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Amethi News: 125 दिन की गारंटी, फिर भी 17 फीसदी को ही मिला काम
Thu, 02 Jul 2026 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:02 AM IST
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अमेठी सिटी। ग्रामीण रोजगार योजना में बुधवार से बड़ा बदलाव लागू हो गया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की जगह विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू हो गई है। नई योजना में ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। साथ ही मजदूरी की दरों में भी वृद्धि की गई है।
नई व्यवस्था लागू होने के बीच आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अब तक जिले के 95,886 सक्रिय जॉब कार्डधारकों में से केवल 16,378 श्रमिकों को ही रोजगार मिल सका है। यानी करीब 17 प्रतिशत सक्रिय श्रमिक ही योजना से जुड़ पाए हैं।
जामो ब्लॉक में सर्वाधिक 3,034 और अमेठी ब्लॉक में सबसे कम 310 श्रमिकों को रोजगार मिला है। मनरेगा के दौरान जिले में 252 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी, जबकि निजी क्षेत्र में 400 रुपये या उससे अधिक मजदूरी आसानी से मिलने के कारण श्रमिकों का रुझान दूसरी ओर बढ़ा है। बढ़ते शहरीकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से भी योजना में काम मांगने वालों की संख्या घटी है।
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उपायुक्त शेर बहादुर सिंह ने बताया कि काम की मांग करने वाले सभी पात्र जॉब कार्डधारकों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के प्रभावी संचालन के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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श्रमिक कम होने की प्रमुख वजहें
-मनरेगा में 252 रुपये प्रतिदिन, जबकि निजी क्षेत्र में 400 रुपये या उससे अधिक मजदूरी।
-बढ़ते शहरीकरण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े।
-ग्रामीण क्षेत्रों के लोग छोटे व्यवसाय और निजी रोजगार की ओर बढ़ रहे हैं।
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ब्लॉकवार रोजगार की स्थिति (अप्रैल से अब तक)
ब्लॉक - सक्रिय जॉब कार्ड - रोजगार पाने वाले श्रमिक
अमेठी - 5,331 - 310
बहादुरपुर- 4,661 - 862
भादर - 6,751- 524
भेंटुआ- 6,663 - 1,207
गौरीगंज - 7,184- 1,611
जगदीशपुर- 7,229- 774
जामों - 11,843- 3,034
मुसाफिरखाना- 9,592- 2,390
संग्रामपुर - 3,944 - 446
शाहगढ़ - 5,387- 494
बाजारशुकुल - 8,425- 1,618
सिंहपुर - 9,974- 1,929
तिलोई - 8,902- 1,179
कुल- 95,886- 16,378
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नई व्यवस्था लागू होने के बीच आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अब तक जिले के 95,886 सक्रिय जॉब कार्डधारकों में से केवल 16,378 श्रमिकों को ही रोजगार मिल सका है। यानी करीब 17 प्रतिशत सक्रिय श्रमिक ही योजना से जुड़ पाए हैं।
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जामो ब्लॉक में सर्वाधिक 3,034 और अमेठी ब्लॉक में सबसे कम 310 श्रमिकों को रोजगार मिला है। मनरेगा के दौरान जिले में 252 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी, जबकि निजी क्षेत्र में 400 रुपये या उससे अधिक मजदूरी आसानी से मिलने के कारण श्रमिकों का रुझान दूसरी ओर बढ़ा है। बढ़ते शहरीकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से भी योजना में काम मांगने वालों की संख्या घटी है।
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उपायुक्त शेर बहादुर सिंह ने बताया कि काम की मांग करने वाले सभी पात्र जॉब कार्डधारकों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के प्रभावी संचालन के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
श्रमिक कम होने की प्रमुख वजहें
-मनरेगा में 252 रुपये प्रतिदिन, जबकि निजी क्षेत्र में 400 रुपये या उससे अधिक मजदूरी।
-बढ़ते शहरीकरण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े।
-ग्रामीण क्षेत्रों के लोग छोटे व्यवसाय और निजी रोजगार की ओर बढ़ रहे हैं।
ब्लॉकवार रोजगार की स्थिति (अप्रैल से अब तक)
ब्लॉक - सक्रिय जॉब कार्ड - रोजगार पाने वाले श्रमिक
अमेठी - 5,331 - 310
बहादुरपुर- 4,661 - 862
भादर - 6,751- 524
भेंटुआ- 6,663 - 1,207
गौरीगंज - 7,184- 1,611
जगदीशपुर- 7,229- 774
जामों - 11,843- 3,034
मुसाफिरखाना- 9,592- 2,390
संग्रामपुर - 3,944 - 446
शाहगढ़ - 5,387- 494
बाजारशुकुल - 8,425- 1,618
सिंहपुर - 9,974- 1,929
तिलोई - 8,902- 1,179
कुल- 95,886- 16,378