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Amethi News: डीएपी के लिए केंद्रों के चक्कर लगा रहे किसान
Wed, 07 Oct 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 07 Oct 2026 12:44 AM IST
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गौरीगंज स्थित इफको केंद्र पर लगी किसानों की कतार। -संवाद
अमेठी सिटी। रबी फसल की बोआई की तैयारी के बीच डीएपी की कमी से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। सोमवार को समितियों पर डीएपी नहीं मिलने के बाद तमाम किसान मंगलवार को गौरीगंज स्थित इफको केंद्र पहुंचे।
यहां भी डीएपी खत्म होने की जानकारी मिलने पर किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। सुबह से लाइन में लगे कुछ किसान यूरिया मिलने की उम्मीद में केंद्र पर रुके रहे। गौरीगंज इफको केंद्र पहुंचे कमला प्रसाद मिश्र ने बताया कि आलू, मटर और सरसों की फसल की बोआई के लिए डीएपी की जरूरत है।
दो समितियों से लौटने के बाद इफको केंद्र पहुंचे थे, लेकिन यहां भी खाद नहीं मिली। किसान सुरेश कुमार ने बताया कि बोआई का समय शुरू हो गया है। खाद के लिए कई जगह जाने के बाद भी डीएपी नहीं मिल रही है।
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महेंद्र कुमार ने बताया कि खाद के लिए एक दिन में कई केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों ने समितियों पर सत्यापन के नाम पर खाद वितरण में देरी का आरोप लगाया। कुछ किसानों ने डीएपी और यूरिया के साथ नैनो, जिंक व सल्फर लेने के लिए दबाव बनाने की शिकायत भी की।
निजी दुकानों पर टैगिंग के जरिये अधिक मूल्य पर खाद देने का आरोप लगाया गया। जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि मांग के अनुसार खाद भेजी जा रही है। टैगिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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यहां भी डीएपी खत्म होने की जानकारी मिलने पर किसानों को निराश होकर लौटना पड़ा। सुबह से लाइन में लगे कुछ किसान यूरिया मिलने की उम्मीद में केंद्र पर रुके रहे। गौरीगंज इफको केंद्र पहुंचे कमला प्रसाद मिश्र ने बताया कि आलू, मटर और सरसों की फसल की बोआई के लिए डीएपी की जरूरत है।
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दो समितियों से लौटने के बाद इफको केंद्र पहुंचे थे, लेकिन यहां भी खाद नहीं मिली। किसान सुरेश कुमार ने बताया कि बोआई का समय शुरू हो गया है। खाद के लिए कई जगह जाने के बाद भी डीएपी नहीं मिल रही है।
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महेंद्र कुमार ने बताया कि खाद के लिए एक दिन में कई केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों ने समितियों पर सत्यापन के नाम पर खाद वितरण में देरी का आरोप लगाया। कुछ किसानों ने डीएपी और यूरिया के साथ नैनो, जिंक व सल्फर लेने के लिए दबाव बनाने की शिकायत भी की।
निजी दुकानों पर टैगिंग के जरिये अधिक मूल्य पर खाद देने का आरोप लगाया गया। जिले में 76 साधन सहकारी समितियां, चार इफको केंद्र और 31 इफको फ्रेंचाइजी हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि मांग के अनुसार खाद भेजी जा रही है। टैगिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।