शहर के करेली इलाके में रविवार सुबह जमातियों पर टिप्पणी को लेकर हुए विवाद में लौटन निषाद (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात बक्खीमोढ़ा इलाके में तब हुई, जब वह घर के बाहर स्थित दुकान पर खड़े होकर कुछ युवकों के साथ बात कर रहा था। हत्या के एक आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि एक अन्य आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा। परिजनों की तहरीर पर 10 नामजद समेत 17 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। उधर गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
Prayagraj: जमातियों पर टिप्पणी के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या, तनाव के चलते पुलिस छावनी में तब्दील हुआ पूरा इलाका
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लौटन पुत्र तुलसी निषाद करेली के बख्शीमोढ़ा गांव का रहने वाला था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार सुबह 9:00 बजे के करीब वह घर के सामने स्थित किराने की दुकान पर खड़ा होकर अखबार पढ़ रहा था। इसी दौरान वहां गांव के पहुंचे कुछ लोगों से वह बातचीत करने लगा। कोरोना से शुरू हुई चर्चा कुछ देर बाद जमातियों तक पहुंच गई। आरोप है कि इस पर गांव के ही सोना पुत्र कदीर ने गाली गलौज करते हुए विवाद शुरू कर दिया। विरोध पर वह धमकी देते हुए चला गया।
हालांकि कुछ ही देर में गांव के ही नौशाद समेत एक दर्जन से ज्यादा लोगों के साथ लाठी डंडा व असलहे से लैस होकर वापस आ धमका। इसके बाद सभी ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए लौटन घर की ओर भागा। लेकिन दरवाजे के पास पहुंचते ही उसे गोली मार दी गई। सिर में गोली लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जिसके बाद हमलावर भाग निकले। हालांकि इस दौरान ग्रामीणों ने एक आरोपी सोना को पकड़ लिया। तब तक सूचना पाकर करेगी थाने की फोर्स पहुंच गई, जिसने उसे हिरासत में ले लिया।
उधर परिजनों से पूछताछ के बाद वारदात में शामिल एक अन्य युवक को भी गांव से ही पकड़ लिया गया। जानकारी पर आईजी केपी सिंह समेत तमाम अफसरों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। इनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित परिवार को पांच लाख की मदद
एडीएम सिटी अशोक कुमार कनौजिया ने बताया कि शासन ने वारदात को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल 5 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। इसके साथ ही लेखपाल से जांच कराई जा रही है। परिवार के पास जमीन होने की स्थिति में कृषक दुर्घटना बीमा योजना और जमीन न होने की स्थिति में आम आदमी बीमा समेत अन्य योजनाओं से परिवार को मदद दिलाई जाएगी।