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Amethi News: माहभर बाद भी नहीं आया निपुण परीक्षा का परिणाम
Tue, 31 Oct 2023 12:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 31 Oct 2023 12:34 AM IST
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अमेठी। निपुण परीक्षा हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन अभी तक जिम्मेदार परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं कर सके हैं। इस संबंध में सवाल करने पर जवाब मिलता है कि परिणाम जल्द जारी किया जाएगा, लेकिन परिणाम आने में देरी की वजह नहीं बता पा रहे हैं।
जनपद में 1570 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें एक लाख 78 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परिषदीय स्कूलों में छात्रों की बौद्धिक क्षमता परखने के लिए 11 व 12 सितंबर को निपुण परीक्षा कराई गई थी, लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया जा सका है। परिणाम के बाद ही स्कूल और छात्रों की श्रेणी तय होती है। उसी आधार पर आगे शैक्षिक कार्य किया जाता है। अगली परीक्षा दिसंबर में होनी है।
वहीं, स्कूल अगली निपुण परीक्षा के लिए जुट गए हैं। निपुण योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में हो रही पढ़ाई की ब्लाक संसाधन केंद्रों से निगरानी की जा रही है। कर्मचारी कॉल करके शिक्षकों से जानकारी ले रहे हैं। यही नहीं, दो व तीन नवंबर में एचीवमेंट सर्वे परीक्षा की तैयारी तेज हो गई है। ऐसे में अब तक परीक्षा परिणाम जारी न होने से बच्चों के बौद्धिक क्षमता का आंकलन नहीं हो पा रहा है। पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर उनका बौद्धिक स्तर भी बेहतर किया जाना है।
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छात्रों को बनाया जा रहा होशियार
जिला समन्वयक प्रशिक्षण अभिनव पांडेय ने बताया कि निपुण भारत योजना का मकसद छात्र-छात्राओं में सीखने की जिज्ञासा को बढ़ाना है। विषयों में रुचि पैदा करना है। साथ ही छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता में इजाफा करना है। इसके लिए निपुण कैलेंडर स्कूलों में उपलब्ध है।
निपुण भारत योजना के तहत सभी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई में निपुण करना है। पढ़ाई में कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त ध्यान देकर होशियार बनाया जाएगा। परिणाम जल्द जारी होगा। बच्चों को हिन्दी व गणित में दक्ष करने के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्य किया जा रहा है। - संजय कुमार तिवारी, बीएसए
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जनपद में 1570 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें एक लाख 78 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परिषदीय स्कूलों में छात्रों की बौद्धिक क्षमता परखने के लिए 11 व 12 सितंबर को निपुण परीक्षा कराई गई थी, लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया जा सका है। परिणाम के बाद ही स्कूल और छात्रों की श्रेणी तय होती है। उसी आधार पर आगे शैक्षिक कार्य किया जाता है। अगली परीक्षा दिसंबर में होनी है।
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वहीं, स्कूल अगली निपुण परीक्षा के लिए जुट गए हैं। निपुण योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में हो रही पढ़ाई की ब्लाक संसाधन केंद्रों से निगरानी की जा रही है। कर्मचारी कॉल करके शिक्षकों से जानकारी ले रहे हैं। यही नहीं, दो व तीन नवंबर में एचीवमेंट सर्वे परीक्षा की तैयारी तेज हो गई है। ऐसे में अब तक परीक्षा परिणाम जारी न होने से बच्चों के बौद्धिक क्षमता का आंकलन नहीं हो पा रहा है। पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर उनका बौद्धिक स्तर भी बेहतर किया जाना है।
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छात्रों को बनाया जा रहा होशियार
जिला समन्वयक प्रशिक्षण अभिनव पांडेय ने बताया कि निपुण भारत योजना का मकसद छात्र-छात्राओं में सीखने की जिज्ञासा को बढ़ाना है। विषयों में रुचि पैदा करना है। साथ ही छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता में इजाफा करना है। इसके लिए निपुण कैलेंडर स्कूलों में उपलब्ध है।
निपुण भारत योजना के तहत सभी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई में निपुण करना है। पढ़ाई में कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त ध्यान देकर होशियार बनाया जाएगा। परिणाम जल्द जारी होगा। बच्चों को हिन्दी व गणित में दक्ष करने के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत शिक्षण कार्य किया जा रहा है। - संजय कुमार तिवारी, बीएसए