही है। कहा कि अभी क्षति का सही आकलन नहीं हो सका है। फिलहाल आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आंधी-तूफान से बिजली आपूर्ति ठप
संग्रामपुर (अमेठी)। बुधवार देर रात संग्रामपुर में आंधी-तूफान के साथ आई बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली की लाइन पर कई स्थानों पर विद्युत लाइन पर पेड़ टूटकर गिर गए। आंधी तूफान की वजह से अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति को बंद करा दिया। वहीं बृहस्पतिवार दोपहर तक लाइनमैन और अधिकारियों की कड़ी मशक्कत के बाद लाइन सही कर दी गई। करीब 11 घंटे तक आपूर्ति बंद रखी गई। 11 घंटे बिजली नहीं आने से ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक आपूर्ति सुचारु तरीके से चालू करा दी गई। ब्लॉक क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों के टिन शेड व छप्पर उड़ गए। गांवों में पानी भर गया। लोग आधी रात में पानी बाहर निकालने के लिए नालियां साफ करने में जुटे रहे। (संवाद)
शादी ब्याह वाले घरों की बढ़ी परेशानी
जामो (अमेठी)। आंधी तूफान के साथ हुई बारिश ने शादी ब्याह वाले घरों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी। तकरीबन पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था रात दो बजे से ध्वस्त हो गई। ऐसे में जहां लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा वहीं बृहस्पतिवार देर शाम तक पूरे क्षेत्र में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। (संवाद)
सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित
भेटुआ (अमेठी)। बुधवार रात अचानक आए आंधी तूफान व बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। कई बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए हैं। अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग पर परतोष से लेकर थौरा गांव तक करीब आधा दर्जन पेड़ गिर गये। बृहस्पतिवार सुबह गंतव्य के लिए जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छोटे वाहन वाले अगल बगल के रास्तों से किसी तरह निकल गए वहीं भारी वाहनों को लंबे समय तक रास्ते से पेड़ हटाने का इंतजार करना पड़ा। करीब चार घंटे बाद सुबह दस बजे मार्ग से गिरे पेड़ किनारे हो सके तब जाकर यातायात बहाल हो सका। (संवाद)
दीवार गिरने से मवेशी घायल
शाहगढ़ (अमेठी)। बुधवार रात आई तेज आंधी और बारिश से आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। जगह-जगह पेड़ गिर गए जिससे आवागमन बाधित हो गया। पेड़ों की चपेट में आने से बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। बिजली नहीं होने से बुधवार रात के बाद बृहस्पतिवार को भी क्षेत्र के लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। आंधी के बीच कौहार ग्राम सभा के बोझी गांव निवासी उमाशंकर पांडेय की पशुशाला की दीवार ढह गई। दीवार के मलबे में दबकर एक गाय घायल हो गई। (संवाद)
बरसात के बाद भी गर्मी से राहत नहीं
जगदीशपुर (अमेठी)। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानियों द्वारा बुधवार को जारी किया गया पूर्वानुमान का आंकड़ा सही नहीं साबित हुआ। बीती रात जमकर बारिश होने से खेतों में जगह-जगह जलभराव दिखा। रात से लेकर बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे तक गर्मी से थोड़ा राहत जरूर मिली, लेकिन 10 बजे के बाद जैसे जैसे दिन चढ़ता गया उमस भरी गर्मी से लोग दिन भर पसीना पोंछते नजर आए।
रही सही कसर बिजली ने पूरी कर दी। तेज हवा के साथ बारिश के शुरू होते ही गुल हुई बत्ती 15 घंटे बाद दोपहर में चंद मिनट के लिए आई और तुरंत ट्रिप कर गई। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग डेढ़ लाख की आबादी त्राहि-त्राहि करने लगी। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत पानी के लिए उठानी पड़ी। बुधवार को मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया था उसमें 24 घंटे के भीतर आंशिक बादल के छाए रहने की संभावना तो जताई थी लेकिन बारिश होने की संभावना से इनकार किया था। बिजली गुल होने से आम जन जीवन प्रभावित रहा। दोपहर ढाई बजे के बाद शहरी क्षेत्र की सप्लाई जोड़ी गई लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की सप्लाई बाधित रही।
बांदा टांडा हाईवे पर भरा पानी, लोग परेशान
फुरसतगंज (अमेठी) नहर कोठी चौराहे से गुजरने वाले बांदा-टांडा हाईवे पर बुधवार रात हुई मामूली बारिश से सड़क पर पानी भर गया। इसके चलते हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के साथ साथ स्थानीय दुकानदार व राहगीरों की परेशानी बढ़ गई। स्थानीय हरिप्रसाद, शिव शंकर, अंजनी साहू, संतोष मिश्र व बंटी आदि का कहना था कि हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी ने नाला तो बना दिया पर निकासी की व्यवस्था नहीं की। इसके चलते टोल युक्त बांदा टांडा हाईवे पर पानी भर जाता है। (संवाद)
बनते ही उड़ गया भूसा शेड
सिंहपुर (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र के फूला गांव स्थित गो आश्रय स्थल पर बीते दिनों बनाया गया भूसा रखने का शेड पाइप समेत बीती रात आई तेज आंधी और पानी के चलते उड़ गया। शेड उड़ने से भूसा भी भीग गया। अब भूसा खुले आसमान के नीचे आ गया है। बीडीओ राकेश कुमार शुक्ल ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को शेड की अविलंब मरम्मत कराने का निर्देश दिया है। (संवाद)
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जिले में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी एवं चिलचिलाती धूप के बीच बुधवार रात अचानक मौसम बदल गया। रात करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद रात करीब दो बजे अचानक शुरू हुई तेज हवा आंधी-तूफान में तब्दील हो गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आंधी तूफान के साथ ही बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया।
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आंधी व बरसात के बीच कोतवाली क्षेत्र अमेठी के गांव सराय कांधा मजरे डेढ़पसार में चार इंच मोटी पक्की ईंट की दीवार धराशायी हो गई। दीवार के मलबे में दबकर चांद अली (35), पत्नी शहनवाज बानो (32), मां बिट्टन (75), बेटी अलशिफा (14) और अल्फिया (6) दीवार के मलबे में दब गईं। आंधी की रफ्तार कम होने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सभी घायलों को बाहर निकाल एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस चालक राजेश, ईएमटी दिलीप कुमार निकले। हालांकि उन्हें भी रास्ते में गिरे पेड़ों को ग्रामीणों की मदद से हटाते हुए पीड़ित के घर तक पहुंचना पड़ा।
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घायलों को सीएचसी लाया गया जहां चिकित्सक ने चांद अली की पत्नी शहनवाज बानो की हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके अलावा रामनगर निवासी बंशीलाल अग्रहरि के छत की रेलिंग तेज हवा के चलते भरभरा कर ढह गई। हालांकि इसमें किसी को चोट नहीं पहुंची। वहीं तेज तूफान और बारिश के चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई। आंधी तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि बड़े-बड़े पेड़ उखड़ कर धराशायी हो गए। आम के पेड़ों में लगे फल तेज हवा के चलते गिर गए। पेड़ गिरने एवं पेड़ों की डाल गिरने से जगह-जगह हाईटेंशन एवं एलटी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से जिले के सभी विद्युत उप केंद्रों से संबंधित ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की लाखों की आबादी पिछलेे कई घंटों से हवा पानी के लिए तरस गई। बिजली कर्मी सुबह से ही आपूर्ति बहाल करने को लेकर मेन लाइन दुरुस्त करने में जुटे रहे लेकिन दोपहर तक मेन लाइन की मरम्मत नहीं हो पाई। आंधी के साथ हुई तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव की स्थिति हो गई।
अचानक हुई बारिश ने ईंट भट्ठा व्यवसायियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। ईंट भट्ठों पर रखी कच्ची ईंटें पानी के चलते खराब हो गईं। ईंट भट्ठा मालिक विवेक राठौर, सुग्रीव सिंह, ओपी द्विवेदी व नरेंद्र मिश्र समेत अन्य ने बताया कि कच्ची ईंटें पूरी तरह खराब हो गई हैं। एक ओर कच्ची ईंट खराब होने का नुकसान उठाना पड़ रहा वहीं पकाई एवं भराई का कार्य भी बाधित हो गया है। ताला अमेठी मार्ग पर आम व कई अन्य बड़े-बड़े पेड़ गिरे हैं। रायपुर फुलवारी, सोमपुर मनकंठ, दरखा, ताला, उमापुर गाना पट्टी समेत अन्य कई दर्जन गांवों में टिन शेड उड़ने के साथ ही कई अन्य नुकसान हुए हैं।
गर्मी से बेहाल रहे लोग
बुधवार रात करीब दो बजे से ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था के चलते बृहस्पतिवार को इन्वर्टर भी जवाब दे गए। उमस भरी गर्मी में तकरीबन पूरे जिले के लोग परेशान रहे। सरकारी कार्यालयों एवं घरों में बैठना मुश्किल हो गया। भीषण गर्मी ने सभी को बेहाल कर दिया। बिजली आपूर्ति नहीं होने के चलते शहरी क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
युद्ध स्तर पर चल रहा कार्य
अधिशासी अभियंता छैल बिहारी ने बताया कि बुधवार रात आए आंधी तूफान के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। विभागीय कर्मियों द्वारा पोल टूटने व लाइन क्षतिग्रस्त होने का सर्वे किया जा रहा है। पहले क्षतिग्रस्त हुईं मेन लाइनों की मरम्मत कराई जा रही है। कहा कि अभी क्षति का सही आकलन नहीं हो सका है। फिलहाल आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आंधी-तूफान से बिजली आपूर्ति ठप
संग्रामपुर (अमेठी)। बुधवार देर रात संग्रामपुर में आंधी-तूफान के साथ आई बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली की लाइन पर कई स्थानों पर विद्युत लाइन पर पेड़ टूटकर गिर गए। आंधी तूफान की वजह से अधिकारियों ने बिजली आपूर्ति को बंद करा दिया। वहीं बृहस्पतिवार दोपहर तक लाइनमैन और अधिकारियों की कड़ी मशक्कत के बाद लाइन सही कर दी गई। करीब 11 घंटे तक आपूर्ति बंद रखी गई। 11 घंटे बिजली नहीं आने से ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक आपूर्ति सुचारु तरीके से चालू करा दी गई। ब्लॉक क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों के टिन शेड व छप्पर उड़ गए। गांवों में पानी भर गया। लोग आधी रात में पानी बाहर निकालने के लिए नालियां साफ करने में जुटे रहे। (संवाद)
शादी ब्याह वाले घरों की बढ़ी परेशानी
जामो (अमेठी)। आंधी तूफान के साथ हुई बारिश ने शादी ब्याह वाले घरों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी। तकरीबन पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था रात दो बजे से ध्वस्त हो गई। ऐसे में जहां लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा वहीं बृहस्पतिवार देर शाम तक पूरे क्षेत्र में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। (संवाद)
सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित
भेटुआ (अमेठी)। बुधवार रात अचानक आए आंधी तूफान व बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है। कई बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए हैं। अमेठी-सुल्तानपुर मार्ग पर परतोष से लेकर थौरा गांव तक करीब आधा दर्जन पेड़ गिर गये। बृहस्पतिवार सुबह गंतव्य के लिए जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छोटे वाहन वाले अगल बगल के रास्तों से किसी तरह निकल गए वहीं भारी वाहनों को लंबे समय तक रास्ते से पेड़ हटाने का इंतजार करना पड़ा। करीब चार घंटे बाद सुबह दस बजे मार्ग से गिरे पेड़ किनारे हो सके तब जाकर यातायात बहाल हो सका। (संवाद)
दीवार गिरने से मवेशी घायल
शाहगढ़ (अमेठी)। बुधवार रात आई तेज आंधी और बारिश से आम जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। जगह-जगह पेड़ गिर गए जिससे आवागमन बाधित हो गया। पेड़ों की चपेट में आने से बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। बिजली नहीं होने से बुधवार रात के बाद बृहस्पतिवार को भी क्षेत्र के लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। आंधी के बीच कौहार ग्राम सभा के बोझी गांव निवासी उमाशंकर पांडेय की पशुशाला की दीवार ढह गई। दीवार के मलबे में दबकर एक गाय घायल हो गई। (संवाद)
बरसात के बाद भी गर्मी से राहत नहीं
जगदीशपुर (अमेठी)। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानियों द्वारा बुधवार को जारी किया गया पूर्वानुमान का आंकड़ा सही नहीं साबित हुआ। बीती रात जमकर बारिश होने से खेतों में जगह-जगह जलभराव दिखा। रात से लेकर बृहस्पतिवार को सुबह 10 बजे तक गर्मी से थोड़ा राहत जरूर मिली, लेकिन 10 बजे के बाद जैसे जैसे दिन चढ़ता गया उमस भरी गर्मी से लोग दिन भर पसीना पोंछते नजर आए।
रही सही कसर बिजली ने पूरी कर दी। तेज हवा के साथ बारिश के शुरू होते ही गुल हुई बत्ती 15 घंटे बाद दोपहर में चंद मिनट के लिए आई और तुरंत ट्रिप कर गई। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग डेढ़ लाख की आबादी त्राहि-त्राहि करने लगी। लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत पानी के लिए उठानी पड़ी। बुधवार को मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया था उसमें 24 घंटे के भीतर आंशिक बादल के छाए रहने की संभावना तो जताई थी लेकिन बारिश होने की संभावना से इनकार किया था। बिजली गुल होने से आम जन जीवन प्रभावित रहा। दोपहर ढाई बजे के बाद शहरी क्षेत्र की सप्लाई जोड़ी गई लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की सप्लाई बाधित रही।
बांदा टांडा हाईवे पर भरा पानी, लोग परेशान
फुरसतगंज (अमेठी) नहर कोठी चौराहे से गुजरने वाले बांदा-टांडा हाईवे पर बुधवार रात हुई मामूली बारिश से सड़क पर पानी भर गया। इसके चलते हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के साथ साथ स्थानीय दुकानदार व राहगीरों की परेशानी बढ़ गई। स्थानीय हरिप्रसाद, शिव शंकर, अंजनी साहू, संतोष मिश्र व बंटी आदि का कहना था कि हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी ने नाला तो बना दिया पर निकासी की व्यवस्था नहीं की। इसके चलते टोल युक्त बांदा टांडा हाईवे पर पानी भर जाता है। (संवाद)
बनते ही उड़ गया भूसा शेड
सिंहपुर (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र के फूला गांव स्थित गो आश्रय स्थल पर बीते दिनों बनाया गया भूसा रखने का शेड पाइप समेत बीती रात आई तेज आंधी और पानी के चलते उड़ गया। शेड उड़ने से भूसा भी भीग गया। अब भूसा खुले आसमान के नीचे आ गया है। बीडीओ राकेश कुमार शुक्ल ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को शेड की अविलंब मरम्मत कराने का निर्देश दिया है। (संवाद)

41 : संग्रामपुर : आम के बागान में तेज आंधी में टूटकर गिरा आम। -संवाद- फोटो : AMETHI