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एक साल में अखिलेश यादव ने निभाए ये 7 वादे
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 15 Mar 2013 09:48 PM IST
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मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनावों में वादों की झड़ी लगा दी थी। बेरोजगार भत्ता, लैपटॉप, टैबलेट, किसानों की कर्ज माफी और कन्या विद्याधन ऐसे वादे थे जिसे सुनकर जनता ने इन्हें सूबे की कमान सौंप दी।
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39 साल के अखिलेश यादव ने 15 मार्च 2012 को मुख्यमंत्री पद की श्ापथ्ा ली। आज सरकार ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा कर लिया।
इस बीच अखिलेश ने जनता से किए कई वादों को निभाने की कोशिश की, हालांकि उन पर चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने के आरोप भी लगे।
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वादा 1- बेरोजगारी भत्ता
विधानसभा चुनावों में बेरोजगारी भत्ता समाजवादी पार्टी का सबसे लुभावना वादा था। पार्टी ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को सालाना 12 हजार रुपए भत्ता देने का वादा किया।
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कमोबेश्ा ये वादा पूरा भी किया गया, लेकिन बेरोजगारी भत्ते का दावेदार कौन होगा, इसके लिए मानक भी तय कर दिए गए। नतीजतन युवाओं का एक बड़ा हिस्सा भत्ते से वंचित रह गया। भाजपा ने भी सरकार पर चुनिंदा युवाओं को भत्ता देने का आरोप लगाया।
अखिलेश सरकार ने 25 से 40 वर्ष के युवाओं को भत्ता देने की घोषणा की। राज्य सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार प्रदेश में 12 लाख 34 हजार युवकों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए पंजीयन कराया, जिनमें से 11 लाख 74 हजार 64 युवकों को हर महीने एक हजार रुपए का बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है। हालांकि प्रदेश में बेरोजगार युवकों की संख्या 63 लाख से अधिक है।
वादा 2-लैपटॉप
अंग्रेजी और कंप्यूटर की विरोधी रही समाजवादी पार्टी ने इस बार रंग-ढंग बदला। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बारहवीं पास छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देने की घोषणा की।
11 मार्च को लखनऊ में एक भव्य कार्यक्रम में राज्य सरकार ने इसका आगाज भी कर दिया। लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुटी पार्टी ने इस योजना को गेमचेंजर माना। सपा नेताओं ने कहा कि लैपटॉप बांटने की योजना से मध्य वर्ग में पार्टी की छवि बदलेगी।
पहली किस्त में प्रदेश के 10 हजार छात्र-छात्राओं का लैपटॉप बांटे गए। प्रदेश सरकार ने लैपटॉप आपूर्ति का ठेका अमेरिकन कंपनी एचपी को सौंपा। कंपनी 2800 करोड़ रुपए में 15 लाख लैपटॉप की आपूर्ति करेगी।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने दावा किया कि प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही खरीद दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ी लैपटॉप खरीद का आदेश है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार छात्र-छात्राओं को लैपटॉप की उपयोगिता सिखाने के लिए इंटेल और एचपी के विशेषज्ञों द्वारा अध्यापकों को प्रशिक्षण भी दिलाएगी।
साथ ही लैपटॉप में एक साल तक किसी भी तरह की तकनीकी समस्या को ठीक कराने के लिए कंपनी की ओर से तहसील स्तर पर सर्विस सेंटर भी खोले जाएंगे।
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वादा 3- कन्या विद्याधन
इंटरमीडिएट पास छात्राओं को एक मुश्त धन देना समाजवादी पार्टी की पुरानी योजना रही है। मुलायम सिंह यादव ने अपने पिछले मुख्यमंत्रित्व काल में बड़ी संख्या में छात्राओं को कन्या विद्याधन बांटा था।
अखिलेश ने सत्ता संभालने के बाद योजना की दोबारा शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने योजना के तहत बांटी जाने वाली राशि भी बढ़ा दी। पहले बारहवीं पास छात्राओं को कन्या विद्याधन के तहत 20 हजार रुपए बांटे जाते थे, अखिलेश यादव ने इसे बढ़ाकर 30 हजार कर दिया।
मुख्यमंत्री ने सितंबर महीने में बुंदेलखंड में योजना का आगाज किया। हालांकि कन्या विद्याधन के तहत छात्राओं के चयन पर जरूर सवाल उठे।
वादा 4- कर्ज माफी
समाजवादी पार्टी ने विधानसभा चुनावों में किसानों को रिझाने के लिए कर्ज माफी की घोषणा की। केंद्र की यूपीए सरकार द्वारा 2008 में की गई कर्ज माफी की तर्ज पर हुई घोषणा का पार्टी को फायदा भी मिला।
हालांकि अखिलेश सत्ता में आने के बाद काफी समय तक इस योजना को टालते रहे। इसकी वजह से उन्हें कई इलाकों में किसानों के रोष का सामना भी करना पड़ा।
अंततः 22 नवंबर को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर उन्होंने किसानों के पचास हजार रुपए तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की। संभावना जताई गई है कि इस योजना से 7 लाख 20 हजार किसानों को फायदा होगा।
हालांकि इस योजना में भी अखिलेश सरकार ने इतनी शर्तें लगा दी कि आधिकांश किसान इससे वंचित रह गए।
वादा 5: एंबुलेंस सेवा
अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान जिला स्तर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का वादा किया था। वादे के मुताबिक उन्होंने प्रदेश में समाजवादी एबुंलेंस सेवा की शुरुआत की।
फिलहाल प्रदेश में अगले तीन महीने में एक हजार नई एंबुलेंस चलाने की योजना है। सरकार ने योजना गर्भवती महिलाओं को ध्यान में रखकर शुरु की है।
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के मुताबिक, पिछले छह महीने में प्रदेश में 988 एंबुलेंस के जरिए 2.70 लाख मरीजों को अस्पतालों तक लाया गया। इन एंबुलेंस में 1,374 डिलीवरी भी हुई।
वादा 6: सिंचाई
खेती किसानी के मोर्चे पर भी अखिलेश सरकार ने काम करने की कोशिश की। प्रदेश में किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए नलकूपों की स्थापना की घोषणा हुई।
विधानसभा में सिंचाई विभाग के बजट पर विपक्ष के कई विधायकों ने सरकार को बधाई दी। कहा कि बहुत दिनों बाद नहरों में टेल तक (अंतिम छोर तक) पानी दिखाई दिया, पर इसे बरकरार रखने की जरूरत है।
सरकार ने प्रदेश में लगभग 3000 नए नलकूपों की स्थापना की घोषणा की।
वादा 7: लड़कियों की शिक्षा
अखिलेश सरकार ने कन्या विद्याधन के साथ ही छात्राओं को साइकिल देने की योजना की एक बार फिर शुरुआत की। इसके साथ्ा ही 10वीं पास लड़कियों के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर ‘पढ़ें बेटियां-बढ़ें बेटिया’ योजना शुरू की गई, हालांकि इस योजना के लिए सीमित राशि का प्रबंध किया गया था, लिहाजा इसका लाभ सभी लड़कियों को नहीं मिला।
चूंकि योजना में लाभार्थियों की संख्या सीमित रही, ऐसे में इसके लिए चयन को लेकर सवाल भी उठे। कई क्षेत्रों में विरोध का सामना करना पड़ा।
अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार ने 10वीं पास बेटियों के लिए शुरू की गई योजना को वापस लेकर भी विवाद का एक और मोर्चा खोल दिया।
इसी तरह 12वीं पास अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए ‘हमारी बेटियां उसका कल’ योजना बनाई गई, लेकिन इस योजना की राशि भी सीमित होने से इस वर्ग की सभी छात्राओं को इसका लाभ मिलने की गारंटी नहीं रही। जाहिर है ऐसे में अल्पसंख्यकों के एक तबके में इस योजना को लेकर नाराजगी भी है।