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Amethi News: पैतृक जमीन के विवाद में किसान की हत्या
Tue, 21 Jul 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:44 AM IST
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मुसाफिरखाना के पूरे भद्दौर गांव में गमगीन बैठे परिजन। स्रोत: ग्रामीण
मुसाफिरखाना। पूरे भद्दौर गांव निवासी किसान रामकरन उर्फ फज्जल (55) की रविवार देर रात पैतृक जमीन के विवाद में हत्या कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि घर लौटते समय बड़े भाई गयाप्रसाद, उनके पुत्र दीपक, बजरंगी और सहयोगी बिरई ने रास्ते में घेरकर धारदार हथियार और हाॅकी-डंडों से हमला किया। पुत्री के शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे, तब तक आरोपी भाग निकले। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है।
मृतक के भाई रामचंद्र के मुताबिक गयाप्रसाद ने पैतृक घर और खेत की अधिक जमीन पर कब्जा कर रखा था। रामकरन अपने हिस्से की जमीन मांग रहे थे। रविवार शाम विवादित खेत में धान की रोपाई को लेकर दोनों भाइयों में कहासुनी हुई। रामकरन ने पहले जमीन का बंटवारा करने की बात कही और बाद में विवादित खेत की जोताई भी करा दी, जिससे विवाद और बढ़ गया।
रामचंद्र ने बताया कि रात करीब 11 बजे रामकरन खेत से धान लगाने और रखवाली के बाद घर लौट रहे थे। घर से करीब 500 मीटर पहले रास्ते में बैठे आरोपियों ने चाकू, धारदार हथियार और हाॅकी-डंडों से हमला कर दिया। साथ में मौजूद पुत्री शीला के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग निकले। गंभीर चोटों के कारण रामकरन की मौके पर ही मौत हो गई।
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थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात की गई है।
दिन में पुलिस ने समझाया, रात में हो गई हत्या
रामकरन पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई रामप्रसाद की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। परिजनों के अनुसार उनके निधन के बाद जमीन का बैनामा गयाप्रसाद ने अपने पक्ष में करा लिया था। इसी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को विवाद बढ़ने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया और सोमवार सुबह थाने बुलाते हुए किसी भी तरह का विवाद न करने की हिदायत दी थी। इसके कुछ घंटे बाद ही रामकरन की हत्या कर दी गई।
शव से लिपटकर बिलखती रही पत्नी
रामकरन की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी राजपती शव से लिपटकर बिलखती रहीं। भाई रामचंद्र और अन्य परिजनों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। पुत्र सोम और बेटियां मीना, शीला, अंतिमा, रीना व सीमा सदमे में हैं। छह बच्चों में दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी और बच्चों के विलाप से गांव का माहौल गमगीन हो गया।
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मृतक के भाई रामचंद्र के मुताबिक गयाप्रसाद ने पैतृक घर और खेत की अधिक जमीन पर कब्जा कर रखा था। रामकरन अपने हिस्से की जमीन मांग रहे थे। रविवार शाम विवादित खेत में धान की रोपाई को लेकर दोनों भाइयों में कहासुनी हुई। रामकरन ने पहले जमीन का बंटवारा करने की बात कही और बाद में विवादित खेत की जोताई भी करा दी, जिससे विवाद और बढ़ गया।
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रामचंद्र ने बताया कि रात करीब 11 बजे रामकरन खेत से धान लगाने और रखवाली के बाद घर लौट रहे थे। घर से करीब 500 मीटर पहले रास्ते में बैठे आरोपियों ने चाकू, धारदार हथियार और हाॅकी-डंडों से हमला कर दिया। साथ में मौजूद पुत्री शीला के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग निकले। गंभीर चोटों के कारण रामकरन की मौके पर ही मौत हो गई।
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थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात की गई है।
दिन में पुलिस ने समझाया, रात में हो गई हत्या
रामकरन पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई रामप्रसाद की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। परिजनों के अनुसार उनके निधन के बाद जमीन का बैनामा गयाप्रसाद ने अपने पक्ष में करा लिया था। इसी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार को विवाद बढ़ने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया और सोमवार सुबह थाने बुलाते हुए किसी भी तरह का विवाद न करने की हिदायत दी थी। इसके कुछ घंटे बाद ही रामकरन की हत्या कर दी गई।
शव से लिपटकर बिलखती रही पत्नी
रामकरन की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी राजपती शव से लिपटकर बिलखती रहीं। भाई रामचंद्र और अन्य परिजनों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। पुत्र सोम और बेटियां मीना, शीला, अंतिमा, रीना व सीमा सदमे में हैं। छह बच्चों में दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी और बच्चों के विलाप से गांव का माहौल गमगीन हो गया।