मोबाइल न कंप्यूटर, कैसे होगी ऑनलाइन पढ़ाई
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दूसरी ओर राज्य विश्वविद्यालय और इसके संघटक 664 महाविद्यालयों ने भी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू किया है। राज्य विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पाठ्यक्रम अपलोड कर दिए गए हैं। साथ ही यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और राज्य विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना है कि लॉक डाउन समाप्त होने के बाद सेमेस्टर परीक्षाएं तत्काल शुरू करा दी जाएं ताकि नए सत्र की समय से शुरुआत हो सके और लॉक डाउन के बाद कक्षाओं के संचालन में समय व्यर्थ ना हो।
हालांकि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय और राज्य विश्वविद्यालय में तकरीबन 50 फीसदी छात्र ग्रामीण इलाकों से आते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इन विद्यार्थियों के पास न तो स्मार्ट फोन है और न ही कंप्यूटर की सुविधा है।
ऐसे में इन छात्र-छात्राओं के लिए ई-लर्निंग का कोई महत्व नहीं रह गया है। अगर लॉक डाउन के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कक्षाओं का संचालन नहीं होता है और सीधे परीक्षाएं कराई जाती हैं तो ऐसे छात्र-छात्राओं को नुकसान होगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि लॉक डाउन के बाद विश्वविद्यालयों में कक्षाओं का संचालन होना चाहिए और जब यह सुनिश्चित हो जाए कि सभी विद्यार्थियों का कोर्स पूरा करा ल लिया गया है, उसके बाद ही परीक्षाएं कराई जानी चाहिए।