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Amethi News: ईश्वर की भक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति
Sun, 13 Apr 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 13 Apr 2025 12:49 AM IST
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भादर के सोनारीकला गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।-स्रोत : आयोजक
भादर (अमेठी)। भगवान की भक्ति में ही असली शक्ति निहित है। हमें अपने बच्चों को केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि संस्कारवान भी बनाना चाहिए ताकि वे माता-पिता और संतों की सेवा कर सकें। ये बातें भुचक्वारे मजरे सोनारीकला गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को प्रवाचक रितेश महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि हरि कीर्तन और भजन में मन लगाने से मनुष्य निश्चित रूप से जीवन और मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। कहा कि ईश्वर की भक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति है। हम सभी को सत्कर्म करने चाहिए। इससे मनुष्य योनि सफल हो जाएगी। मृत्यु लोक में जीवन-मरण का चक्र हमेशा चलता रहेगा।
कंस का वध कर श्रीकृष्ण ने यही साबित किया कि धर्म ही सत्य है, कर्म ही सत्य है। कहा कि अगर कोई व्यक्ति पाप कर लेने के बाद सच्चे हृदय से प्रायश्चित करता है, तो उसका पाप क्षम्य हो सकता है और दंड भी कम हो जाता है। इस मौके पर सत्यनारायण मिश्र, रवींद्र मणि मिश्र, संबित मिश्र, धर्मराज मिश्र आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि हरि कीर्तन और भजन में मन लगाने से मनुष्य निश्चित रूप से जीवन और मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। कहा कि ईश्वर की भक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति है। हम सभी को सत्कर्म करने चाहिए। इससे मनुष्य योनि सफल हो जाएगी। मृत्यु लोक में जीवन-मरण का चक्र हमेशा चलता रहेगा।
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कंस का वध कर श्रीकृष्ण ने यही साबित किया कि धर्म ही सत्य है, कर्म ही सत्य है। कहा कि अगर कोई व्यक्ति पाप कर लेने के बाद सच्चे हृदय से प्रायश्चित करता है, तो उसका पाप क्षम्य हो सकता है और दंड भी कम हो जाता है। इस मौके पर सत्यनारायण मिश्र, रवींद्र मणि मिश्र, संबित मिश्र, धर्मराज मिश्र आदि मौजूद रहे।
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